Tesco India के CEO सुमित मित्रा ने कंपनी की वर्कफोर्स स्ट्रेटेजी में बड़े बदलाव का ऐलान किया है। अब कंपनी पारंपरिक 'हेडकाउंट' यानी कर्मचारियों की कुल संख्या पर फोकस करने के बजाय 'स्किल काउंट' यानी कर्मचारियों की स्किल्स (योग्यता) पर जोर देगी। CEO मित्रा के मुताबिक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के साथ काम का भविष्य इंसानों और मशीनों के बीच तालमेल से तय होगा। उन्होंने कहा, "अब यह हेडकाउंट के बारे में नहीं है। यह स्किल काउंट के बारे में है, सही टैलेंट को, सही कीमत पर, सही जगह, सही समय पर हायर करना, ताकि सही आउटकम मिल सके।" मित्रा ने इसे टेक सेक्टर में हो रही छंटनी (layoffs) से अलग बताया, जिसे वे 'रैंडम वायलेंस' कहते हैं। Tesco के भारत में करीब 5,500 से 6,000 कर्मचारी काम करते हैं। इस नई स्ट्रैटेजी के तहत, ऑटोमेशन से नौकरियों के जाने के बजाय, भूमिकाओं का विकास होगा। इंसान AI द्वारा जनरेटेड इनसाइट्स को वेरिफाई करने और डेटा की इंटीग्रिटी सुनिश्चित करने का काम करेंगे।
भारत बना ग्लोबल ऑपरेशन का बड़ा केंद्र
यह स्ट्रैटेजिक बदलाव Tesco के भारत में लंबे समय से चले आ रहे इन्वेस्टमेंट का नतीजा है। 2003 में स्थापित, Tesco के भारतीय ऑपरेशंस, जैसे Tesco Business Solutions और Tesco Technology, कंपनी के ग्लोबल रिटेल नेटवर्क की रीढ़ का काम करते हैं। ये स्टोर डिजाइन से लेकर सालाना करीब 60 नए स्टोर लॉन्च करने तक सब कुछ सपोर्ट करते हैं। थर्ड-पार्टी आउटसोर्सिंग के बजाय, अपने 15-एकड़ के बेंगलुरु कैंपस के साथ, Tesco ने अपनी स्पेशलाइज्ड कैपेबिलिटीज को खुद डेवलप किया है। कंपनी की वर्तमान योजना 300 से 400 नई भूमिकाएं जोड़ने की है, जबकि कुल कर्मचारियों की संख्या स्थिर रखी जाएगी। AI रूटीन कामों जैसे रिकंसिलिएशन और सप्लायर पेमेंट्स को ऑटोमेट कर रहा है, जिससे मानव संसाधनों को अधिक जटिल आश्वासन (assurance) और ओवरसाइट फंक्शन्स की ओर रीडायरेक्ट किया जा रहा है। यह स्थापित ऑपरेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर AI क्षमताओं को इंटीग्रेट करने में कंपनी को एक बड़ा फायदा देता है।
मार्केट और सेक्टर की चाल
दुनिया भर में रिटेलर्स ऑपरेशनल एफिशिएंसी के लिए AI का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं। कॉम्पिटिटर्स वर्कफोर्स मैनेजमेंट, डिमांड फोरकास्टिंग और कस्टमर एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने के लिए AI का सहारा ले रहे हैं। Microsoft और Google जैसी बड़ी टेक कंपनियां रिटेल सेक्टर को AI सॉल्यूशंस मुहैया करा रही हैं। जहां कई सॉफ्टवेयर कंपनियां AI से खतरे में दिख रही हैं, वहीं Tesco जैसी स्थापित रिटेल कंपनियां AI का इस्तेमाल लॉजिस्टिक्स को ऑप्टिमाइज़ करने, कस्टमर डेटा का विश्लेषण करने और लागत कम करने में कर सकती हैं। इस रेजिलिएंस का असर Tesco के शेयर प्राइस में भी दिखा, जो फरवरी 2026 से पहले के हफ्तों में करीब 10% भागा। वहीं, भारतीय IT सेक्टर में भी AI सर्विसेज की बदौलत रिकवरी के संकेत दिख रहे हैं, जिसमें 2026 में IT सर्विसेज पर खर्च 11.1% बढ़ने का अनुमान है। हालांकि, ग्लोबल इकोनॉमिक अनिश्चितताएं और फॉरेन इन्वेस्टमेंट का आउटफ्लो जैसी चुनौतियां भी बनी हुई हैं।
एनालिस्ट्स का नज़रिया और रिस्क
हाल के दिनों में एनालिस्ट्स के बीच राय बंटी हुई है। Zacks Research ने जनवरी 2026 में Tesco को 'स्ट्रांग सेल' रेटिंग दी, जबकि अन्य फर्मों ने 'बाय' की सलाह बरकरार रखी है। कुल मिलाकर, एनालिस्ट्स की रेटिंग 'मॉडरेट बाय' है। कंपनी की 'स्किल काउंट' पर फोकस करने की स्ट्रेटेजी को इंडस्ट्री में चल रही छंटनी के मुकाबले एक डिफेंसिव कदम के तौर पर देखा जा सकता है, जो अंदरूनी दबावों को छुपा भी सकती है। Tesco ने यूके मार्केट में 28 महीनों से अपनी लीडिंग पोजीशन बनाए रखी है। हालांकि, स्पेशलाइज्ड IT प्रोवाइजर्स की तुलना में टेक्नोलॉजी और ऑपरेशंस सर्विसेज सेक्टर में इसकी कॉम्पिटिटिव स्ट्रेंथ पर अभी भी सवाल हैं। कंपनी का P/E रेश्यो (TTM) करीब 19.0x से 19.66x है, जो ग्रोसरी बिजनेस के लिए ऐतिहासिक रूप से ऊंचा है। फॉरवर्ड P/E 14.48x या 14x बताता है कि इन्वेस्टर्स पहले से ही फ्यूचर ग्रोथ को प्राइस इन कर चुके हैं। AI में भारी इन्वेस्टमेंट से ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ सकती है और बड़ी वर्कफोर्स को लगातार बदलते AI स्किल्स के अनुकूल ढालने की चुनौती बनी रहेगी।
आगे का आउटलुक
एनालिस्ट्स का नजरिया सावधानी भरा बना हुआ है। कंसेंसस के अनुसार, एक साल का प्राइस टारगेट करीब 478 pence है, जो फरवरी 2026 की शुरुआत के स्तरों से लगभग 12.5% की संभावित अपसाइड का संकेत देता है। साथ ही, डिविडेंड यील्ड का भी अनुमान है। Tesco की AI-संचालित एफिशिएंसी पर स्ट्रैटेजिक फोकस और भारत में इसके स्थापित कैप्टिव ऑपरेशंस इसे ग्लोबल ऑपरेशनल बैकबोन को मजबूत करने में मदद करेंगे। यह स्ट्रैटेजी AI-ऑगमेंटेड स्किल्स के इर्द-गिर्द अपनी वर्कफोर्स को ऑप्टिमाइज़ करके, अधिक Disruptive इंडस्ट्री ट्रेंड्स की तुलना में लंबे समय तक चलने वाली रेजिलिएंस की पेशकश कर सकती है।