चौथी तिमाही में भारी वित्तीय चुनौतियों का सामना करने के बावजूद, Tejas Networks ने अपने नतीजों में गंभीर गिरावट दर्ज की है। कंपनी का नेट लॉस बढ़कर ₹211.3 करोड़ हो गया, जो पिछले साल की इसी अवधि के ₹71.8 करोड़ के घाटे से काफी ज़्यादा है। इसी के साथ, कंपनी के रेवेन्यू में 82.6% की भारी गिरावट आई और यह घटकर ₹332.7 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल यह ₹1,906.9 करोड़ था। इंटरेस्ट, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमोर्टाइजेशन से पहले का ऑपरेटिंग प्रॉफिट (EBITDA) भी ₹121.5 करोड़ के मुनाफे से ₹118.2 करोड़ के नुकसान में तब्दील हो गया। तिमाही के रेवेन्यू का एक बड़ा हिस्सा डोमेस्टिक और इंटरनेशनल क्लाइंट्स को बेचे गए वायरलाइन प्रोडक्ट्स से आया। इसके अलावा, कंपनी ने श्रम मंत्रालय द्वारा लागू किए गए नए लेबर कोड के कारण कर्मचारी लाभों (employee benefits) के लिए ₹9.85 करोड़ का प्रोविज़न भी दर्ज किया।
इन नकारात्मक नतीजों के बीच, Tejas Networks की ऑर्डर बुक (Order Book) ने ज़रूर उम्मीद जगाई है। कंपनी की ऑर्डर बुक साल-दर-साल 49% बढ़कर ₹1,514 करोड़ तक पहुँच गई। यह पिछले साल की चौथी तिमाही (Q4 FY25) के ₹1,019 करोड़ और पिछली तिमाही (Q3 FY26) के ₹1,329 करोड़ की तुलना में एक महत्वपूर्ण वृद्धि है। यह मज़बूत ऑर्डर बुक भविष्य के रेवेन्यू की एक ठोस पाइपलाइन का संकेत देती है।
बाज़ार का ध्यान इन नतीजों से हटकर भविष्य की संभावनाओं पर केंद्रित हो गया। इसी का नतीजा है कि Tejas Networks के शेयर बुधवार को 1.65% की तेज़ी के साथ ₹449.85 पर बंद हुए। यह उछाल कंपनी के निराशाजनक वित्तीय प्रदर्शन के बावजूद आई, क्योंकि निवेशकों ने ऑर्डर बुक की मज़बूत वृद्धि को ज़्यादा महत्व दिया। शेयर की वर्तमान कीमत ₹450.50 है, जो इसके 52-सप्ताह के उच्चतम स्तर ₹914.50 और निम्नतम स्तर ₹294.10 के बीच कारोबार कर रहा है। इस साल अब तक स्टॉक में -1.58% की मामूली गिरावट दर्ज की गई है।
भारतीय टेलीकॉम उपकरण बाज़ार 5G डिप्लॉयमेंट, फाइबर ऑप्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश और क्लाउड-नेटिव नेटवर्क सॉल्यूशंस की बढ़ती मांग के कारण तेज़ी से बढ़ रहा है। विश्लेषकों का अनुमान है कि यह बाज़ार काफी विस्तार करेगा।
हालाँकि, Tejas Networks की वित्तीय स्थिति कुछ चिंताएँ पैदा करती है। कंपनी का निगेटिव ट्रेलिंग ट्वेल्व-मंथ प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो -10.21 है, जो इसके मौजूदा नुकसान को दर्शाता है। इसका डेट-टू-इक्विटी रेश्यो 0.89 है, जो इंडस्ट्री की औसत से ज़्यादा है। पिछले तीन सालों में रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) भी महज़ 5.25% रहा है। कंपनी के डेटर्स की वसूली में औसतन 182 दिन लग रहे हैं, और BSNL 4G/5G जैसे प्रमुख प्रोजेक्ट्स का पूरा होना, आने वाले फाइनेंशियल ईयर (FY26) के लिए रेवेन्यू पर असर डाल सकता है। इसके अतिरिक्त, पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) में ₹181 करोड़ के इन्वेंटरी राइट-डाउन (inventory write-downs) भी इन्वेंटरी प्रबंधन (inventory management) में संभावित कमज़ोरियों को उजागर करते हैं।
इन चुनौतियों के बावजूद, विश्लेषकों का नज़रिया सकारात्मक बना हुआ है। नौ विश्लेषकों में से अधिकांश Tejas Networks के शेयर पर 'Buy' रेटिंग दे रहे हैं, जिनका औसत 12-महीने का प्राइस टारगेट ₹1,122 है, जो मौजूदा स्तरों से 153.02% की ज़बरदस्त उछाल का संकेत देता है। हालांकि, एक ब्रोकरेज फर्म ने 'Hold' रेटिंग और ₹510.25 का टारगेट प्राइस दिया है। कंपनी का NEC के साथ स्ट्रेटेजिक सहयोग और विस्तृत प्रोडक्ट पोर्टफोलियो इसे वैश्विक बाज़ार में विकास के लिए अच्छी स्थिति में रखता है।