NEC पार्टनरशिप से ग्लोबल महत्वाकांक्षाओं को पंख
Tejas Networks के शेयर आज ₹429.15 के स्तर पर जा पहुंचे, जो पिछले इंट्रा-डे के मुकाबले करीब 15% की जोरदार चढ़त दिखाता है। यह तेजी पिछले दो दिनों में 35% के इजाफे के बाद आई है, और इसका मुख्य कारण जापान की NEC Corporation के साथ हुआ नया मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई एग्रीमेंट है।
यह साझेदारी सिर्फ प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि ग्लोबल सप्लाई चेन को डाइवर्सिफाई करने और अगली पीढ़ी के 5G-Advanced सॉल्यूशंस में इनोवेशन को रफ्तार देने की एक स्ट्रैटेजिक चाल मानी जा रही है। कंपनी का मैनेजमेंट इस पार्टनरशिप का फायदा उठाकर दुनिया भर के मोबाइल नेटवर्क्स में अपनी मौजूदगी बढ़ाना चाहता है। यह इंटरनेशनल एंगेजमेंट Tejas Networks के 4G और 5G Radio Access Network (RAN) इक्विपमेंट के लिए चल रही पायलट प्रोजेक्ट्स को भी बल देगी, जो जल्द ही कमर्शियल डील्स में बदल सकती हैं।
डोमेस्टिक प्रोजेक्ट्स और मार्केट की मजबूती
NEC के अलावा, Tejas Networks ने देश में भी कई अहम प्रोजेक्ट्स जीते हैं। इनमें दिल्ली-मुंबई रेलवे कॉरिडोर पर 'कवच' प्रोजेक्ट के लिए 5G RAN सप्लायर चुना जाना और भारत में इंडस्ट्रियल एप्लीकेशंस के लिए कई प्राइवेट 5G डिप्लॉयमेंट शामिल हैं। कंपनी भारतनेट (BharatNet) के लिए भी लीडिंग सप्लायर बनी हुई है और बड़े इंडियन टेलिकॉम ऑपरेटर्स से WDM और GPON इक्विपमेंट के लिए एक्सपैंशन ऑर्डर मिले हैं।
भविष्य में कनेक्टिविटी की डिमांड मजबूत रहने की उम्मीद है। AI एप्लीकेशंस की वजह से डेटा की खपत बढ़ रही है, जिससे कंपनी के ऑप्टिकल प्रोडक्ट्स की मांग बढ़ रही है। भारतीय टेलीकॉम इक्विपमेंट मार्केट में भी तगड़ी ग्रोथ का अनुमान है, जो FY2032 तक USD 49.7 बिलियन तक पहुंच सकता है, यानी FY2025 से FY2032 के दौरान 10.41% की CAGR से बढ़ेगा।
वैल्यूएशन की पेचीदगियां और चुनौतियां
इस मौजूदा उछाल के बावजूद, Tejas Networks का वैल्यूएशन जटिल बना हुआ है। फरवरी 2026 के आखिर तक, शेयर की कीमत करीब ₹425 और मार्केट कैप लगभग ₹7,548 करोड़ थी। हालांकि, कंपनी का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो निगेटिव है, जो पिछले बारह महीनों में मुनाफे की कमी को दर्शाता है। इसकी तुलना में, Indus Towers जैसी कंपनियों का मार्केट कैप ₹121,000 करोड़ से ज्यादा है और P/E करीब 17.06 है।
Tejas Networks ने रेवेन्यू में तो अच्छी ग्रोथ दिखाई है (मार्च 2023 में ₹919 करोड़ से बढ़कर मार्च 2025 में ₹8,923 करोड़), लेकिन अर्निंग्स प्रति शेयर (EPS) वोलेटाइल रही है और R&D में भारी निवेश व एक-टाइम खर्चों के कारण मुनाफे पर असर पड़ा है। कंपनी का 52-हफ्ते का स्टॉक परफॉरमेंस भी चुनौतीपूर्ण रहा है, हालिया उछाल से पहले इसमें बड़ी गिरावट देखी गई थी।
'Strong Sell' रेटिंग और बाकी जोखिम
इन सबके बीच, 2026 की शुरुआत में आई कई एनालिस्ट रिपोर्ट्स में Tejas Networks को 'Strong Sell' रेटिंग दी गई थी, जो मौजूदा मार्केट की तेजी के बिल्कुल उलट है। कंपनी का निगेटिव P/E रेश्यो और पिछले घाटे, रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद, टर्नअराउंड की सस्टेनेबिलिटी पर सवाल उठाते हैं।
BSNL के 4G ऐड-ऑन साइट्स के बड़े ऑर्डर में देरी भी एक बड़ी ऑपरेशनल बाधा है। कंपनी पर लगभग ₹3,269 करोड़ का भारी कर्ज है। साथ ही, हाई डेटर्स (182 दिन) और इन्वेंटरी मैनेजमेंट की दिक्कतें भी बनी हुई हैं। 5G RAN इक्विपमेंट के ग्लोबल मार्केट में टॉप सप्लायर्स की हिस्सेदारी 96% है (2025 के आखिर तक), जिससे Tejas Networks की निर्भरता खास डोमेस्टिक ऑर्डर्स पर अधिक दिखती है।
भविष्य की उम्मीदें और एनालिस्ट्स का अनुमान
इन जोखिमों के बावजूद, कंपनी का मैनेजमेंट लॉन्ग-टर्म आउटलुक को लेकर पॉजिटिव है। टाटा ग्रुप के साथ स्ट्रैटेजिक अलाइनमेंट और सरकारी योजनाओं (जैसे PLI स्कीम) का सपोर्ट एक मजबूत आधार प्रदान करता है। कुछ एनालिस्ट्स ने ₹780 का टारगेट प्राइस सुझाया है, जो 110% से ज्यादा का पोटेंशियल अपसाइड दिखाता है। हालांकि, एक एनालिस्ट का कंसेंसस रेटिंग 'न्यूट्रल' है।
भारतीय टेलीकॉम इक्विपमेंट मार्केट और ग्लोबल 5G RAN सेक्टर में लगातार ग्रोथ की उम्मीदें हैं, जो 5G डिप्लॉयमेंट, AI-ट्रिवेन डेटा ट्रैफिक और ओपन RAN आर्किटेक्चर की ओर बढ़ते ट्रेंड से प्रेरित हैं। अगर Tejas Networks एग्जीक्यूशन के जोखिमों को सफलतापूर्वक पार कर लेती है और अपनी स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप्स का फायदा उठा पाती है, तो वह इन बढ़ते मार्केट डायनामिक्स का लाभ उठाने के लिए अच्छी स्थिति में है।