NEC डील ने Tejas Networks के शेयर में फूंकी जान
आज शेयर बाजार में Tejas Networks के शेयरों ने 8% तक की छलांग लगाई, जो दिन के कारोबार में ₹342.55 के ऊपरी स्तर तक पहुंच गए। इस तूफानी तेजी की मुख्य वजह NEC Corporation के साथ हुआ 5G Massive MIMO radios के निर्माण और सप्लाई का एक नया और अहम एग्रीमेंट है। इस साझेदारी का मकसद NEC के ग्लोबल 5G इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना और उसकी सप्लाई चेन को और लचीला बनाना है। Tejas Networks अपनी विशेषज्ञता का उपयोग NEC के वर्ल्डवाइड 5G सॉल्यूशंस के लिए करेगी। यह डील दोनों कंपनियों के बीच फरवरी 2025 में हुए टेक्नोलॉजी कोलैबोरेशन के बाद रिश्ते को और मजबूत करती है। सुबह के कारोबार में यह स्टॉक 5.4% बढ़कर ₹335 पर ट्रेड कर रहा था, जो Nifty Small 100 इंडेक्स में टॉप परफॉमर्स में से एक था।
डील के बावजूद घाटे का आंकड़ा चौंका रहा
जहां एक तरफ NEC के साथ हुई यह डील भविष्य के ग्रोथ और टेक्नोलॉजी में भरोसे को बढ़ा रही है, वहीं कंपनी के हालिया फाइनेंशियल नतीजे एक अलग और चिंताजनक तस्वीर पेश करते हैं। Tejas Networks ने फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) की तीसरी तिमाही (Q3) में ₹196.55 करोड़ का भारी नेट लॉस दर्ज किया है। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को ₹165.67 करोड़ का नेट प्रॉफिट हुआ था। कंपनी के रेवेन्यू में 88% की भारी गिरावट देखी गई, जो घटकर ₹306.79 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल यह ₹2,642.24 करोड़ था। यह लगातार दूसरा मौका है जब कंपनी को तिमाही नतीजों में घाटा हुआ है। पिछले नौ महीनों (31 दिसंबर 2025 तक) में कंपनी का कुल घाटा ₹697.55 करोड़ रहा है और रेवेन्यू में 89% की भारी कमी आई है।
कर्ज, इन्वेंटरी और ऑर्डर टलने से कंपनी परेशान
इस डील की चमक के पीछे, कंपनी की ऑपरेशनल और फाइनेंशियल मुश्किलें छिपी हुई हैं। एक बड़ी वजह सरकारी कंपनी BSNL से ₹1,526 करोड़ का एक बड़ा ऑर्डर (18,000 साइट्स के लिए) जो फिलहाल टल गया है। इस वजह से कंपनी के पास ₹2,363 करोड़ का इन्वेंटरी (माल का स्टॉक) जमा हो गया है, जिससे कंपनी के वर्किंग कैपिटल और लिक्विडिटी पर असर पड़ा है। हालांकि, कंपनी का नेट डेट पिछले तिमाही के ₹3,738 करोड़ से घटकर ₹3,349 करोड़ हो गया है, लेकिन यह आंकड़ा अभी भी काफी बड़ा है। कंपनी को बड़े फाइनेंस कॉस्ट (वित्त लागत) और डेप्रिसिएशन (मूल्यह्रास) का भी बोझ उठाना पड़ रहा है, जो सीधे प्रॉफिट पर असर डाल रहे हैं। कंपनी के पास ₹1,329 करोड़ की ऑर्डर बुक तो है, लेकिन इसे मुनाफे में बदलना सबसे बड़ी चुनौती है।
मार्केट में पैठ और बढ़ती प्रतिस्पर्धा
भारत का टेलीकॉम इक्विपमेंट मार्केट तेजी से बढ़ रहा है, जिसके 2033 तक $34.74 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। 5G नेटवर्क का विस्तार, डेटा की बढ़ती खपत और सरकार की 'मेक इन इंडिया' जैसी पहलें इसे बढ़ावा दे रही हैं। Tejas Networks इस सेक्टर में एक जाना-माना नाम है, खासकर ऑप्टिकल नेटवर्किंग में। हालांकि, इसे Nokia, Huawei जैसी ग्लोबल दिग्गजों और HFCL, STL जैसे घरेलू प्रतिद्वंद्वियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है।
एनालिस्ट्स की राय: उम्मीदें और चुनौतियां
इन सब के बावजूद, कुछ एनालिस्ट Tejas Networks को लेकर थोड़ा पॉजिटिव रुख दिखा रहे हैं। कुछ का टारगेट प्राइस ₹360 से ₹365 के बीच है और वे सलाह दे रहे हैं कि शेयर की कीमतों में गिरावट आने पर खरीदा जाए। वहीं, कुछ अन्य एनालिस्ट्स का एवरेज टारगेट प्राइस ₹1,122 के आसपास है और वे 'Buy' की रेटिंग दे रहे हैं। दूसरी ओर, कुछ का व्यू 'Neutral' है और टारगेट ₹780 है। ये उम्मीदें भारत में स्वदेशी टेलीकॉम हार्डवेयर को बढ़ावा मिलने, 5G रोलआउट और एक्सपोर्ट बढ़ने जैसी लंबी अवधि की संभावनाओं पर आधारित हैं। हालांकि, निवेशकों को अभी कंपनी की मौजूदा प्रॉफिटेबिलिटी की चिंताओं और इन उम्मीदों को हकीकत में बदलने की चुनौती पर ध्यान देना होगा।