छंटनी की खबरों पर TechM का सीधा जवाब
Tech Mahindra ने उन बाजार की अफवाहों का खंडन किया है जिनमें कहा जा रहा था कि कंपनी बड़े पैमाने पर छंटनी करने वाली है। सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट में यहां तक दावा किया गया था कि 30,000 कर्मचारियों की नौकरी जा सकती है। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंजों को दी गई एक रिपोर्ट में साफ किया है कि "ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है"। यह सीधा जवाब ऐसे समय में आया है जब टेक्नोलॉजी सेक्टर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के कारण नौकरी की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं और IT सर्विस फर्मों में कर्मचारियों की प्रोडक्टिविटी (Productivity) बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
AI: प्रोडक्टिविटी बढ़ाएगा, नौकरी नहीं छीनेगा
नौकरी जाने के डर के उलट, कंपनी के CEO मोहित जोशी AI को भविष्य के ग्रोथ और एफिशिएंसी (Efficiency) का मुख्य इंजन मानते हैं। जोशी का मानना है कि कंपनी AI के युग के लिए खुद को तैयार कर रही है। AI कर्मचारियों से डेवलपमेंट और सपोर्ट दोनों फंक्शन्स में ज्यादा प्रोडक्टिविटी की उम्मीद जगाता है। इंडस्ट्री रिपोर्ट्स भी बताती हैं कि GenAI और Agentic AI का इस्तेमाल करके 15-35% तक एफिशिएंसी बढ़ाई जा सकती है। कंपनी का कहना है कि भूमिकाएं भले ही बदलें, लेकिन बड़े पैमाने पर नौकरियां नहीं जाएंगी। बल्कि, फोकस वर्कफोर्स ट्रांसफॉर्मेशन और री-स्किलिंग (Re-skilling) पर है।
हेडकाउंट में मामूली कमी, पर रणनीतिक बदलाव
Tech Mahindra ने हाल ही में फाइनेंशियल ईयर 26 (FY26) की दूसरी तिमाही (Q2) में अपने कुल हेडकाउंट (Headcount) में पिछली तिमाही और पिछले साल की तुलना में मामूली गिरावट दर्ज की थी। CEO मोहित जोशी ने इस 2-3% की कमी को "कोई बड़ी गिरावट" नहीं बताया है। यह दिखाता है कि कंपनी व्यापक छंटनी के बजाय वर्कफोर्स मैनेजमेंट के प्रति एक व्यावहारिक तरीका अपना रही है। IT सर्विस सेक्टर में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है, और AI के संभावित असर के कारण कंपनियों के स्टॉक की कीमतों में भी हलचल देखी गई है।
कॉम्पिटिशन और भविष्य की राह
Tech Mahindra, TCS, Infosys, Wipro जैसी बड़ी भारतीय IT कंपनियों के साथ-साथ Accenture और IBM जैसे ग्लोबल प्लेयर्स के साथ कड़ी प्रतिस्पर्धा में है। कुछ प्रतिस्पर्धियों ने हाल ही में वर्कफोर्स एडजस्टमेंट (Workforce Adjustment) की घोषणा की है, जिससे सेक्टर में थोड़ी घबराहट है। हालांकि, एनालिस्ट्स (Analysts) का मानना है कि AI नियर-टर्म अनिश्चितता पैदा कर सकता है, लेकिन यह आखिरकार भारतीय IT फर्मों के लिए टोटल एड्रेसेबल मार्केट (TAM) का विस्तार करेगा। Tech Mahindra का मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalization) करीब ₹1.30 ट्रिलियन है और P/E Ratio लगभग 25-28x के आसपास है, जो इंडस्ट्री एवरेज 19.6x से थोड़ा ऊपर है लेकिन पियर्स ग्रुप (Peer Group) में प्रतिस्पर्धी है। कंपनी का डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, क्लाउड और AI पर फोकस उसे भविष्य में मजबूत स्थिति में ला सकता है।
AI का रिस्क और कंपनी की चुनौतियां
कंपनी के इनकार और AI को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण के बावजूद, कुछ जोखिम बने हुए हैं। AI ऑटोमेशन से नौकरियों के विस्थापन (Displacement) की वैश्विक संभावनाओं को पूरी तरह से नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, क्योंकि 2030 तक 300 मिलियन तक नौकरियां AI से प्रभावित हो सकती हैं। कॉस्ट-कटिंग (Cost-cutting) के लिए छंटनी एक बड़ा फैक्टर है। अगर AI को अपनाने की रफ्तार वर्कफोर्स के अनुकूलन से तेज निकली, तो इससे मार्जिन कम हो सकता है। साथ ही, भारत में AI टूल्स तक पहुंच और उनके दैनिक उपयोग के बीच एक बड़ा अंतर है, जो AI को वर्कफ्लो में एकीकृत करने में चुनौती पेश कर सकता है। कंपनी की पिछले पांच वर्षों की कमजोर सेल्स ग्रोथ और तीन वर्षों का कम रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) भी ऐसी संरचनात्मक कमजोरियां हैं जिन पर AI जैसे तेज तकनीकी बदलावों के दौर में ध्यान देना होगा।