रिकॉर्ड डिविडेंड और दमदार नतीजे
Tech Mahindra ने हाल ही में अपने शेयरधारकों के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) के लिए कुल ₹51 प्रति शेयर का रिकॉर्ड डिविडेंड (Dividend) घोषित किया है। यह घोषणा कंपनी के मजबूत चौथी तिमाही (Q4) के नतीजों के साथ आई, जहां नेट प्रॉफिट (Net Profit) में 16% की जोरदार सालाना बढ़ोतरी (YoY) दर्ज की गई और यह ₹1,353 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) भी 12% से अधिक बढ़कर ₹15,076 करोड़ रहा। EBITDA में भी 37% का प्रभावशाली इजाफा देखने को मिला।
शेयर क्यों गिरा? AI का बढ़ता डर
इतने शानदार नतीजों और रिकॉर्ड डिविडेंड के बावजूद, Tech Mahindra के शेयर में आज 2% से ज्यादा की गिरावट देखी गई। इस गिरावट का मुख्य कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर पूरे IT सेक्टर में छाई चिंता है। निवेशकों को डर है कि AI से ऑटोमेशन बढ़ेगा, जिससे पारंपरिक IT सेवाओं से होने वाली कमाई घट सकती है और बिजनेस मॉडल पर गहरा असर पड़ सकता है। Nifty IT इंडेक्स में भी हाल के दिनों में नरमी देखी गई है, जो सेक्टर की इस परेशानी को दर्शाती है।
महंगा वैल्यूएशन और साथियों से तुलना
AI की चिंताओं के अलावा, Tech Mahindra का मौजूदा वैल्यूएशन (Valuation) भी एक अहम वजह है। कंपनी का P/E Ratio लगभग 31.77 है, जो Infosys (लगभग 18.3-19.0) और Wipro (लगभग 15.5-16.8) जैसे बड़े भारतीय IT दिग्गजों की तुलना में काफी अधिक है। HCLTech का P/E Ratio भी लगभग 22.3-23.7 है। यह वैल्यूएशन गैप, सेक्टर की हेडविंड्स (Headwinds) के साथ मिलकर, निवेशकों को स्टॉक से दूर रहने पर मजबूर कर रहा है।
विश्लेषकों की मिली-जुली राय और टैलेंट की चुनौती
विश्लेषकों (Analysts) की राय इस शेयर पर बंटी हुई है। कुछ ब्रोकरेज फर्म्स (Brokerage Firms) ने 'Buy' रेटिंग और ₹1,600-₹1,700 का टारगेट प्राइस दिया है, जो कुछ हद तक संभावित तेजी का संकेत देता है। हालांकि, कुछ ने सतर्क रुख अपनाया है। उदाहरण के लिए, Jefferies ने अप्रैल 2026 की शुरुआत में ₹1,080 का टारगेट प्राइस देते हुए 'Underperform' रेटिंग दी थी। कंपनी की 12.1% की सालाना एट्रिशन रेट (Attrition Rate) भी चिंता का विषय है, जो प्रतिस्पर्धी बाजार में टैलेंट को बनाए रखने में संभावित चुनौतियों की ओर इशारा करती है।
