Q4 FY26 में Tech Mahindra के ऑपरेशनल नंबर्स तो दमदार दिखे, लेकिन शेयर बाजार में कंपनी का स्टॉक निवेशकों की चिंताओं के कारण दबाव में आ गया। कंपनी ने 20.7% की तिमाही बढ़त के साथ ₹1,353.8 करोड़ का नेट प्रॉफिट और 4.7% की ग्रोथ के साथ ₹15,076 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया। EBIT में भी 10.2% का इजाफा हुआ, जो ₹2,084 करोड़ पर पहुंचा, और EBIT मार्जिन 13.8% रहा। कंपनी ने $1 बिलियन से ज्यादा की कुल डील हासिल कीं, जिसमें नई डील्स $1,073 मिलियन की थीं। FY26 के लिए रिकॉर्ड ₹51 प्रति शेयर का डिविडेंड भी घोषित किया गया।
हालांकि, इन मजबूत आंकड़ों के बावजूद, शेयर की कीमत में गिरावट देखी गई। इसका एक बड़ा कारण कंपनी का वैल्यूएशन है, जो अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में काफी ज्यादा है। Tech Mahindra का TTM (trailing twelve months) P/E रेश्यो लगभग 29.5x है, जबकि Infosys का ~18.3x, Wipro का ~16.2x, और TCS का ~19.2x है। यह इंडस्ट्री के औसत P/E 22.08x से काफी ऊपर है, और कंपनी का मौजूदा P/E 31.77x से 32.08x के दायरे में चल रहा है।
इसके अलावा, AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के IT सेक्टर के पारंपरिक सर्विस रेवेन्यू पर पड़ने वाले संभावित नकारात्मक प्रभाव को लेकर भी बाजार में चिंताएं हैं। 12.1% की ईयर-ओवर-ईयर कर्मचारी छंटनी दर (attrition rate) भी मैनेजमेंट के लिए एक सिरदर्द बनी हुई है।
इन चिंताओं के बीच, मैनेजमेंट का लक्ष्य FY27 तक 15% का EBIT मार्जिन हासिल करना है। ब्रोकरेज फर्म्स का इस पर मिला-जुला रुख है। Goldman Sachs ने 'Sell' रेटिंग के साथ टारगेट प्राइस ₹1,410 रखा है, जो FY27 के लिए लगभग 3.9% की मामूली रेवेन्यू ग्रोथ और महंगे वैल्यूएशन को दर्शाता है। Jefferies ने 'Underperform' रेटिंग दी है, क्योंकि उनका मानना है कि स्टॉक का वैल्यूएशन प्रीमियम आगे चलकर बड़ी बढ़त की संभावनाओं को सीमित करता है।
