AI की दौड़ और कमजोर आर्थिक संकेत: क्यों आई शेयर बाजार में भारी गिरावट?
ग्लोबल मार्केट से मिले मिक्स्ड संकेतों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में जारी आक्रामक निवेश की दौड़ के बीच, गुरुवार को शेयर बाजार में चौतरफा बिकवाली हावी रही। कमजोर मैक्रो इकोनॉमिक डेटा, खासकर लेबर मार्केट से जुड़ी चिंताएं, और सॉफ्टवेयर व AI सेक्टर में वैल्यूएशन पर बढ़ती शंकाओं ने निवेशकों को सतर्क कर दिया। इस अनिश्चितता के माहौल में, Amazon, Microsoft और Nvidia जैसी दिग्गज टेक कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट देखी गई, क्योंकि निवेशक इनके भारी-भरकम खर्चों और भविष्य की कमाई पर इसके असर का आकलन कर रहे थे।
Amazon का खर्च और AWS की धीमी रफ्तार
Amazon के शेयरों में भारी गिरावट आई, जिसकी वजह सिर्फ कमजोर तिमाही नतीजे ही नहीं थे, बल्कि कंपनी द्वारा $200 बिलियन के बड़े खर्च की घोषणा भी थी। यह कदम, पिछले साल की तुलना में 6.05% की स्टॉक प्राइस गिरावट और सप्ताह-दर-सप्ताह 7.67% की गिरावट के साथ, निवेशकों को यह संकेत देता है कि वे धीमी ग्रोथ और घटते मार्जिन के माहौल में बढ़े हुए कैपिटल एक्सपेंडिचर को लेकर चिंतित हैं। जहां Amazon का P/E रेश्यो लगभग 32.9 पर है, वहीं नतीजों में चूक के बीच इस विशाल निवेश की घोषणा को बाजार ने नकारात्मक रूप से लिया। कंपनी के क्लाउड डिवीजन, AWS की ग्रोथ भी Microsoft के Azure और Google Cloud Platform जैसे प्रमुख प्रतिस्पर्धियों की तुलना में धीमी देखी गई, जिससे निवेशकों की चिंताएं बढ़ गईं।
Microsoft के मार्जिन पर दबाव
Microsoft ने भले ही अपने फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही में रेवेन्यू और अर्निंग्स के अनुमानों को पार कर लिया हो, लेकिन इसके बावजूद शेयर में काफी गिरावट आई, जो नतीजों की घोषणा के बाद से लगभग 14% नीचे आ चुका है। यह गिरावट इस बात को दर्शाती है कि बाजार Azure की धीमी ग्रोथ और AI से जुड़े भारी निवेशों को लेकर चिंतित है, जो निकट अवधि के कैश फ्लो और मार्जिन पर दबाव डाल रहे हैं, जो घटकर सिर्फ 68% से थोड़े ऊपर रह गए। लगभग $3.05 ट्रिलियन के मार्केट कैप और 25.7 के P/E रेश्यो के साथ, यह शेयर सालों के निचले स्तर पर कारोबार कर रहा है। बाजार की प्रतिक्रिया से यह साफ है कि मजबूत और विविध टेक दिग्गजों का भी मूल्यांकन अब लाभप्रदता मेट्रिक्स पर सख्ती से किया जा रहा है।
Nvidia की AI बादशाहत को चुनौती
AI की जबरदस्त डिमांड के बावजूद, Nvidia भी दबाव में रहा, जिसके शेयर इस सप्ताह काफी गिरे हैं। हालांकि इसका P/E रेश्यो लगभग 42.7 पर है, जो एक प्रीमियम वैल्यूएशन दर्शाता है, लेकिन कंपनी को भू-राजनीतिक (geopolitical) बाधाओं और डील संबंधी अनिश्चितताओं का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, OpenAI के साथ उसका महत्वपूर्ण AI चिप डील टूटने की कगार पर है, क्योंकि OpenAI विकल्प तलाश रहा है और Nvidia के चिप्स को कम संतोषजनक पा रहा है। इसके अलावा, अमेरिकी सुरक्षा समीक्षाओं के कारण चीन को AI चिप्स की बिक्री रोकी गई है, और चीनी ग्राहक H200 चिप्स ऑर्डर नहीं कर रहे हैं। मेमोरी चिप की कमी और हाई-मार्जिन डेटा सेंटर प्रोडक्ट्स को प्राथमिकता देने के कारण नए गेमिंग ग्राफिक्स कार्ड को छोड़ने का फैसला, इस सेमीकंडक्टर दिग्गज को प्रभावित करने वाली जटिल सप्लाई चेन की गतिशीलता को और उजागर करता है।
मैक्रो इकोनॉमिक headwinds और सेक्टर की हालत
बाजार में आई इस भारी बिकवाली को कमजोर मैक्रो इकोनॉमिक डेटा ने और बढ़ाया। दिसंबर में अमेरिका में जॉब ओपनिंग 2020 के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर आ गईं, जबकि जनवरी में 2009 की ग्रेट रिसेशन के बाद सबसे अधिक जॉब कट्स देखे गए। अनएंप्लॉयमेंट क्लेम्स (बेरोजगारी भत्ते के दावे) भी उम्मीद से ज्यादा बढ़े, जो लेबर मार्केट के ठंडा पड़ने का संकेत दे रहा है। इस आर्थिक कमजोरी, लगभग 98 के करीब पहुंचे मजबूत US डॉलर इंडेक्स और गिरती दो-साल की ट्रेजरी यील्ड्स ने मिलकर 'रिस्क-ऑफ' सेंटिमेंट को बढ़ावा दिया, जिससे चांदी जैसी कीमती धातुओं और बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी में भी भारी गिरावट आई, जो अपने अक्टूबर 2025 के शिखर से लगभग 50% गिर गया। iShares Expanded Tech-Software ETF में 5% की गिरावट ने सेक्टर की व्यापक भेद्यता को दर्शाया।
AI का दोधारी तलवार
Anthropic द्वारा वित्तीय रिसर्च और लीगल सर्विसेज के लिए डिज़ाइन किए गए नए AI मॉडल के लॉन्च ने सॉफ्टवेयर सेक्टर में हलचल मचा दी, जिससे यह डर पैदा हुआ कि AI स्थापित बिजनेस मॉडल को बाधित कर सकता है। Microsoft, Salesforce और Adobe जैसी कंपनियों के शेयर गिर गए, क्योंकि निवेशक AI-संचालित अप्रचलन (obsolescence) या पारंपरिक एप्लिकेशन की मांग में कमी का सामना करने वाली सॉफ्टवेयर कंपनियों की दीर्घकालिक व्यवहार्यता पर सवाल उठाने लगे। जबकि Alphabet का अनुमानित $175-$185 बिलियन का AI कैपिटल एक्सपेंडिचर AI इंफ्रास्ट्रक्चर में लगातार निवेश का संकेत देता है, जो Nvidia जैसी चिप निर्माताओं को लाभान्वित करेगा, यह Microsoft और Amazon जैसी कंपनियों के मार्जिन पर भी दबाव बढ़ाएगा जो भारी निवेश कर रही हैं।
विश्लेषक राय और भविष्य की राह
ऐतिहासिक रूप से, व्यापक बाजार की गिरावटें वैल्यू इन्वेस्टर्स के लिए अवसर प्रस्तुत कर सकती हैं। हालांकि, वर्तमान परिदृश्य AI की विघटनकारी क्षमता को लेकर अनिश्चितता से चिह्नित है। जबकि Nvidia के लिए विश्लेषक का सेंटिमेंट काफी हद तक 'स्ट्रांग बाय' बना हुआ है, जिसकी प्राइस टारगेट लगभग $257.57 है, और Microsoft के पास भी 'स्ट्रांग बाय' की आम सहमति है, Amazon के विश्लेषक टारगेट थोड़े अधिक विविध हैं, जो इसके हालिया प्रदर्शन से मिले मिले-जुले संकेतों को दर्शाते हैं। कुछ विश्लेषक Microsoft के वैल्यूएशन मेट्रिक्स पर मल्टी-ईयर लो को बाइंग अपॉर्चुनिटी के रूप में देख रहे हैं, जबकि अन्य AI के पारंपरिक सॉफ्टवेयर रेवेन्यू मॉडल पर पड़ने वाले स्ट्रक्चरल चुनौतियों को देखते हुए जल्दबाजी वाले आशावाद के प्रति आगाह कर रहे हैं। $100 बिलियन के Nvidia-OpenAI डील के संभावित पतन ने भी एक छाया डाली है, जिससे प्रतिस्पर्धी दबावों और भू-राजनीतिक जांच का सामना करते हुए Nvidia की अपनी प्रमुखता बनाए रखने की क्षमता और सर्कुलर AI फंडिंग मॉडल की स्थिरता पर सवाल उठ रहे हैं।