AI क्रांति और ताइवान की 'सेमीकंडक्टर' शक्ति
दुनिया भर के निवेशक अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को भविष्य की सबसे बड़ी क्रांति मान रहे हैं। इसी वजह से, AI के लिए जरूरी 'सेमीकंडक्टर' चिप्स बनाने वाली कंपनियों पर पैसा लगाने की होड़ मची हुई है। ताइवान, इस AI सप्लाई चेन का सबसे बड़ा हब है। अनुमान है कि हर महीने करीब $7 बिलियन का विदेशी फंड ताइवान के स्टॉक मार्केट में आ रहा है, जबकि दक्षिण कोरिया जैसे अन्य देशों से फंड निकल रहे हैं।
TSMC का दबदबा, इंडेक्स में 45% हिस्सेदारी!
ताइवान की स्टॉक मार्केट का मुख्य इंडेक्स, 'ताइपेक्स' (Taiex) पर TSMC का दबदबा इतना ज्यादा है कि अब यह इंडेक्स का लगभग 45% हिस्सा बन गया है। यह 10 साल पहले के मुकाबले काफी ज्यादा है। इसी का नतीजा है कि TSMC के शेयर साल 2026 की शुरुआत से अब तक करीब 30% से ज्यादा बढ़ चुके हैं और लगातार नए रिकॉर्ड बना रहे हैं। फरवरी 2026 के अंत तक, TSMC का मार्केट कैप लगभग $1.87 ट्रिलियन से $2.00 ट्रिलियन के बीच था, और इसका प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो 34.26 से 37.21 के दायरे में था। ब्रोकरेज फर्म्स इसे 'स्ट्रॉन्ग बाय' (Strong Buy) रेटिंग दे रही हैं और आने वाले 12 महीनों के लिए शेयर का टारगेट प्राइस $410.14 से $421.49 तक बता रही हैं।
'ताइपेक्स' इंडेक्स की चाल
ताइवान का 'ताइपेक्स' इंडेक्स भी ऐतिहासिक रूप से मजबूत रहा है। पिछले 1 साल और 5 साल के रिटर्न को देखें तो यह क्रमशः 20.59% और 20.17% रहा है। हालांकि, यह आंकड़ा TSMC के इतने बड़े दबदबे से पहले का है। आजकल मार्केट में एक बड़ा अंतर दिख रहा है, जहाँ TSMC जैसी बड़ी टेक कंपनियां तो बहुत अच्छा कर रही हैं, लेकिन कई छोटी कंपनियां पिछड़ रही हैं।
ताइवानी डॉलर (TWD) को सहारा
स्टॉक मार्केट में इतने बड़े निवेश के कारण ताइवानी डॉलर (TWD) को भी मजबूती मिली है। फरवरी 2026 के अंत में, 1 अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ताइवानी डॉलर 31.3 TWD के आसपास चल रहा था। विश्लेषकों का मानना है कि इक्विटी निवेशक आमतौर पर फिक्स्ड इनकम निवेशकों की तुलना में करेंसी हेजिंग कम करते हैं, इसलिए TWD में फिलहाल बड़ी उतार-चढ़ाव की उम्मीद कम है।
चिंता की बात: 'TSMC' पर अत्यधिक निर्भरता
हालांकि ताइवान की सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री AI के लिए सुरक्षित मानी जा रही है, लेकिन इसमें कुछ गंभीर जोखिम भी हैं। सबसे बड़ी चिंता TSMC पर इंडेक्स की 45% निर्भरता है। अगर TSMC को किसी भी तरह की बड़ी परेशानी (जैसे ऑपरेशनल समस्या, भू-राजनीतिक तनाव या बाजार में गिरावट) का सामना करना पड़ा, तो पूरे ताइवान मार्केट पर इसका भयानक असर हो सकता है। TSMC का मौजूदा P/E रेश्यो (~37.21) इसके 10 साल के औसत (21.61) से काफी ज्यादा है, जो इसे बाजार में गिरावट के प्रति ज्यादा संवेदनशील बनाता है। साथ ही, $56 बिलियन का कंपनी का भारी-भरकम कैपिटल एक्सपेंडिचर (CapEx) प्लान भी जोखिम भरा हो सकता है। सैमसंग और एसके हाइनिक्स जैसी कंपनियां भी AI चिप्स मार्केट में कड़ी टक्कर दे रही हैं, यानी TSMC का एकाधिकार हमेशा के लिए नहीं रह सकता। चीन के साथ भू-राजनीतिक तनाव भी ताइवान के लिए एक बड़ा खतरा है।
भविष्य की राह: AI से विकास जारी रहने की उम्मीद
आगे चलकर, AI से जुड़ी सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में विकास जारी रहने की उम्मीद है। TSMC का अनुमान है कि 2024 से 2029 तक AI से होने वाली कमाई 55-59% की सालाना चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़ेगी, जबकि कुल रेवेन्यू ग्रोथ लगभग 25% CAGR रहने का अनुमान है। विश्लेषकों का TSMC पर भरोसा कायम है, लेकिन इंडेक्स में अत्यधिक केंद्रीकरण (concentration risk) और इतनी तेज ग्रोथ की स्थिरता निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण विचारणीय विषय रहेगी।