Tata Consultancy Services (TCS) ने अपनी AI डेटा सेंटर आर्म, HyperVault AI Data Center Limited, में 49% हिस्सेदारी TPG Terabyte Bidco Pte. Ltd. को ₹199.36 करोड़ में बेचकर एक बड़ा कदम उठाया है। यह ट्रांजैक्शन (transaction) 9 मार्च 2026 को पूरा हुआ।
HyperVault AI Data Center Limited, जो हाल ही में 29 अक्टूबर 2025 को शामिल की गई थी, अब TCS की पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी नहीं रही। TPG Terabyte Bidco Pte. Ltd. के इस निवेश के बाद, HyperVault को ₹199.36 करोड़ की पूंजी मिली है। 31 दिसंबर 2025 तक, HyperVault की नेट वर्थ (Net Worth) ₹208.38 करोड़ थी।
यह डील TCS की AI और हाई-परफॉरमेंस डेटा सेंटर स्पेस में अपनी मौजूदगी को तेजी से बढ़ाने की रणनीति को दर्शाती है। AI वर्कलोड्स के लिए जरूरी विशेष इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने में भारी निवेश की जरूरत होती है। TPG जैसे एक बड़े फाइनेंशियल पार्टनर (financial partner) को साथ लाकर, TCS इस कैपिटल-इंटेंसिव (capital-intensive) क्षेत्र में अपनी डेवलपमेंट स्पीड बढ़ा सकेगी।
इस मूव से TCS एक कैपिटल-लाइट (capital-light) एप्रोच अपना रही है, जहां वह पूरी वित्तीय जिम्मेदारी खुद उठाने के बजाय बाहरी फंडिंग का इस्तेमाल कर रही है। TCS अब भी HyperVault में 51% हिस्सेदारी के साथ मेजॉरिटी स्टेक होल्डर (majority stake holder) बनी हुई है, जिसका मतलब है कि कंपनी का इस यूनिट पर रणनीतिक कंट्रोल (strategic control) बना रहेगा।
TPG, जो एक ग्लोबल अल्टरनेटिव एसेट फर्म है, इस वेंचर के लिए जरूरी कैपिटल और फाइनेंशियल एक्सपर्टीज (financial expertise) लाएगी। यह कदम TCS को अपने कोर आईटी सर्विसेज पर फोकस करते हुए AI इंफ्रास्ट्रक्चर में अपनी रणनीतिक स्थिति को मजबूत करने में मदद करेगा।
निवेशकों की नजर अब इस बात पर होगी कि HyperVault इस नई पूंजी का इस्तेमाल कैसे करती है, AI डेटा सेंटर के विस्तार के लिए भविष्य में कितनी और फंडिंग की जरूरत होगी, और TCS अपनी AI इंफ्रास्ट्रक्चर रणनीति पर आगे क्या अपडेट देती है।