AI टैलेंट की जंग: TCS-Wipro ने बढ़ाई सैलरी, Infosys ने दी राहत!

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
AI टैलेंट की जंग: TCS-Wipro ने बढ़ाई सैलरी, Infosys ने दी राहत!
Overview

भारतीय IT सेक्टर में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) टैलेंट को लेकर कंपनियों की रणनीतियों में बड़ा फ़र्क दिख रहा है। TCS और Wipro ने अपने टॉप परफॉर्मर्स के लिए सैलरी हाइक्स (Salary Hikes) का ऐलान किया है, जबकि Infosys ने इस मामले में फिलहाल देरी का संकेत दिया है। यह कदम भविष्य की मांग और लागत प्रबंधन पर कंपनियों के अलग-अलग नज़रिया दर्शाते हैं।

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AI प्रतिभाओं को रिटेन करने की होड़: TCS और Wipro आगे

AI, मशीन लर्निंग (ML), डेटा साइंस और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में टैलेंट की भारी मांग के बीच, TCS और Wipro ने अपने कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। TCS ने 1 अप्रैल से लागू होने वाले अपने सालाना इंक्रीमेंट्स में टॉप परफॉर्मर्स को डबल-डिजिट हाइक्स (Double-digit hikes) दिए हैं। वहीं, Wipro ने भी 1 मार्च से सैलरी बढ़ाने की घोषणा की है। यह कदम कंपनियों के भविष्य की मांग में विश्वास और विशेष स्किल्स को बनाए रखने की उनकी प्रतिबद्धता को दिखाता है। TCS की AI सर्विसेज से रेवेन्यू $2.3 बिलियन पार कर गया है।

Infosys की नरमी: क्या है वजह?

दूसरी ओर, Infosys के CEO सलिल पारेख ने कहा है कि सैलरी हाइक्स के समय और राशि पर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है। यह सतर्क रवैया बाजार की मांग पर या लागत नियंत्रण पर Infosys के अधिक रूढ़िवादी दृष्टिकोण का संकेत दे सकता है। IT सेक्टर में AI के प्रभाव से पारंपरिक सेवाओं पर पड़ रहे दबाव को देखते हुए यह कदम उठाया जा सकता है।

AI टैलेंट की बढ़ती मांग

भारतीय IT सेक्टर में 2026 तक 12-15% की ग्रोथ का अनुमान है, जिससे लगभग 1.25 लाख नई नौकरियां पैदा होंगी। AI, ML, डेटा और साइबर सिक्योरिटी प्रोफेशनल्स की मांग में सालाना 40-50% की बढ़ोतरी देखी गई है, और MNCs ने हायरिंग 82% तक बढ़ा दी है। ₹20 लाख से ऊपर की सीनियर भूमिकाओं में 55% की वृद्धि हुई है, जो अनुभवी टैलेंट के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा को दर्शाती है।

वैल्यूएशन और डील्स

Infosys के शेयर ₹1,155 के आसपास ट्रेड कर रहे थे, जिनका P/E अनुपात लगभग 16.7 था। Wipro का P/E लगभग 15.8 और TCS का 17.65 था। इन समान वैल्यूएशन के बावजूद, उनकी सैलरी नीतियों में अंतर रणनीतियों का स्पष्ट विभाजन दिखाता है। Wipro ने AI-संचालित एप्लीकेशन सर्विसेज को मजबूत करने के लिए Alpha Net के ग्राहक अनुबंधों को $70.8 मिलियन तक में अधिग्रहित किया है।

Infosys की रणनीति पर पैनी नज़र

Infosys की सैलरी हाइक्स में देरी को लागत-नियंत्रण के नजरिए से समझदारी भरा कदम माना जा सकता है, लेकिन यह एक प्रतिस्पर्धी बाजार में प्रमुख टैलेंट को खोने का जोखिम भी पैदा करता है। 44% के बढ़ते टैलेंट गैप ने पहले ही औसत सैलरी में 18% की वृद्धि कर दी है। प्रतिस्पर्धियों के वेतन पैकेजों से मेल खाने में विफलता से कर्मचारियों का टर्नओवर बढ़ सकता है।

सेक्टर के जोखिम और आउटलुक

Wipro को हालिया अधिग्रहण और वेतन समायोजन से प्रॉफिट पर दबाव का सामना करना पड़ रहा है, और Q4 FY26 में उसका प्रॉफिट 1.89% साल-दर-साल गिरा है। Morningstar ने जनरेटिव AI से सॉफ्टवेयर और बिजनेस सेवाओं में काम के घंटों के संभावित खतरे को देखते हुए Wipro की इकोनॉमिक मोट रेटिंग को 'none' तक डाउनग्रेड कर दिया है। TCS का अनुमान है कि FY26, FY25 से बेहतर रहेगा, मार्जिन 26-28% के बीच रहने की उम्मीद है। Infosys पर भी भविष्य की ग्रोथ और टैलेंट रिटेंशन पर उनकी लागत-प्रबंधन रणनीति के प्रभाव को लेकर विश्लेषकों की पैनी नज़र बनी हुई है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.