शुक्रवार, 10 अप्रैल, 2026 को TCS का शेयर लगभग ₹4,250 पर आ गया, जिससे पिछले दिनों की तेजी पर पानी फिर गया। इस गिरावट की मुख्य वजह कंपनी के चौथी तिमाही के नतीजे रहे। पूरे फाइनेंशियल ईयर (FY26) के लिए कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू (Constant Currency Revenue) में 2.4% की गिरावट देखी गई, जो Infosys और Wipro जैसे प्रतिद्वंद्वियों से काफी कम है।
प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) पर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, अर्निंग्स बिफोर इंटरेस्ट एंड टैक्सेस (EBIT) मार्जिन 10 बेसिस पॉइंट्स बढ़ा, लेकिन इसका बड़ा श्रेय 110 बेसिस पॉइंट्स के करेंसी हेडविंड (Currency Tailwind) को जाता है। यह दर्शाता है कि क्लाउड माइग्रेशन (Cloud Migration) और वेतन वृद्धि जैसे रणनीतिक री-इन्वेस्टमेंट्स (Re-investments) के कारण कंपनी के ऑपरेशनल परफॉर्मेंस पर दबाव है। FY27 के लिए मार्जिन में मामूली 20 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी का अनुमान है, जो यह बताता है कि निवेश का दबाव जारी रहेगा। स्टॉक में यह गिरावट 50 लाख से ज्यादा शेयरों के भारी वॉल्यूम (Volume) पर हुई, जो निवेशकों की सक्रिय पोजीशनिंग का संकेत देता है।
CLSA की एक रिपोर्ट के अनुसार, TCS घरेलू IT प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले मार्केट शेयर (Market Share) खो रही है, और निकट भविष्य में इसमें सुधार की गुंजाइश कम दिख रही है। FY26 में यह शेयर लगभग 1% गिरा है। AI-ड्रिवन रेवेन्यू (AI-driven Revenue) अब कुल रेवेन्यू का 7.5% हो गया है, लेकिन यह ग्रोथ व्यापक मंदी को रोकने में नाकाम रही है। आकर्षक वैल्यूएशन (Valuation) के बावजूद, ग्रोथ की चिंताओं के कारण इसका फिर से आकलन किया जा रहा है। TCS करीब 15.2x के फॉरवर्ड अर्निंग्स मल्टीपल (Forward Earnings Multiple) पर ट्रेड कर रहा है, जो अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में डिस्काउंट (Discount) पर है। Kotak Institutional Equities के मुताबिक, TCS, HCL Technologies (जो 22x फॉरवर्ड P/E पर ट्रेड कर रहा है) की तुलना में 18.4% और Infosys (जो 26x पर ट्रेड कर रहा है) की तुलना में 3.6% डिस्काउंट पर है। वहीं, भारतीय IT सेक्टर औसतन 28x के फॉरवर्ड P/E पर ट्रेड कर रहा है।
हालांकि, एनालिस्ट्स (Analysts) इस स्टॉक को लेकर अभी भी सतर्कता से आशावादी हैं। 51 में से 72% एनालिस्ट्स 'Buy' की सलाह दे रहे हैं और औसत प्राइस टारगेट (Price Target) ₹4,500 है, जो कुछ अपसाइड (Upside) का संकेत देता है। लेकिन, कुछ एनालिस्ट्स ग्रोथ की चिंताओं और प्रतिस्पर्धी दबावों को देखते हुए अपने प्राइस टारगेट को नीचे कर रहे हैं। आम राय यह है कि TCS को सेक्टर-लीडिंग ग्रोथ (Sector-leading Growth) की आवश्यकता नहीं हो सकती है, लेकिन निवेशकों का विश्वास जीतने के लिए प्रतिस्पर्धियों के साथ ग्रोथ गैप (Growth Gap) को कम करना बहुत ज़रूरी है।