TCS ने FY26 की चौथी तिमाही के नतीजों के साथ साल का समापन किया, जिसमें मिले-जुले संकेत मिले। चौथी तिमाही में रेवेन्यू में 1.2% की सीक्वेंशियल (Sequential) ग्रोथ देखने को मिली (कॉन्स्टेंट करेंसी में)। लेकिन, पूरे वित्तीय वर्ष 2026 में, डॉलर रेवेन्यू 2.4% (कॉन्स्टेंट करेंसी) कॉन्ट्रैक्ट हुआ। यह TCS के इतिहास में पहली बार है जब पूरे साल का डॉलर रेवेन्यू गिरा है। यह गिरावट भारतीय रुपये (Indian Rupee) में 4.6% की ईयर-ऑन-ईयर (Year-on-year) ग्रोथ के विपरीत है, जो करेंसी डेप्रिसिएशन (Currency Depreciation) के प्रभाव को दर्शाता है।
इस रेवेन्यू प्रेशर के बावजूद, TCS ने शानदार ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) दिखाई है। कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन चार साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं। FY26 के लिए ऑपरेटिंग मार्जिन 25.0% रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 70 बेसिस पॉइंट (Basis Point) सुधरा है। चौथी तिमाही का मार्जिन 25.3% पर रहा। यह बढ़त कॉस्ट मैनेजमेंट (Cost Management) और एफिशिएंसी गेम्स (Efficiency Gains) के साथ-साथ करेंसी टेलविंड्स (Currency Tailwinds) से भी संभव हुई।
कंपनी का नेट प्रॉफिट (Net Profit) भी उम्मीद के मुताबिक बढ़ा है। Q4 FY26 में नेट प्रॉफिट 12.2% ईयर-ऑन-ईयर बढ़कर ₹13,718 करोड़ हो गया। पूरे साल के लिए, नेट प्रॉफिट 1.35% बढ़कर ₹49,210 करोड़ दर्ज किया गया।
कंपनी की एनुअल AI रेवेन्यू $2.3 बिलियन से अधिक रही, जो एक बड़े ग्रोथ एरिया के रूप में उभरी है। हालांकि, मार्केट में डिमांड (Demand) अभी भी सॉफ्ट बनी हुई है और डील साइकल्स (Deal Cycles) लंबी हो रही हैं।
इन नतीजों के बीच, 9 अप्रैल 2026 को TCS का शेयर 1.16% की मामूली बढ़त के साथ ₹2,559.2 पर बंद हुआ।