TCS की कमाई में आया जोरदार उछाल
Tata Consultancy Services (TCS) ने वित्तीय वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) के लिए शानदार वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के नेट प्रॉफिट में साल-दर-साल 12.2% का इजाफा हुआ है, जो ₹13,718 करोड़ रहा। वहीं, रेवेन्यू 9.6% बढ़कर ₹70,698 करोड़ तक पहुंच गया। यह मजबूती कंपनी की AI और बड़े क्लाइंट डील्स पर केंद्रित रणनीति का नतीजा है।
AI और बड़े डील्स बने ग्रोथ के मुख्य इंजन
तिमाही के दौरान, TCS ने कुल $12 बिलियन के बड़े सौदे (TCV) हासिल किए, जो पूरे साल के लिए $40.7 बिलियन तक पहुंच गए। इसमें तीन बड़े डील्स का बड़ा योगदान रहा। कंपनी का एनुअलाइज्ड AI रेवेन्यू $2.3 बिलियन से अधिक हो गया है, जो OpenAI, NVIDIA और Google Gemini जैसी कंपनियों के साथ पार्टनरशिप के दम पर जनरेटिव AI और संबंधित टेक्नोलॉजीज में मजबूत पकड़ को दर्शाता है। इन नतीजों के बाद NSE पर TCS के शेयर 1.71% चढ़कर कारोबार कर रहे थे।
पीई रेशियो (P/E Ratio) के मामले में प्रतिस्पर्धियों से कहां है TCS?
TCS का वैल्यूएशन (Valuation), जिसका प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो 18.0 से 19.41 के बीच है, अपने प्रमुख प्रतिस्पर्धियों की तुलना में आकर्षक नजर आता है। Infosys का P/E रेशियो 17.84-18.25, Wipro का 15.00-16.71 और Accenture का 15.5-16.89 है। वहीं, HCLTech का P/E रेशियो 22.3-24.07 के बीच है। IT सर्विसेज सेक्टर का औसत P/E रेशियो लगभग 22.59-27.7 है, जो दर्शाता है कि TCS पर फिलहाल थोड़ी छूट (Discount) मिल रही है। कंपनी के पास 270,000 से अधिक कर्मचारी AI/ML में कुशल हैं और उसने 9,596 पेटेंट फाइल किए हैं, जिनमें AI से जुड़े 1,833 आविष्कार शामिल हैं।
लागतें बढ़ने की चिंता और Attrition का बढ़ता आंकड़ा
इन सकारात्मक नतीजों के बावजूद, कुछ चिंताएं भी हैं। Q4 FY26 में कर्मचारी एट्रिशन (Attrition) दर मामूली बढ़कर 13.7% हो गई है, जो 2026 के लिए अनुमानित 13-15% इंडस्ट्री एवरेज के करीब है। इसके साथ ही, 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले सैलरी इंक्रीमेंट (Salary Increment) से परिचालन लागतें (Operational Costs) बढ़ने की उम्मीद है। यदि AI रेवेन्यू इन बढ़ती लागतों को पार नहीं कर पाता है, तो यह प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव डाल सकता है।
शेयर का प्रदर्शन और एनालिस्ट्स का भरोसा
निवेशकों की चिंताएं शेयर के प्रदर्शन में भी दिख रही हैं। पिछले एक साल में TCS के शेयर 22.22% गिरे हैं और मार्च 2026 के अंत में 52-सप्ताह के निचले स्तर को छुआ था। हालांकि, एनालिस्ट्स (Analysts) का नजरिया अभी भी काफी हद तक सकारात्मक है, जिनमें से अधिकांश ने TCS को 'Buy' रेटिंग दी है। उनका औसत 12-महीने का प्राइस टारगेट ₹3,038 से ₹3,497 के बीच है, जो 37% तक का संभावित अपसाइड दिखाता है। मैक्वेरी (Macquarie) और जेपी मॉर्गन (JPMorgan) जैसी ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि मजबूत डील पाइपलाइन, AI से रेवेन्यू और करेंसी लाभ (Currency Benefits) व लागत अनुकूलन (Cost Optimization) से मार्जिन में सुधार जारी रहेगा। TCS का AI, क्लाउड मॉडर्नाइजेशन और डिजिटल इंजीनियरिंग पर फोकस इसे डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पहलों के लिए अच्छी स्थिति में रखता है।