TCS का Q4 में धमाकेदार मुनाफा, Wipro के प्रॉफिट में गिरावट! IT सेक्टर पर AI का खौफ

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AuthorMehul Desai|Published at:
TCS का Q4 में धमाकेदार मुनाफा, Wipro के प्रॉफिट में गिरावट! IT सेक्टर पर AI का खौफ
Overview

Tata Consultancy Services (TCS) ने दमदार Q4 नतीजे पेश किए हैं, कंपनी के नेट प्रॉफिट में **12%** की उछाल आई है। वहीं, Wipro के नतीजों में **2%** की गिरावट देखी गई, हालांकि कंपनी ने **₹15,000 करोड़** का शेयर बायबैक (Share Buyback) भी अनाउंस किया है।

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TCS का शानदार प्रदर्शन, Wipro पिछड़ा

Tata Consultancy Services (TCS) ने 12% की सालाना ग्रोथ के साथ ₹13,718 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) भी 10% बढ़कर ₹70,698 करोड़ रहा। TCS की AI सर्विस से सालाना कमाई $2.3 बिलियन के पार पहुंच गई है, जो इसके डिजिटल फोकस को दिखाता है। कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन (Operating Margin) 25.3% पर मजबूत बना हुआ है।

Wipro का प्रॉफिट गिरा, बायबैक की घोषणा

दूसरी ओर, Wipro ने ₹3,502 करोड़ का नेट प्रॉफिट रिपोर्ट किया, जो पिछले साल के मुकाबले 2% कम है। हालांकि, रेवेन्यू 8% बढ़कर ₹24,236 करोड़ हुआ। Wipro के बोर्ड ने शेयरधारकों को लाभ पहुंचाने के लिए ₹15,000 करोड़ के शेयर बायबैक (Share Buyback) को मंजूरी दी है। Wipro का IT सर्विसेज ऑपरेटिंग मार्जिन थोड़ा घटकर 17.3% रहा।

AI: IT सेक्टर के लिए दोधारी तलवार

AI (Artificial Intelligence) दोनों कंपनियों के लिए एक बड़ा अवसर और चुनौती दोनों है। TCS AI को ग्रोथ का इंजन मान रहा है और एक्सपेरिमेंटल फेज से निकलकर बड़े पैमाने पर डिप्लॉयमेंट की ओर बढ़ रहा है। Wipro भी एक AI-नेटिव बिजनेस यूनिट बना रहा है। लेकिन, भारतीय IT सेक्टर में जेनरेटिव AI (Generative AI) से पारंपरिक सर्विसेज के रेवेन्यू पर असर पड़ने की चिंताएं भी हैं। इसी डर के चलते Nifty IT इंडेक्स इस साल करीब 25% गिर चुका है।

डील विन्स और भविष्य का अनुमान

TCS को Q4 में $12 बिलियन के टोटल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू (TCV) वाले डील्स मिले, जो पिछले क्वार्टर से ज्यादा हैं। कंपनी को FY27 में और मजबूत इंटरनेशनल रेवेन्यू ग्रोथ की उम्मीद है, क्योंकि ग्राहकों का टेक खर्चों पर भरोसा बढ़ रहा है। Wipro को $3.5 बिलियन के डील्स मिले, जो पिछले साल की तुलना में 13% कम हैं। कंपनी ने Q1 FY27 के लिए -2% से 0% की सीक्वेंशियल रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान दिया है, जो थोड़ी नरमी का संकेत है।

एनालिस्ट्स की राय और वैल्यूएशन

मार्केट का नजरिया वैल्यूएशन (Valuation) को लेकर थोड़ा बंटा हुआ है। TCS का P/E रेश्यो (P/E Ratio) करीब 18.18-19.41 है, जबकि Wipro का 14.9-16.65 है, जो TCS के ज्यादा ग्रोथ पोटेंशियल को दर्शाता है। एनालिस्ट्स (Analysts) TCS को लेकर काफी पॉजिटिव हैं, 'Buy' रेटिंग और अच्छे टारगेट प्राइस दे रहे हैं। वहीं, Wipro को लेकर राय 'Sell' या 'Reduce' की ओर झुकी हुई है, जिससे लिमिटेड अपसाइड का संकेत मिलता है।

Wipro के लिए संरचनात्मक चिंताएं

Wipro के नतीजों में प्रॉफिट में गिरावट, उम्मीद से कम रेवेन्यू ग्रोथ और मार्जिन में हल्का संकुचन संरचनात्मक चिंताओं (Structural Concerns) की ओर इशारा करता है। बड़ा शेयर बायबैक शॉर्ट-टर्म में शेयरधारकों के लिए अच्छा है, लेकिन यह लिमिटेड ऑर्गेनिक ग्रोथ का संकेत भी हो सकता है। Wipro को क्लाइंट इश्यूज को हल करने और डील्स को तेजी से एग्जीक्यूट करने की ज़रूरत होगी ताकि वह इस तेजी से बदलते IT सर्विसेज मार्केट में अपनी जगह बना सके।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.