नतीजों से पहले विश्लेषकों का अनुमान
विश्लेषकों का मानना है कि Tata Consultancy Services (TCS) अपनी चौथी तिमाही (Q4) के फाइनेंशियल ईयर 2026 में शानदार नतीजे पेश करेगी। Kotak Institutional Equities के अनुमान के मुताबिक, कंपनी का नेट प्रॉफिट लगभग ₹14,058 करोड़ रह सकता है, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 15% ज्यादा होगा। वहीं, पिछली तिमाही की तुलना में इसमें 4.6% की बढ़ोतरी देखी जा सकती है।
Nuvama Institutional Equities ने नेट प्रॉफिट ₹13,916 करोड़ के आसपास रहने का अनुमान लगाया है, जो साल-दर-साल आधार पर 14% की वृद्धि दर्शाता है। रेवेन्यू के मोर्चे पर, Kotak को ₹70,435 करोड़ से ज्यादा का आंकड़ा पार होने की उम्मीद है, जो YoY के हिसाब से 9% से ज्यादा और तिमाही-दर-तिमाही 5% की बढ़ोतरी का संकेत है। Nuvama का अनुमान है कि रेवेन्यू ₹69,714 करोड़ रहेगा, जिसमें YoY 8% और पिछली तिमाही की तुलना में लगभग 4% की बढ़त देखी जा सकती है।
AI पार्टनरशिप्स और डिविडेंड पर फोकस
TCS की AI (Artificial Intelligence) फील्ड में हुई नई रणनीतिक पार्टनरशिप्स, जैसे OpenAI, ServiceNow, और Advanced Micro Devices के साथ, निवेशकों का ध्यान खींच रही हैं। इन कोलैबोरेशन्स (Collaborations) का मुख्य मकसद क्लाइंट्स के लिए AI को तेजी से अपनाने में मदद करना है। निवेशक इन AI इनिशिएटिव्स (Initiatives) की प्रगति और उनके संभावित प्रभाव को लेकर कंपनी से अपडेट्स का इंतजार कर रहे हैं।
इसके अलावा, कंपनी का बोर्ड FY26 के लिए फाइनल डिविडेंड (Final Dividend) का प्रस्ताव पेश कर सकता है, जिसे शेयरधारकों की मंजूरी मिलनी बाकी है। हालांकि, डिविडेंड की सटीक राशि अभी तय नहीं है, TCS का पिछले कुछ समय से लगातार अच्छे डिविडेंड पेआउट (Payout) देने का इतिहास रहा है, जिस पर बाजार की नजरें टिकी हैं।
मार्जिन स्थिरता और ग्रोथ के फैक्टर
Earnings Before Interest and Taxes (EBIT) में भी मजबूत ग्रोथ की संभावना जताई जा रही है। Kotak EBIT को लगभग ₹17,799 करोड़ रहने का अनुमान लगाता है, जो YoY 14% और पिछली तिमाही की तुलना में 5% से ज्यादा की वृद्धि दर्शाता है। Nuvama की भविष्यवाणी है कि EBIT लगभग ₹17,679 करोड़ रहेगा, जो YoY 13% और तिमाही-दर-तिमाही 4.7% ऊपर है।
Kotak को EBIT मार्जिन (Margins) में स्थिरता बने रहने की उम्मीद है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि सैलरी में बढ़ोतरी और एक्विजिशन (Acquisitions) जैसी वजहों से पड़ने वाले संभावित दबाव को कमजोर रुपए से संतुलित किया जा सकता है। एनालिस्ट्स का यह भी कहना है कि मौजूदा स्टॉक प्राइस में ग्रोथ की धीमी उम्मीदें पहले से ही शामिल हो सकती हैं। ऐसे में, निवेशक कंपनी की तेज ग्रोथ स्ट्रेटेजी (Strategy) के संकेतों और AI से जुड़े कॉस्ट सेविंग्स (Cost Savings) के बारे में किसी भी बदलाव पर बारीकी से नजर रखेंगे।