TCS के दमदार तिमाही नतीजे
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने 9 अप्रैल 2026 को अपने Q4 FY26 के नतीजे जारी किए। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 9.6% बढ़कर ₹70,698 करोड़ पर पहुंच गया, जो कि विश्लेषकों के अनुमानों से काफी बेहतर था।
खास बात यह रही कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से होने वाली सालाना कमाई $2.3 बिलियन यानी कुल रेवेन्यू का 7.5% रहा, जो पिछली तिमाही से काफी ज्यादा है। इस ग्रोथ को $12 बिलियन के कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू (TCV) वाले बड़े डील्स से भी सहारा मिला, वहीं पूरे साल के लिए TCV $40.7 बिलियन रहा। कंपनी का नेट प्रॉफिट 12.2% बढ़कर ₹13,718 करोड़ हो गया। ऑपरेटिंग मार्जिन 25.3% पर पहुंचा, जो पिछले चार सालों का सबसे अच्छा प्रदर्शन है। नेट मार्जिन 19.4% दर्ज किया गया। नतीजों के बाद TCS के शेयर लगभग ₹2,559.2 पर ट्रेड करते दिखे। बोर्ड ने ₹31 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड का भी ऐलान किया है।
विश्लेषकों की दोहरी राय
इन शानदार नतीजों के बावजूद, कुछ विश्लेषकों की राय में चिंताएं बनी हुई हैं। TCS का मौजूदा प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो 18-19.4x के आसपास है, जो इसके 10 साल के औसत से कम है। यह Infosys और HCL Technologies जैसे प्रतिस्पर्धियों की तुलना में कम वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है।
AI के बढ़ते इस्तेमाल से IT सेक्टर का कुल मार्केट $300-400 बिलियन तक बढ़ सकता है, लेकिन वहीं यह अगले कुछ सालों में पारंपरिक IT सर्विस रेवेन्यू में 2-3% सालाना की गिरावट (deflation) भी ला सकता है।
पूरे वित्तीय वर्ष 2026 के लिए, TCS का डॉलर में रेवेन्यू पहली बार 0.5% घटकर $30,017 मिलियन रहा। कांस्टेंट करेंसी में यह 2.4% गिरा। यह पिछले वित्तीय वर्ष (FY25) के विपरीत था, जिसने चुनौतियों के बावजूद ग्रोथ दिखाई थी। अप्रैल 2026 तक, कंपनी का मार्केट कैप लगभग $94-101 बिलियन USD था।
मार्जिन और भविष्य की चिंताएं
Jefferies जैसे कुछ विश्लेषकों ने ग्रोथ की विजिबिलिटी और मार्जिन की स्थिरता पर सवाल उठाए हैं। Jefferies ने मार्जिन उम्मीदों से कम रहने और बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस (BFSI) सेक्टर में कमजोर प्रदर्शन का हवाला देते हुए 'अंडरपरफॉर्म' रेटिंग बरकरार रखी है।
एक बड़ी चिंता यह है कि AI को अपनाने से मौजूदा सर्विस लाइनों में रेवेन्यू डिफ्लेशन हो सकता है। इसके अलावा, FY26 में बड़े वन-टाइम खर्च भी हुए, जिनमें ₹1,388 करोड़ का रीस्ट्रक्चरिंग खर्च, ₹2,128 करोड़ लेबर कोड कंप्लायंस के लिए और ₹1,010 करोड़ लीगल प्रोविजन्स शामिल थे।
FY26 में डॉलर रेवेन्यू में पहली बार आई गिरावट, पिछले सालों की तुलना में एक बड़ा बदलाव है, जो कुछ स्ट्रक्चरल चुनौतियां दिखाती है।
आगे का रास्ता
इसके विपरीत, Nomura जैसी ब्रोकरेज फर्मों का अनुमान है कि FY27, FY26 से बेहतर प्रदर्शन करेगा। वे EPS अनुमान बढ़ा रहे हैं और FY27 की पहली छमाही में मजबूत ग्रोथ की उम्मीद कर रहे हैं, जिसमें डॉलर रेवेन्यू ग्रोथ 3.8% (FY27) और 4.5% (FY28) रहने का अनुमान है।
JPMorgan को प्रमुख सेक्टर्स में स्थिर मांग के सहारे FY27 में धीरे-धीरे सुधार की उम्मीद है। भारत का IT खर्च 2026 में $176.3 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है, लेकिन TCS की भविष्य की सफलता AI से कमाई करने और लागतों को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने पर निर्भर करेगी।