TCS ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने इस दौरान कई बड़े सौदे (Big Deals) जीते हैं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेगमेंट में जबरदस्त ग्रोथ दिखाई है। हालांकि, इन शानदार नतीजों के बीच, कंपनी ने अपने प्रॉफिट मार्जिन लक्ष्य को लेकर एक अहम फैसला लिया है, जिस पर निवेशकों की पैनी नजर है।
डील की जीत और AI की रफ्तार ने नतीजों को बढ़ाया
कंपनी ने Q4 FY26 में कुल $12 अरब का टोटल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू (TCV) हासिल किया है। पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 की बात करें, तो यह आंकड़ा $40.7 अरब तक पहुंच गया, जो अब तक के सबसे बड़े आंकड़ों में से एक है। इस नए बिजनेस से कंपनी की ग्रोथ की रफ्तार तेज होने की उम्मीद है। सबसे खास बात यह है कि TCS की AI सर्विसेज अब $2.3 अरब की एनुअल रेवेन्यू रन-रेट पार कर चुकी हैं। इससे साफ है कि AI अब सिर्फ टेस्टिंग फेज में नहीं, बल्कि कंपनी के लिए एक बड़ा बिजनेस ड्राइवर बन गया है।
शानदार नतीजे और मार्जिन पर फोकस
TCS का Q4 FY26 में रेवेन्यू ₹70,698 करोड़ रहा। ऑपरेटिंग मार्जिन 25.3% पर पहुंचा, जो पिछले चार सालों का उच्चतम स्तर है। यह दिखाता है कि कंपनी AI और डेटा सेंटर्स में निवेश करते हुए भी अपने ऑपरेशन्स को मजबूती से संभाल रही है।
वैल्यूएशन और स्टॉक परफॉर्मेंस
फिलहाल, TCS का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो करीब 19.07 है, जो अपने प्रतिद्वंद्वियों (Peers) के मुकाबले आकर्षक लगता है। Infosys का P/E करीब 19.50, HCL Technologies का 23.75 और Wipro का 16.03 है। वहीं, Nifty IT इंडेक्स का P/E 21.76 है। अपनी पिछली परफॉर्मेंस को देखें तो TCS का मौजूदा P/E 19.07, इसके 3-साल के औसत 28.8 से काफी कम है। इसका मतलब है कि कंपनी अपने पुराने ट्रेडिंग लेवल के हिसाब से सस्ती लग रही है।
हालांकि, IT सेक्टर इस समय मुश्किलों से गुजर रहा है। Nifty IT इंडेक्स पिछले एक साल में 8.58% गिर चुका है। TCS का शेयर भी 2026 में 20% से ज्यादा टूटा है और 30 मार्च, 2026 को यह अपने 52-हफ्ते के निचले स्तर ₹2,346.35 पर आ गया था। करेंसी एक्सचेंज रेट को छोड़ दें तो FY26 रेवेन्यू पिछले साल की तुलना में 2.4% कम रहा, जो दिखाता है कि करेंसी के उतार-चढ़ाव ने रिपोर्टेड नंबरों को कैसे प्रभावित किया।
मार्जिन लक्ष्य में बदलाव और री-इन्वेस्टमेंट
TCS का 26% EBIT मार्जिन का लक्ष्य अब एक लंबी अवधि का लक्ष्य बन गया है। यह वह बदलाव है जिस पर निवेशकों को ध्यान देना होगा। हालांकि मौजूदा ऑपरेटिंग मार्जिन चार साल के उच्च स्तर 25.3% पर हैं, AI, डेटा सेंटर्स और ग्रोथ प्लान्स में भारी निवेश लगातार दबाव बना रहा है। कंपनी का कहना है कि AI पर खर्च अभी मुनाफे को नुकसान नहीं पहुंचा रहा है, लेकिन भविष्य में होने वाले निवेश का पैमाना अहम होगा।
एनालिस्ट की राय और निवेशकों के लिए अहम बातें
इसके बावजूद, ज्यादातर एनालिस्ट TCS को लेकर पॉजिटिव हैं। ज्यादातर की रेटिंग 'आउटपरफॉर्म' (Outperform) है और उनका औसत 12 महीने का प्राइस टारगेट करीब ₹3,363.12 है। Choice Institutional Equities ने ₹3,350 के टारगेट के साथ 'बाय' (Buy) रेटिंग बरकरार रखी है, जो FY28 के लिए ₹176.2 प्रति शेयर आय (EPS) के अनुमान पर आधारित है।
आगे एनालिस्ट उम्मीद कर रहे हैं कि FY26 से FY29 के बीच TCS का रेवेन्यू सालाना 8.6%, EBIT 10.0% और प्रॉफिट आफ्टर टैक्स 12.3% की दर से बढ़ेगा। यह अनुमान कस्टमर की बढ़ती डिमांड और ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार पर आधारित है। इससे मौजूदा ट्रेडिंग लेवल से शेयर में 30% से 45% तक का उछाल आ सकता है। निवेशकों को TCS के FY27 के आउटलुक, AI से कमाई की क्षमता और बदलते IT सर्विसेज मार्केट में ग्रोथ प्लान्स को लागू करने की कंपनी की काबिलियत पर नजर रखनी होगी।