TCS का दमदार Q4: मुनाफा **12.2%** बढ़ा, मार्जिन रिकॉर्ड पर! Wipro लाया बायबैक का प्लान

TECH
Whalesbook Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
TCS का दमदार Q4: मुनाफा **12.2%** बढ़ा, मार्जिन रिकॉर्ड पर! Wipro लाया बायबैक का प्लान
Overview

IT दिग्गज Tata Consultancy Services (TCS) ने Q4 FY26 के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी का नेट प्रॉफिट **12.2%** बढ़कर **₹13,718 करोड़** रहा। वहीं, Wipro के बोर्ड ने शेयर बायबैक (Share Buyback) के प्रस्ताव पर विचार करने की घोषणा की है।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

TCS ने पेश किए शानदार नतीजे

Tata Consultancy Services (TCS) ने अपना चौथा तिमाही (Q4 FY26) का नतीजा पेश किया है, जिसमें कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 12.2% बढ़कर ₹13,718 करोड़ हो गया। वहीं, रेवेन्यू 9.6% बढ़कर ₹70,698 करोड़ रहा। सबसे खास बात यह रही कि कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन 25.27% तक पहुंच गया, जो पिछले 4 सालों का सबसे ऊंचा स्तर है। TCS ने इस तिमाही में $12 बिलियन का टोटल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू (TCV) भी हासिल किया, जिससे सालाना TCV $40.7 बिलियन तक पहुंच गया। कंपनी की AI से होने वाली कमाई $2.3 बिलियन के पार हो गई है। TCS का P/E रेश्यो 18.5x से 19.5x के बीच है, जो Infosys (लगभग 18.0-19.5x) के करीब है। एनालिस्ट्स का TCS के लिए औसत टारगेट प्राइस ₹3,516.13 के आसपास है।

Wipro की बायबैक की तैयारी

दूसरी ओर, Wipro के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स 15-16 अप्रैल को शेयर बायबैक (Share Buyback) के प्रस्ताव पर विचार करेंगे। यह जून 2023 के बाद Wipro का पहला बायबैक होगा। कंपनी के पास अभी ₹41,000 करोड़ का नेट कैश है। पिछले बायबैक में Wipro ने जून 2023 में ₹12,000 करोड़ के शेयर ₹445 प्रति शेयर के भाव पर वापस खरीदे थे। Wipro का स्टॉक साल 2026 में अब तक 20% से ज्यादा गिर चुका है और यह TCS और Infosys जैसे प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में कम P/E रेश्यो (लगभग 15.6-16.2x) पर ट्रेड कर रहा है।

IT सेक्टर पर AI का असर

यह सब तब हो रहा है जब भारतीय IT सर्विसेज सेक्टर AI (Artificial Intelligence) के कारण बड़े बदलावों का सामना कर रहा है। Nifty IT इंडेक्स साल 2026 में अब तक करीब 25% तक गिर चुका है। विश्लेषकों का कहना है कि AI के कारण आने वाले व्यवधान (disruption) और पारंपरिक सेवाओं में आ रही मंदी (deflationary trend) इस गिरावट का मुख्य कारण हैं।

आगे की राह

आगे चलकर, TCS के लिए अपने मार्जिन को बनाए रखना और AI से हो रही कमाई को लगातार ग्रोथ में बदलना एक चुनौती होगी। वरिष्ठ एग्जीक्यूटिव्स के इस्तीफे भी कंपनी के अंदरूनी बदलावों की ओर इशारा कर सकते हैं।

Wipro के लिए, बायबैक का फैसला, उसका पैमाना और कीमत मैनेजमेंट के आत्मविश्वास को दर्शाएगी। यह ऐसे समय में हो रहा है जब सेक्टर ऑर्गेनिक ग्रोथ की चुनौतियों से जूझ रहा है और जेनरेटिव AI (Generative AI) जैसे क्षेत्रों में भारी निवेश की जरूरत है, जो पारंपरिक IT सर्विस रेवेन्यू मॉडल को बदल सकते हैं।

कुल मिलाकर, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और AI को अपनाने के कारण भारतीय IT सेक्टर की लंबी अवधि की क्षमता मजबूत बनी हुई है। हालांकि, फिलहाल टेक्नोलॉजी में बड़े बदलावों और कुछ बिजनेस सेगमेंट्स में संभावित नरमी को पार करना होगा।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.