20 साल का ग्रोथ रिकॉर्ड टूटा: AI और खर्चों का असर
साल 2004 में लिस्टिंग के बाद से, TCS ने हर साल लगातार ग्रोथ दर्ज की थी, यहाँ तक कि कोविड-19 महामारी के मुश्किल दौर में भी। लेकिन फाइनेंशियल ईयर 2026 में यह सिलसिला टूट गया। कंपनी का डॉलर रेवेन्यू 0.5% (कॉन्स्टेंट करेंसी में 2.4%) गिर गया। इस गिरावट की मुख्य वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ा प्राइसिंग प्रेशर और ₹4,500 करोड़ से अधिक के एकमुश्त खर्च रहे। इन एकमुश्त खर्चों में ₹1,388 करोड़ रीस्ट्रक्चरिंग एक्सपेंसेस, ₹2,128 करोड़ लेबर कोड कंप्लायंस से जुड़े और ₹1,010 करोड़ लीगल एक्सपेंडिचर शामिल थे।
Q4 FY26 में दमदार वापसी: मुनाफे और रेवेन्यू में बड़ी बढ़ोतरी
वार्षिक गिरावट के बावजूद, TCS ने चौथी तिमाही (Q4 FY26) में मजबूत वापसी की। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछली तिमाही की तुलना में 29% बढ़कर ₹13,720 करोड़ हो गया, जो एनालिस्ट फोरकास्ट ₹13,581 करोड़ से बेहतर था। वहीं, रेवेन्यू तिमाही-दर-तिमाही 5.5% बढ़कर ₹70,698 करोड़ पर पहुंच गया, जो उम्मीद ₹67,087 करोड़ से अधिक था। EBIT (Earnings Before Interest and Taxes) में 6% की बढ़ोतरी के साथ यह ₹17,870 करोड़ रहा, जबकि EBIT मार्जिन 25.3% पर स्थिर रहा। ₹3,900 के आसपास ट्रेड कर रहे TCS के शेयरों पर निवेशकों की नजर बनी रही, जो तिमाही नतीजों के उछाल को दिखा रहा था।
AI पर फोकस: एंथ्रोपिक के साथ पार्टनरशिप से भविष्य की राह
भविष्य की ग्रोथ के लिए TCS पूरी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर दांव लगा रही है। कंपनी AI फर्म एंथ्रोपिक (Anthropic) के साथ एक बड़ी पार्टनरशिप करने के करीब है। कंपनी की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और COO, आरती सुब्रमण्यन ने एंथ्रोपिक के साथ चल रहे काम पर महत्वपूर्ण प्रगति की पुष्टि की है और जल्द ही इसकी घोषणा होने की उम्मीद है। CFO समीर सेकसरिया ने बताया कि FY26 में AI पार्टनरशिप पर रणनीतिक निवेश बढ़ाया गया है, जिसका मकसद इनोवेटिव ग्रोथ को बढ़ावा देना है। यह रणनीति TCS को AI के बढ़ते प्रभाव के बीच एडवांस्ड AI सॉल्यूशंस पेश करने में मदद करेगी।
निवेशकों की चिंताएं और प्रतिस्पर्धा
Q4 की रिकवरी के बावजूद, निवेशकों की चिंताएं बनी हुई हैं। AI-संचालित प्राइसिंग प्रेशर को एक स्थायी बदलाव माना जा रहा है, जिससे TCS और Infosys, Wipro जैसे प्रतिद्वंद्वियों के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है। वैल्यूएशन की बात करें तो Infosys का फॉरवर्ड P/E लगभग 26x, Wipro का 19x है, जबकि TCS का 28x के आसपास है, जो बताता है कि मार्केट अभी भी TCS को प्रीमियम वैल्यू दे रहा है। AI पार्टनरशिप में भारी शुरुआती निवेश जरूरी है, लेकिन इसके रिटर्न पर अनिश्चितता बनी हुई है। TCS की बैलेंस शीट मजबूत है, जिसका डेट-टू-इक्विटी रेश्यो मार्च 2026 में 0.03 था, लेकिन बड़े AI R&D और इंटीग्रेशन कॉस्ट को मैनेज करना एक चुनौती है। एंथ्रोपिक जैसे एक AI पार्टनर पर अत्यधिक निर्भरता भी जोखिम भरा हो सकता है।
FY27 के लिए उम्मीदें: रिकवरी की ओर TCS
एनालिस्ट्स को उम्मीद है कि फाइनेंशियल ईयर 2027 में TCS की ग्रोथ धीरे-धीरे स्थिर होगी और रिकवर करेगी। यह रिकवरी AI इनिशिएटिव्स के सफल इंटीग्रेशन और ग्लोबल IT स्पेंडिंग में बढ़ोतरी पर निर्भर करेगी। मौजूदा एनालिस्ट रिपोर्ट्स TCS के लिए लगभग ₹4,200 का औसत प्राइस टारगेट बता रही हैं, जो एक सतर्क आशावाद को दर्शाता है। कंपनी की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह अपने AI निवेश और नवाचार के प्रयासों को उच्च रेवेन्यू और प्रॉफिट में कैसे बदल पाती है, ताकि पिछले दो दशकों की मजबूत ग्रोथ को फिर से हासिल किया जा सके।