TCS और ServiceNow का AI पर बड़ा फोकस
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने एंटरप्राइजेज (कंपनियों) के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अपनाने की प्रक्रिया को तेज करने के मकसद से ServiceNow के साथ एक लंबी अवधि की रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है। इस सहयोग का लक्ष्य ऐसे इंडस्ट्री-विशिष्ट AI समाधान विकसित करना है जो विभिन्न व्यावसायिक प्रक्रियाओं को इंटेलिजेंट और ऑटोमेटेड वर्कफ्लो में बदल सकें, जिससे कंपनियों को तेजी से आगे बढ़ने और प्रतिस्पर्धी बढ़त हासिल करने में मदद मिलेगी।
रेवेन्यू में भी शानदार छलांग
इस घोषणा के साथ ही, TCS ने 31 मार्च 2025 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने कंसोलिडेटेड रेवेन्यू के 30 अरब डॉलर के आंकड़े को पार करने की भी जानकारी दी है। ServiceNow का प्लेटफॉर्म सालाना 80 अरब से अधिक वर्कफ्लो को सपोर्ट करता है, जो AI-संचालित ऑटोमेशन के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करता है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह पार्टनरशिप?
यह गठबंधन कंपनियों को HR, फाइनेंस और सप्लाई चेन जैसे विभिन्न फंक्शन्स में AI समाधानों को तेजी से अपनाने में सक्षम बनाएगा। IT, बिजनेस ऑपरेशंस और कस्टमर फंक्शन्स में इंटेलिजेंस को एकीकृत करके, ग्राहकों को उत्पादकता में सुधार और बेहतर परिणाम मिलने की उम्मीद है। यह साझेदारी कॉर्पोरेट फंक्शन्स और बिजनेस यूनिट्स के बीच की बाधाओं को तोड़कर, संगठनों के लिए एक समग्र, डेटा-संचालित दृष्टिकोण को बढ़ावा देने का प्रयास करती है।
TCS की AI रणनीति परवान चढ़ रही है, क्योंकि कंपनी AI-फर्स्ट स्ट्रैटेजी पर तेजी से काम कर रही है। कंपनी ने पहले ही 1.5 अरब डॉलर का एनुअलइज्ड AI सर्विसेज रेवेन्यू दर्ज किया है और 5,500 से अधिक AI प्रोजेक्ट्स पर काम कर चुकी है। TCS AI इंफ्रास्ट्रक्चर में भी भारी निवेश कर रही है और अपने लगभग 180,000 कर्मचारियों को एडवांस AI क्षमताओं में प्रशिक्षित कर चुकी है।
इन बातों पर भी रखें नजर (जोखिम)
हालांकि, TCS के लिए कुछ चुनौतियां भी हैं। कंपनी एक बड़े कानूनी मामले का सामना कर रही है, जहां उसे ट्रेड सीक्रेट्स की कथित हेराफेरी के लिए 194.2 मिलियन डॉलर (लगभग 1,600 करोड़ रुपये) का जुर्माना लगाया गया था, जिसे अमेरिकी कोर्ट ऑफ अपील्स ने भी बरकरार रखा है। इसके अलावा, भारत में ₹1.37 करोड़ की CGST पेनल्टी और अन्य VAT-संबंधित दंड जैसे टैक्स से जुड़े मुद्दे भी हैं। SEBI ने भी अतीत में TCS को कानूनी मामलों में महत्वपूर्ण जानकारी के डिस्क्लोजर के संबंध में चेतावनी दी है। ये मुद्दे निवेशकों के लिए गवर्नेंस और कंप्लायंस के क्षेत्र में चिंता का विषय बने रह सकते हैं।
आगे क्या देखना है?
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस पार्टनरशिप के तहत विकसित किए जा रहे संयुक्त AI समाधानों के लिए प्रमुख परफॉरमेंस इंडिकेटर्स (KPIs) और क्लाइंट एडॉप्शन रेट्स क्या रहते हैं। इसके साथ ही, TCS की AI सर्विसेज रेवेन्यू और मार्केट शेयर में प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले प्रगति, और चल रहे कानूनी मामलों के संभावित वित्तीय और प्रतिष्ठा पर प्रभाव पर भी निवेशकों की पैनी नजर रहेगी।
