CEO की कमाई बेतहाशा बढ़ी, पर मुनाफे का ग्रोथ धीमा?
TCS ने अपने CEO K Krithivasan के लिए फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए कुल मुआवजे (Total Remuneration) का खुलासा किया है, जो ₹28 करोड़ है। यह पिछले साल की तुलना में 6.3% ज्यादा है। इस पैकेज में ₹1.67 करोड़ की बेसिक सैलरी, ₹1.43 करोड़ के भत्ते और सुविधाएं (Benefits & Perquisites), और ₹25 करोड़ का परफॉरमेंस-लिंक्ड कमीशन (Performance-Linked Commission) शामिल है।
यह हैरानी की बात है कि CEO की सैलरी में इतनी तेज बढ़ोतरी हुई, जबकि TCS का नेट प्रॉफिट (Profit After Tax) पूरे फाइनेंशियल ईयर में सिर्फ 1.35% बढ़कर ₹49,210 करोड़ रहा। वहीं, कंपनी के ऑपरेशन से रेवेन्यू (Revenue from Operations) में 4.58% की अच्छी ग्रोथ दर्ज की गई और यह ₹2.67 लाख करोड़ तक पहुंच गया।
चेयरमैन की 'जीरो' कमीशन स्ट्रैटेजी
खास बात यह है कि टाटा ग्रुप और TCS के चेयरमैन N Chandrasekaran ने इस बार किसी भी तरह के कमीशन से परहेज किया। उन्होंने केवल ₹4.2 लाख की सिटिंग फीस (Sitting Fees) ली है। यह कंपनी के एनुअल रिपोर्ट में साफ तौर पर बताया गया है। CEO के मुआवजे का यह आंकड़ा TCS के औसत कर्मचारी के मुआवजे से 332.8 गुना ज्यादा है। TCS के कर्मचारियों की एवरेज सैलरी में 5.1% का इजाफा हुआ, जबकि जूनियर और मिड-लेवल कर्मचारियों को 4.5% से 7% तक का इंक्रीमेंट मिला।
TCS का वैल्यूएशन और कॉम्पिटिटर्स
15 मई 2026 तक, TCS का ट्रेलिंग प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो लगभग 16.65x था और मार्केट कैप ₹8.19 लाख करोड़ था। इस वैल्यूएशन के मामले में यह Infosys (P/E 14.39x, मार्केट कैप ₹4.53 लाख करोड़) और Wipro (P/E 13.48x) से आगे है, लेकिन HCL Technologies (P/E 18.43x) से पीछे है। Cognizant Technology Solutions का P/E रेश्यो काफी कम 10.00x है, जिसका मार्केट कैप लगभग ₹1.87 लाख करोड़ ($22.34 बिलियन) है।
AI का बढ़ता दबदबा और सेक्टर के रिस्क
भारतीय आईटी सेक्टर 2026 में रिकवरी की उम्मीद कर रहा है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सर्विसेज की मांग बढ़ेगी। अनुमान है कि कुल आईटी खर्च 11% से ज्यादा बढ़ सकता है। हालांकि, AI के विकास से पारंपरिक आईटी सर्विसेज में रेवेन्यू घटने का खतरा भी है, जो सेक्टर को सालाना 2-3% तक प्रभावित कर सकता है।
एनालिस्ट्स का नजरिया
इन चुनौतियों के बावजूद, एनालिस्ट्स TCS को लेकर पॉजिटिव हैं। 'Buy' की कंसेंसस रेटिंग के साथ, आने वाले 12 महीनों के लिए एवरेज प्राइस टारगेट ₹2,900 से ₹2,968 तक का है, जो 25-30% तक का अपसाइड पोटेंशियल दिखाता है। एनालिस्ट्स को AI-केंद्रित ग्रोथ और मार्जिन में सुधार की उम्मीद है। TCS AI सर्विसेज से सालाना $1.8 बिलियन रेवेन्यू कमा रही है।
चिंता के मुद्दे
CEO और औसत कर्मचारियों के बीच बढ़ता वेतन का अंतर (Pay Gap) और मुनाफे में धीमी ग्रोथ, कंपनी के वैल्यू डिस्ट्रीब्यूशन पर सवाल खड़े करते हैं। साथ ही, AI के कारण पारंपरिक सेवाओं में संभावित 'AI डिफ्लेशन' लॉन्ग-टर्म रेवेन्यू मॉडल को प्रभावित कर सकता है। पिछले पांच सालों में TCS का मार्केट शेयर भी 31.59% से घटकर 30.47% हो गया है।