TCS का बड़ा ऐलान: AI से नहीं जाएंगी नौकरियां, बल्कि बढ़ेंगी हायरिंग! CEO ने दी गारंटी

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
TCS का बड़ा ऐलान: AI से नहीं जाएंगी नौकरियां, बल्कि बढ़ेंगी हायरिंग! CEO ने दी गारंटी
Overview

AI के IT नौकरियों पर असर डालने की आशंकाओं के बीच, Tata Consultancy Services (TCS) के लीडरशिप ने बड़ा बयान दिया है। CEO K. Krithivasan का कहना है कि AI से उत्पादकता (Productivity) बढ़ेगी, जिससे नई मांग पैदा होगी और हायरिंग भी जारी रहेगी, नौकरियों का खतरा नहीं है।

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AI: उत्पादकता, मांग और रोजगार का नया समीकरण

Tata Consultancy Services (TCS) के सीनियर मैनेजमेंट ने AI को लेकर इंडस्ट्री में फैली घबराहट को दूर करने की कोशिश की है। CEO K. Krithivasan ने साफ किया कि AI से काम करने का तरीका बदलेगा, जिससे उत्पादकता बढ़ेगी। उनका मानना है कि इससे कर्मचारियों को आज के मुकाबले कहीं ज़्यादा जटिल और हाई-वैल्यू वाले काम करने होंगे। "हो सकता है कि आज आप जो काम कर रहे हैं, उसके लिए हमें कम लोगों की ज़रूरत पड़े, लेकिन आप उससे कहीं ज़्यादा काम करेंगे," क्रिथिवसन ने कहा। यह बयान इसलिए अहम है क्योंकि AI की वजह से नौकरियों के जाने का डर इंडियन IT सेक्टर पर हावी है, और Nifty IT इंडेक्स में इस साल अब तक करीब 25% की गिरावट आ चुकी है।

TCS का वर्कफोर्स रीस्ट्रक्चर: हायरिंग और छंटनी की कहानी

TCS की चीफ स्ट्रेटेजी ऑफिसर Aarti Subramanian ने बताया कि कंपनी अब कंसल्टिंग और एडवाइजरी टैलेंट में ज़्यादा निवेश कर रही है। इसका मकसद क्लाइंट्स को AI का बेहतर इस्तेमाल करके अपने कामकाज को सुधारने में मदद करना है। TCS की हायरिंग पॉलिसी भी इसी दिशा में है। पिछले साल 44,000 से ज़्यादा लोगों को नौकरी दी गई थी, और इस साल कैंपस से 25,000 फ्रेशर्स को ऑफर दिए गए हैं। क्लाइंट्स की डिमांड के चलते एक्सपीरियंस प्रोफेशनल्स की हायरिंग भी लगातार हो रही है। CEO Krithivasan ने यह भी साफ किया कि हाल ही में 23,000 लोगों की छंटनी (FY26 में) AI ऑटोमेशन की वजह से नहीं, बल्कि उन सीनियर और मिडिल लेवल मैनेजर्स को हटाया गया है जो नए वर्क मॉडल के साथ तालमेल नहीं बिठा पा रहे थे।

AI के डर के बीच TCS का स्टॉक और सेक्टर परफॉर्मेंस

अप्रैल 2026 की शुरुआत तक, TCS का शेयर पिछले एक साल में कुछ गिरा है और यह करीब ₹2,589 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। यह IT सेक्टर की व्यापक चुनौतियों को दिखाता है। कंपनी का ट्रेलिंग ट्वेल्व मंथ्स (TTM) प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो लगभग 18.3 से 19.4 के बीच है, जो इसके साथियों जैसा ही है। Accenture का P/E करीब 15.2-16.9, Wipro का 15.5-16.7, और Cognizant का 13.4-17.0 है। HCLTech का P/E 21.1-34.1 है, जबकि Infosys का 17.4-19.3 है। AI की वजह से ट्रेडिशनल IT सर्विसेज के रेवेन्यू में सालाना 2-3% की गिरावट की आशंका के बावजूद, कुछ एनालिस्ट TCS को एक अच्छा निवेश मान रहे हैं। ग्लोबल ब्रोकरेज CLSA का नज़रिया पॉजिटिव है, जो स्टेबल डिमांड और मजबूत डील पाइपलाइन का हवाला देते हुए TCS को एक आकर्षक विकल्प बता रही है। TCS ने Q4 FY26 में $2.3 बिलियन से ज़्यादा का सालाना AI रेवेन्यू दर्ज किया है, जो इन AI क्षमताओं से शुरुआती कमाई दिखा रहा है।

जोखिम और शक: TCS की आशावादिता के खिलाफ दलीलें

TCS मैनेजमेंट की आशावादिता के बावजूद, कुछ जोखिमों पर ध्यान देना ज़रूरी है। यह अभी स्पष्ट नहीं है कि बढ़ी हुई उत्पादकता अपने आप सर्विस डिमांड को बढ़ाएगी या नहीं। ऑटोमेशन पारंपरिक कामों के लिए ज़रूरी वर्कलोड को कम कर सकता है, जिससे प्रति कर्मचारी रेवेन्यू घट सकता है। सीनियर और मिडिल मैनेजर्स को हटाना, जो नए वर्क मॉडल के साथ एडजस्ट नहीं कर पा रहे, कंपनी के महत्वपूर्ण ज्ञान और अनुभव वाले लीडर्स को खोने का जोखिम पैदा करता है, जिनकी ज़रूरत जटिल क्लाइंट वर्क के लिए होती है। यह कदम AI के लिए सक्रिय रीस्ट्रक्चरिंग के बजाय प्रतिक्रियात्मक लग सकता है। IT सेक्टर में आई ओवरऑल गिरावट AI के संभावित व्यवधान के बारे में व्यापक बाजार की चिंता को दर्शाती है। हाई-लेवल कंसल्टिंग की ओर बढ़ना, जिसमें काफी रिसोर्स लगते हैं, और यह मज़बूत प्रतिस्पर्धा का सामना करता है। पिछले एक साल में TCS के स्टॉक में 21% से ज़्यादा की गिरावट मैनेजमेंट के आश्वासन के बावजूद निवेशकों की सावधानी दिखाती है।

एनालिस्ट की राय: TCS स्टॉक फोरकास्ट और मार्जिन की मजबूती

एनालिस्ट्स का TCS के प्रति रुख काफी हद तक पॉजिटिव है, और इसे 'Buy' की कंसेंसस रेटिंग मिली हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 12 महीने का औसत प्राइस टारगेट ₹3,078.64 से ₹3,497.67 के बीच है, जो मौजूदा स्तरों से संभावित बढ़त का संकेत देता है। इस आशावादिता को मजबूत डील जीत का समर्थन मिला है, जिसमें फुल-ईयर टोटल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू (TCV) $40.7 बिलियन तक और Q4 FY26 में $12.0 बिलियन रहा। करेंसी की चुनौतियों और आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद, TCS ने Q4 FY26 में 25.3% के साथ चार साल का हाई ऑपरेटिंग मार्जिन हासिल किया, और पूरे साल का मार्जिन 25.0% रहा। TCS की AI स्ट्रेटेजी में सफलता और उत्पादकता में वृद्धि को स्थायी मांग में बदलना भविष्य की ग्रोथ और निवेशकों के विश्वास के लिए महत्वपूर्ण होगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.