मिले-जुले नतीजे: रेवेन्यू बढ़ा, घाटा जारी
कंपनी के नतीजों में मिली-जुली तस्वीर सामने आई है। Q4 FY26 में Swiggy का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल की तुलना में 45% बढ़कर ₹6,383 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी के मुख्य फ़ूड डिलीवरी (Food Delivery) बिज़नेस ने पिछले लगभग चार सालों में सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है। इस सेगमेंट का ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू (GOV) 22.6% बढ़कर ₹9,005 करोड़ रहा, और एडजस्टेड EBITDA मार्जिन अपने उच्चतम स्तर 3.3% पर पहुंच गए। फ़ूड डिलीवरी बिज़नेस ने पहली बार सालाना एडजस्टेड EBITDA में ₹1,000 करोड़ का आंकड़ा पार किया। इन सकारात्मक संकेतों के बावजूद, तिमाही के दौरान ₹800 करोड़ का नेट लॉस (Net Loss) जारी रहा। ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Jefferies ने 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है, लेकिन शेयर का टारगेट प्राइस ₹440 से घटाकर ₹415 कर दिया है। यह नई टारगेट प्राइस लगभग 60% का पोटेंशियल अपसाइड दर्शाती है, लेकिन ब्रोकरेज का मानना है कि जब तक क्विक कॉमर्स सेक्टर में मुनाफे का स्पष्ट रास्ता नहीं दिखता, तब तक स्टॉक एक सीमित दायरे में ट्रेड कर सकता है।
Instamart की प्रॉफिटेबिलिटी चुनौती
क्विक कॉमर्स (Quick Commerce) सेगमेंट, Instamart, अभी भी कंपनी के लिए एक बड़ी चिंता बना हुआ है। Q4 FY26 में Instamart ने EBITDA लेवल पर ₹858 करोड़ का घाटा दर्ज किया है। हालांकि Instamart का GOV पिछले साल के मुकाबले 68.8% बढ़कर ₹7,881 करोड़ रहा, लेकिन इसका कॉन्ट्रिब्यूशन मार्जिन (Contribution Margin) -1.8% पर नेगेटिव रहा। मैनेजमेंट ने एब्सोल्यूट EBITDA ब्रेकइवन (Absolute EBITDA breakeven) के लिए कोई समय-सीमा नहीं बताई है, जिसका कारण मार्केट स्ट्रक्चर (Market Structure) और इंटेंस कंपटीशन (Intense Competition) के प्रति अनिश्चितता को बताया गया है। यह स्थिति Swiggy के आउट-ऑफ-होम (Out-of-Home) बिज़नेस के विपरीत है, जिसने FY26 में अपनी पहली पूरी साल की प्रॉफिटेबिलिटी हासिल की। क्विक कॉमर्स में मुनाफे के स्पष्ट रास्ते की कमी के चलते, Jefferies ने EBITDA लॉस के अनुमानों को बढ़ा दिया है और FY27 व FY28 के लिए अर्निंग्स पर शेयर (EPS) के अनुमानों को काफी कम कर दिया है।
मार्केट कंपटीशन और विश्लेषकों की राय
Swiggy एक अत्यधिक प्रतिस्पर्धी क्विक कॉमर्स (Quick Commerce) मार्केट में काम कर रही है, जहां Zomato का हिस्सा Blinkit तेजी से बढ़ रहा है। Blinkit ने Q3 FY26 में पहली बार EBITDA प्रॉफिटेबिलिटी हासिल की और भारत के क्विक कॉमर्स सेक्टर में लगभग 45% मार्केट शेयर के साथ Swiggy Instamart (जो 27% पर है) से आगे है। Zomato का अपना Q4 FY26 प्रदर्शन भी मजबूत रहा, जिसमें 196% रेवेन्यू वृद्धि के साथ ₹174 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया गया, जिसमें Blinkit का तेजी से विस्तार भी सहायक रहा। विश्लेषकों की Swiggy के भविष्य के वैल्यूएशन (Valuation) पर मिली-जुली राय है। जहाँ Nomura और Nuvama जैसे विश्लेषकों ने ₹470-477 के लक्ष्य मूल्य के साथ 'Buy' रेटिंग बनाए रखी है, वहीं कुछ बढ़ते घाटे को लेकर चिंतित हैं। कंसेंसस प्राइस टारगेट (Consensus Price Target) घटकर ₹391 हो गया है, जिसमें अनुमान ₹270 से लेकर ₹740 तक हैं। यह विस्तृत रेंज कंपनी की लॉन्ग-टर्म प्रॉफिटेबिलिटी और मार्केट पोजीशन के बारे में महत्वपूर्ण अनिश्चितता को दर्शाती है, खासकर तब जब Instamart की ग्रोथ प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में धीमी दिख रही है। नतीजों के बाद स्टॉक का हालिया 52-week low तक गिरना निवेशकों की चिंता को दर्शाता है।
मैनेजमेंट का फोकस और मुख्य चुनौतियाँ
आगे देखते हुए, Swiggy का मैनेजमेंट क्विक कॉमर्स में हर ऑर्डर पर प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) सुधारने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, और जल्द ही कॉन्ट्रिब्यूशन मार्जिन (Contribution Margin) पर ब्रेकइवन हासिल करने का लक्ष्य है। एफिशिएंसी (Efficiency) को बेहतर बनाने के लिए वेयरहाउसिंग (Warehousing) और डार्क स्टोर (Dark Store) इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) में निवेश जारी है, खासकर टियर 2 (Tier 2) और टियर 3 (Tier 3) शहरों में। Swiggy की सस्टेनेबल (Sustainable) ग्रोथ हासिल करने और प्रॉफिटेबल (Profitable) बनने की क्षमता मजबूत प्रतिस्पर्धा पर काबू पाने और परिचालन लाभ को वास्तविक लाभ में बदलने पर निर्भर करेगी—यह एक ऐसी चुनौती है जिस पर विश्लेषक बारीकी से नजर रखे हुए हैं।
