सेक्टर की बहार और बड़े ऑर्डर बने सहारा
Sterlite Technologies (STL) के शेयर में यह तूफानी उछाल मुख्य रूप से मजबूत ऑर्डर इनफ्लो (order inflow) और डिजिटल कनेक्टिविटी सेक्टर के प्रति बढ़ते भरोसे की वजह से आया है। खासकर अमेरिका (U.S.) से आने वाली मांग ने इस तेजी को हवा दी है।
वैल्यूएशन का पेंच
पिछले सिर्फ पांच हफ्तों में STL के शेयर ने 100% की छलांग लगाई है और ₹172.65 के स्तर को छू लिया, जो सितंबर 2023 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। कंपनी का P/E रेश्यो (Price-to-Earnings Ratio) बेहद अस्थिर है, जो अक्सर निगेटिव (-180.68) या बहुत ज्यादा ( 1,700x से ऊपर) रहता है। यह दिखाता है कि कंपनी की वर्तमान कमाई उसके बाजार मूल्यांकन के हिसाब से काफी कम है। इसकी तुलना में, HFCL का P/E रेश्यो 170-200x के आसपास है, और Dixon Technologies का 35-48x के दायरे में है।
मार्जिन पर दबाव, रेवेन्यू की रिकवरी
Q3FY26 के नतीजों की बात करें तो Sterlite Technologies का रेवेन्यू (revenue) ₹1,174 करोड़ रहा, जो वॉल्यूम रिकवरी का संकेत देता है। लेकिन, EBITDA मार्जिन घटकर 11.2% रह गया। कंपनी का कहना है कि इसका मुख्य कारण टैरिफ से जुड़ी रुकावटें हैं, खासकर अमेरिका से, जहां इंपोर्ट टैरिफ के कारण मार्जिन पर 760 बेसिस पॉइंट का असर पड़ा है। कंपनी के पास ₹5,325 करोड़ का मजबूत ऑर्डर बुक है, जो भविष्य के रेवेन्यू की अच्छी तस्वीर दिखाता है।
भविष्य की राह और चिंताएं
यह ध्यान देने वाली बात है कि STL की शेयर में आई तेजी सेक्टर-व्यापी उम्मीदों पर ज्यादा आधारित है, न कि लगातार मजबूत मुनाफे पर। पिछले तीन सालों में कंपनी की कमाई में कोई खास ग्रोथ नहीं दिखी है और ROE (Return on Equity) भी निगेटिव -6.28% रहा है।
हालांकि, ब्रोकरेज हाउसेज (brokerage houses) इस स्टॉक पर 'आउटपरफॉर्म' रेटिंग दे रहे हैं और उनका औसत टारगेट प्राइस ₹162.18 है, जो ₹118 से लेकर ₹210 तक फैला हुआ है। मैनेजमेंट का मानना है कि 5G, डेटा सेंटर और ब्रॉडबैंड एक्सपेंशन के चलते भविष्य में मांग अच्छी रहेगी।
कंपनी का अमेरिका पर फोकस और लोकल प्रोडक्शन बढ़ाना टैरिफ की चुनौतियों से निपटने और मार्जिन सुधारने में मदद कर सकता है। लेकिन, यह देखना होगा कि क्या कंपनी उम्मीदों पर खरी उतर पाती है और मार्जिन को बेहतर कर पाती है।