भारत में स्टार्टअप सैलरीज़ का नया गेम: AI Talent पर बंपर हाइक, बाकियों को मामूली इजाफा!

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AuthorKaran Malhotra | Whalesbook News Team

Overview

भारत के स्टार्टअप सेक्टर में सैलरीज में धीरे-धीरे सुधार दिख रहा है, लेकिन यह उछाल हर जगह एक जैसा नहीं है। खासकर टेक्नोलॉजी और AI से जुड़े फील्ड्स में हायरिंग में बंपर जंप देखा जा रहा है, जहाँ खास टैलेंट को **50%** तक का प्रीमियम ऑफर किया जा रहा है। वहीं, कंज्यूमर-फेसिंग सेक्टर्स में सैलरी में मामूली बढ़त हो रही है। कंपनियां अब कॉस्ट को कंट्रोल करने और ज़रूरी लोगों को बनाए रखने के लिए ज्यादा डिसिप्लिन्ड, परफॉरमेंस-बेस्ड पे मॉडल अपना रही हैं।

AI Talent Premium Drives Demand

इस बड़े अंतर की मुख्य वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग (ML) और डेटा इंजीनियरिंग जैसे खास स्किल्स के लिए दुनिया भर में बढ़ती गलाकाट कॉम्पिटिशन है। रिक्रूटर्स के मुताबिक, डीपटेक और AI पर फोकस करने वाले स्टार्टअप्स इन क्षमताओं को हासिल करने के लिए बहुत आक्रामक तरीके से सैलरी पैकेज ऑफर कर रहे हैं।

Sectoral Disparities Emerge

AI-आधारित B2B और B2C SaaS स्टार्टअप्स खास रोल्स के लिए 40-50% तक की सैलरी हाइक दे रहे हैं। वहीं, ई-कॉमर्स जैसे सेक्टर्स में सैलरी ग्रोथ मामूली, लगभग 4-5% के आसपास है। फिनटेक स्टार्टअप्स इस मामले में बीच में हैं, जहाँ सैलरी ग्रोथ करीब 15-16% देखी जा रही है। यह साफ दिखाता है कि फोकस हाई-इम्पैक्ट टेक्नोलॉजी रोल्स की ओर बढ़ रहा है।

A More Disciplined Approach to Pay

पहले के फंडिंग बूम वाले सालों के मुकाबले, स्टार्टअप्स अब सैलरी तय करने में ज्यादा डिसिप्लिन दिखा रहे हैं। पहले की तरह सबके लिए एक जैसी सैलरी बढ़ाने के बजाय, कंपनियां अब ज़रूरी रोल्स और बेहतरीन परफ़ॉर्मर्स को प्राथमिकता दे रही हैं। यह बदलाव तेज विस्तार की बजाय टिकाऊ ग्रोथ पर केंद्रित है।

Shift Towards Performance-Based Compensation

सैलरी साइकिल अब एक स्ट्रक्चर्ड, परफॉरमेंस-ड्रिवन मॉडल की ओर लौट रहा है। कंपनियां अपनी बढ़त को बिज़नेस परफॉरमेंस, रोल की अहमियत और ग्रोथ व इनोवेशन में एम्प्लॉई के योगदान से जोड़ रही हैं। फिक्स्ड सैलरी हाइक्स को कंट्रोल किया जा रहा है, और वेरिएबल पे, ESOPs और परफॉरमेंस-लिंक्ड इंसेंटिव्स पर ज्यादा भरोसा किया जा रहा है।

High-Demand Roles

AI, ML और डेटा इंजीनियरिंग के अलावा, सीनियर डिज़ाइन और प्रोडक्ट एक्सपीरियंस रोल्स की डिमांड भी बढ़ रही है, जिससे इनकी सैलरी भी बढ़ रही है। यह स्टार्टअप्स की कोशिश को दर्शाता है कि वे खास टैलेंट के जरिए अलग डिजिटल प्रोडक्ट्स बनाएं और रेवेन्यू ग्रोथ को बढ़ावा दें। रिक्रूटर्स का मानना है कि यह सिलेक्टिव कॉम्पिटिशन वाला माहौल बना रहेगा, जिसमें इनोवेशन और रेवेन्यू जनरेशन के लिए खास स्किल्स को ही महत्व मिलेगा।

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