Stablecoins का बड़ा प्लान: $719T तक पहुंचेंगे, Visa-Mastercard को देंगे टक्कर!

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AuthorNeha Patil|Published at:
Stablecoins का बड़ा प्लान: $719T तक पहुंचेंगे, Visa-Mastercard को देंगे टक्कर!
Overview

Stablecoins की दुनिया में गजब का उछाल देखने को मिल रहा है! अनुमान है कि साल 2035 तक इनका ट्रांजैक्शन वॉल्यूम **$719 ट्रिलियन** डॉलर तक पहुंच सकता है, जो Visa और Mastercard जैसी पेमेंट कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती पेश कर रहा है।

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Stablecoins की ग्रोथ में भारी तेजी

Stablecoins अब सिर्फ एक खास तरह के डिजिटल एसेट नहीं रह गए हैं, बल्कि ग्लोबल फाइनेंस की नींव बनने की ओर बढ़ रहे हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि साल 2035 तक इनका एडजस्टेड ट्रांजैक्शन वॉल्यूम $719 ट्रिलियन डॉलर के पार जा सकता है। इस ग्रोथ को Millennials और Gen Z को मिलने वाले $100 ट्रिलियन डॉलर की वेल्थ ट्रांसफर (Wealth Transfer) और इन युवा पीढ़ियों की डिजिटल एसेट्स के प्रति बढ़ती सहजता से और बढ़ावा मिलेगा। कुछ अनुमानों के मुताबिक, अगर इकोनॉमिक और टेक्नोलॉजिकल बदलाव तेजी से हुए, तो 2035 तक यह आंकड़ा $1.5 क्वाड्रिलियन डॉलर तक भी पहुंच सकता है। 2025 तक, Stablecoins ने लगभग $28 ट्रिलियन डॉलर का रियल इकोनॉमिक वॉल्यूम प्रोसेस किया था।

ट्रेडिशनल पेमेंट कंपनियों के लिए सीधी टक्कर

ऑन-चेन (On-chain) वॉल्यूम में यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर Visa और Mastercard जैसी स्थापित पेमेंट नेटवर्क्स पर दबाव बना रही है। मौजूदा ट्रेंड्स बताते हैं कि ब्लॉकचेन-आधारित पेमेंट वॉल्यूम इन दिग्गजों के बराबर या उनसे आगे निकलने की राह पर है, और यह संभवतः 2031 से 2039 के बीच हो सकता है। 2024 में, Stablecoin ट्रांसफर वॉल्यूम $27.6 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जो Visa और Mastercard के कुल प्रोसेसिंग वॉल्यूम से भी ज्यादा है। Stablecoins के फायदे साफ हैं: लगभग तुरंत, 24/7 सेटलमेंट (Settlement) और प्रोग्रामेबल ट्रांजैक्शन (Programmable Transaction) की क्षमता। ये रेमिटेंस (Remittances), बिजनेस पेमेंट्स और ट्रेजरी ऑपरेशंस में पारंपरिक सिस्टम की तुलना में लगने वाले कई दिनों के सेटलमेंट साइकिल और फीस को कम करते हैं। PayPal और Stripe जैसी कई फिनटेक कंपनियां इन फायदों को उठाने के लिए Stablecoins को इंटीग्रेट कर रही हैं।

रेगुलेटरी क्लेरिटी और इंस्टीट्यूशनल इंटरेस्ट

जैसे-जैसे Stablecoins की स्वीकार्यता बढ़ रही है, वैसे-वैसे दुनिया भर में इनके लिए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क्स (Regulatory Frameworks) भी विकसित हो रहे हैं। EU का MiCA रेगुलेशन और अमेरिका का Genius Act जैसे कदम स्पष्ट नियम बना रहे हैं। रेगुलेटरी क्लेरिटी (Regulatory Clarity) इंस्टीट्यूशनल एडॉप्शन (Institutional Adoption) के लिए बहुत ज़रूरी है, जिससे फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस ब्लॉकचेन-आधारित पेमेंट्स में तेजी से जुड़ सकते हैं। जो इंस्टीट्यूशंस आज ऑन-चेन पेमेंट्स के लिए तैयारी कर रहे हैं, वे भविष्य के फाइनेंस का स्टैंडर्ड सेट कर रहे हैं।

मुख्य जोखिम: AI प्राइवेसी और बॉट डोमिनेंस

इन शानदार अनुमानों के बावजूद, कुछ बड़ी चुनौतियाँ और एनालिटिकल समस्याएँ बनी हुई हैं।

AI से ब्लॉकचेन प्राइवेसी को खतरा

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का तेजी से विकास ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी द्वारा दी जाने वाली प्राइवेसी (Privacy) के लिए एक बड़ा चैलेंज खड़ा कर रहा है। AI की पैटर्न पहचानने और डेटा एनालाइज करने की बढ़ती क्षमताएं, डेटा को छिपाने वाली प्राइवेसी तकनीकों को कमजोर कर सकती हैं। हालांकि जीरो-नॉलेज प्रूफ्स (Zero-Knowledge Proofs) और फेडरेटेड लर्निंग (Federated Learning) जैसी प्राइवेसी-सेफगार्डिंग तकनीकें विकसित की जा रही हैं, लेकिन AI की एनालिटिकल पावर और ब्लॉकचेन की प्राइवेसी मैकेनिज्म के बीच दौड़ जारी है। यह एक बड़ा सवाल है कि भविष्य में AI के प्रभाव से मौजूदा प्राइवेसी मॉडल कितने टिकाऊ रहेंगे।

बॉट एक्टिविटी से डेटा में हेरफेर

एक बड़ी समस्या यह है कि Stablecoin ट्रांजैक्शन वॉल्यूम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा वास्तविक यूजर पेमेंट्स के बजाय ऑटोमेटेड ट्रेडिंग और अन्य बॉट फंक्शन्स (Bot Functions) से आता है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि अनएडजस्टेड (Unadjusted) आंकड़ों का 70% से 90% तक हिस्सा बॉट्स द्वारा संचालित होता है। विशेष रूप से Solana और Base जैसे नेटवर्क्स पर, जहां यह 98% से अधिक Stablecoin ट्रांजैक्शन में देखा गया है, यह डेटा रोजमर्रा के लेनदेन के लिए Stablecoins की वास्तविक इकोनॉमिक यूटिलिटी (Economic Utility) और ग्रोथ फोरकास्ट (Growth Forecasts) की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है।

लगातार बने हुए रेगुलेटरी और स्टेबिलिटी कंसर्न

रेगुलेटरी फ्रेमवर्क्स भले ही मजबूत हो रहे हों, लेकिन रिजर्व एसेट क्वालिटी (Reserve Asset Quality), मनी लॉन्ड्रिंग (AML) और टेररिस्ट फाइनेंसिंग (CFT) कंट्रोल्स जैसी चिंताएं बनी हुई हैं। UST जैसे Stablecoin रन का इतिहास पेग मैकेनिज्म (Peg Mechanism) की अंतर्निहित कमजोरी और विश्वास कम होने पर बाजार में आने वाली अस्थिरता को भी दिखाता है।

भविष्य का आउटलुक: हाइब्रिड इंटीग्रेशन

Stablecoins का भविष्य संभवतः एक हाइब्रिड अप्रोच (Hybrid Approach) का होगा, जहां वे मौजूदा फाइनेंशियल इंफ्रास्ट्रक्चर को पूरी तरह बदलने के बजाय उसके साथ इंटीग्रेट (Integrate) होंगे। जबकि Stablecoins स्पीड और कॉस्ट के मामले में फायदे देते हैं, वहीं ट्रेडिशनल पेमेंट नेटवर्क स्थापित भरोसा, ग्लोबल मर्चेंट एक्सेप्टेंस (Merchant Acceptance) और विवाद समाधान सेवाएं प्रदान करते हैं। चुनौती इन सिस्टम्स को सामंजस्य बिठाने की है, जिसमें Stablecoins खास तौर पर क्रॉस-बॉर्डर रेमिटेंस और B2B सेटलमेंट्स जैसे क्षेत्रों में अपनी दक्षता का लाभ उठाएंगे।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.