SpaceX ने अपनी इस ऐतिहासिक IPO की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जो अब तक की सबसे बड़ी पब्लिक लिस्टिंग साबित हो सकती है। कंपनी ने अमेरिका की सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) के पास गोपनीय फाइलिंग (Confidential Filing) पूरी कर ली है और जून 2026 तक शेयर बाजार में लिस्ट होने की उम्मीद है। $75 अरब जुटाने का लक्ष्य Saudi Aramco के $29.4 अरब के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ देगा।
इस IPO की एक अनूठी बात यह है कि SpaceX अपने पारंपरिक IPO मॉडल से हटकर आम निवेशकों को सीधे फायदा पहुंचाना चाहता है। कंपनी के CFO ब्रेट जॉनसन (Bret Johnsen) ने कहा है कि यह कदम कंपनी और एलन मस्क के प्रति उनके लगातार सपोर्ट को सराहने के लिए उठाया गया है।
SpaceX को $1.75 ट्रिलियन का यह भारी-भरकम वैल्यूएशन मुख्य रूप से दो वजहों से मिलने की उम्मीद है: पहला, इसकी Starlink सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस का तेजी से बढ़ता बिज़नेस, और दूसरा, हाल ही में जुड़ा एलन मस्क का xAI आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वेंचर। Starlink से 2026 तक $11.3 अरब से $24 अरब तक का रेवेन्यू आने का अनुमान है, जो कंपनी की कुल कमाई का करीब 80-85% होगा। xAI के जुड़ने से SpaceX स्पेस-बेस्ड AI इंफ्रास्ट्रक्चर में एक लीडर के तौर पर उभरेगी।
हालांकि, इस महा-IPO में कुछ गंभीर जोखिम भी छिपे हैं। $1.75 ट्रिलियन का वैल्यूएशन, 2025 के अनुमानित $15.5 अरब के रेवेन्यू का 90 गुना से भी ज्यादा है, जो काफी आक्रामक प्राइसिंग मानी जा रही है और भविष्य की ग्रोथ पर अत्यधिक निर्भर है। साथ ही, xAI सब्सिडियरी पर हर महीने $1 अरब का भारी खर्च आ रहा है, जिससे यह एक बड़ा फाइनेंशियल ड्रैग साबित हो सकती है। Starlink की प्रॉफिटेबिलिटी भी अभी विकसित हो रही है और सैटेलाइट इंटरनेट में कॉम्पिटिशन बढ़ रहा है।
SpaceX इस IPO से जुटाई जाने वाली पूंजी का इस्तेमाल कई महत्वाकांक्षी योजनाओं के लिए करना चाहता है, जिनमें ऑर्बिटल AI डेटा सेंटर्स की स्थापना, Starship रॉकेट का और विकास, और चांद व मंगल ग्रह पर मिशन शामिल हैं। कंपनी का दीर्घकालिक विजन सिर्फ अंतरिक्ष की खोज तक सीमित नहीं है, बल्कि AI और एडवांस स्पेस इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए मानवता के भविष्य को आकार देना है।