SpaceX अपनी IPO के लिए कमर कस चुका है, जिसके तहत कंपनी $1.75 ट्रिलियन से भी ज़्यादा का भारी-भरकम वैल्यूएशन जुटाने का इरादा रखती है। इस बड़े लक्ष्य को हकीकत में बदलने के लिए, SpaceX की AI इकाई, xAI, को AI के ग्लोबल रेस में एक मज़बूत खिलाड़ी के तौर पर उभरना होगा।,
AI का क्षेत्र इस वक्त बेहद कॉम्पिटिटिव (competitive) है, जहाँ Google, Microsoft, और Amazon जैसी दिग्गज कंपनियां पहले से ही मज़बूत स्थिति में हैं। NVIDIA जैसी कंपनियां AI हार्डवेयर में अहम भूमिका निभा रही हैं।,
हालांकि xAI को जनवरी 2026 में $20 अरब का शानदार फंड मिला, और नवंबर 2024 में $6 अरब की सीरीज़ C राउंड के बाद इसका वैल्यूएशन $50 अरब तक पहुँच गया, कंपनी यह मानती है कि वह अभी भी अपने प्रतिद्वंद्वियों से पीछे है।,
इस खाई को पाटने के लिए, xAI ने Meta Platforms जैसी कंपनियों से टॉप AI टैलेंट को हायर किया है। Devendra Chaplot, Aman Madaan, और Aditya Gupta जैसे विशेषज्ञों को AI डेवलपमेंट के महत्वपूर्ण क्षेत्रों का नेतृत्व करने के लिए लाया गया है।,
SpaceX, जो जून 2026 तक SEC के पास गोपनीय रूप से फाइल करने के बाद IPO ला सकती है, का लक्ष्य $1.25 ट्रिलियन से लेकर $2 ट्रिलियन तक का वैल्यूएशन छूना है।,
हालांकि, इस प्लान में कुछ जोखिम भी हैं। रिपोर्टों के अनुसार, xAI के मूल ग्यारह सह-संस्थापक (co-founders) कंपनी छोड़कर जा चुके हैं, जो यूनिट की स्थिरता पर सवाल खड़े करते हैं। Elon Musk ने खुद कुछ IPO वैल्यूएशन को "BS" बताकर खारिज किया है।,
बाजार की नज़रें xAI की AI क्षमताओं में तेज़ी से सुधार लाने की क्षमता और SpaceX के ओवरऑल इंफ्रास्ट्रक्चर पर टिकी रहेंगी, जिसमें Starlink भी शामिल है।