सेल्स चमकी, पर प्रॉफिट क्यों घटा?
Sonata Software ने दिसंबर 2025 तिमाही में अपने टॉप-लाइन (Top-line) यानी रेवेन्यू (Revenue) में जबरदस्त उछाल दर्ज किया। पिछले तिमाही के ₹2,119.3 करोड़ के मुकाबले इस बार कंपनी ने ₹3,080.6 करोड़ का रेवेन्यू हासिल किया। इस ग्रोथ की एक बड़ी वजह $129 मिलियन के दो बड़े डील्स (Deals) को जीतना भी है।
लेकिन, यह शानदार ग्रोथ एक कीमत पर आई है। कंपनी के EBIT मार्जिन में 130 बेसिस पॉइंट (bps) की गिरावट आई और यह 5.6% पर आ गया, जो पिछली तिमाही में 6.9% था। इसका सीधा असर नेट प्रॉफिट पर पड़ा, जो शानदार EBITDA ग्रोथ के बावजूद 13.3% घटकर ₹104.4 करोड़ रह गया। भले ही कंपनी का एब्सोल्यूट EBITDA 15.9% बढ़कर ₹200.2 करोड़ हो गया हो, लेकिन मार्जिन का सिकुड़ना यह बताता है कि रेवेन्यू ग्रोथ का फायदा पूरी तरह प्रॉफिट में तब्दील नहीं हो पा रहा है।
IT सेक्टर की चाल और Sonata की रणनीति
IT सेक्टर फिलहाल मुश्किल दौर से गुजर रहा है। Nifty IT इंडेक्स पिछले एक हफ्ते में -5.4% गिर चुका है (5 फरवरी 2026 तक)। ऐसे माहौल में Sonata Software के मार्जिन में गिरावट चिंता का विषय है। हमने पहले भी देखा है कि जब मार्जिन पर दबाव आता है, तो स्टॉक में बड़ी गिरावट आ सकती है। 7 फरवरी 2025 को भी ऐसे ही मार्जिन मुद्दों के चलते स्टॉक 15.1% गिरा था।
कंपनी अब AI-ड्रिवेन और डिजिटल इंजीनियरिंग जैसी हाई-ग्रोथ वाली सर्विसेज की ओर बढ़ रही है। Cloud & Data अब रेवेन्यू का 63% हिस्सा है। Sonata Software का करंट P/E रेश्यो लगभग 19.62 है, जो Infosys (~21.57), Wipro (~18.29), और TCS (~22.57) जैसे बड़े प्लेयर्स के मुकाबले ठीक-ठाक माना जा रहा है।
एनालिस्ट्स की राय और आगे का रास्ता
इन मार्जिन की चिंताओं के बावजूद, कई एनालिस्ट्स (Analysts) कंपनी को लेकर पॉजिटिव (Positive) हैं। उनका औसत प्राइस टारगेट ₹435 है, जो मौजूदा भाव से 40% से ज्यादा की तेजी का संकेत देता है। यह शायद कंपनी की नई स्ट्रैटेजी और बड़े डील्स के चलते है।
वहीं, कुछ एक्सपर्ट्स 'होल्ड' (Hold) रेटिंग जैसी न्यूट्रल (Neutral) राय दे रहे हैं। उनका कहना है कि कंपनी की फंडामेंटल क्वालिटी (Fundamental Quality) और वैल्यूएशन (Valuation) तो अच्छी है, लेकिन फ्लैट फाइनेंशियल ट्रेंड्स (Financial Trends) और टेक्निकल सिग्नल्स (Technical Signals) पर भी नजर रखनी होगी। कंपनी का फोकस बड़े क्लाइंट्स को बढ़ाना और AI व क्लाउड पर अपनी पकड़ मजबूत करना है, ताकि वह मार्जिन दबाव को झेल सके और सेक्टर की तेजी का फायदा उठा सके।