AI से बढ़ी एफिशिएंसी, अब 1000 की नौकरी कटी
AI के चलते Snap Inc. अपने 1000 कर्मचारियों की छंटनी कर रहा है, जो कुल वर्कफोर्स का 16% है। कंपनी ने बताया है कि AI अब 65% से ज़्यादा नया कोड जेनरेट कर रहा है, जिससे काम में तेजी आई है और स्टाफ की ज़रूरतें कम हो गई हैं। इस रीस्ट्रक्चरिंग (restructuring) से कंपनी को 2026 के मध्य तक सालाना $500 मिलियन से ज़्यादा की बचत होने की उम्मीद है। Snap 300 से ज़्यादा खाली पदों को भी बंद करने और ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस (operating expenses) व स्टॉक-बेस्ड कंपनसेशन (stock-based compensation) में कटौती करने की योजना बना रहा है।
एक्टिविस्ट निवेशकों का बढ़ता दबाव
यह छंटनी उन खबरों के कुछ हफ्तों बाद आई है जब एक्टिविस्ट निवेशक Irenic Capital Management, जिसके पास Snap के करीब 2.5% शेयर हैं, ने सार्वजनिक तौर पर कंपनी से अपने ऑपरेशन्स (operations) और बिज़नेस लाइन्स (business lines) को सुव्यवस्थित करने की अपील की थी। Irenic ने खास तौर पर Snap से अपने AR Specs डिवीज़न को अलग करने (spin off) या बंद करने का सुझाव दिया था, जिस पर अब तक $3.5 बिलियन से ज़्यादा का खर्च आ चुका है और यह सालाना करीब $500 मिलियन का घाटा दे रहा है। निवेशक ने कर्मचारियों की छंटनी और उनके मुआवज़े के तरीके में बदलाव की भी मांग की थी, ताकि प्रदर्शन को स्टॉक प्राइस से जोड़ा जा सके। यह मज़बूत निवेशक दबाव को दिखाता है।
घाटे के बावजूद रेवेन्यू में ग्रोथ का अनुमान
इन सब के बीच, Snap ने पहली तिमाही (Q1) के लिए 12% की ग्रोथ के साथ $1.53 बिलियन का रेवेन्यू (revenue) दर्ज करने का अनुमान लगाया है, जो बाज़ार के अनुमानों के आसपास है। कंपनी को उम्मीद है कि जनवरी-मार्च तिमाही में उसका एडजस्टेड कोर प्रॉफिट (adjusted core profit) करीब $233 मिलियन होगा, जो वॉल स्ट्रीट के $186.8 मिलियन के अनुमान से बेहतर है। हालांकि, कंपनी के शेयर का प्रदर्शन हाल के दिनों में अच्छा नहीं रहा है; इस साल अब तक शेयर में करीब 31% की गिरावट आई है। छंटनी की खबर के बाद मार्केट खुलने से पहले शेयर में कुछ तेज़ी देखी गई।
वैल्यूएशन पीछे, आलोचक उठा रहे सवाल
Snap की वैल्यूएशन (valuation) भी अपने प्रतिद्वंद्वियों से पिछड़ रही है। पिछले बारह महीनों में कंपनी का P/E रेश्यो (Price-to-Earnings ratio) निगेटिव रहा है, जो दर्शाता है कि कंपनी इस अवधि में मुनाफे में नहीं थी। इसकी तुलना में, Meta Platforms का P/E हाई 20s में है, जबकि Pinterest का P/E करीब 28-31 के आसपास है। Snap का मार्केट वैल्यूएशन (market valuation) करीब $8 बिलियन है, जो Meta के $1.6 ट्रिलियन और Pinterest के $11-12 बिलियन से काफी कम है। एनालिस्ट (analysts) आमतौर पर Snap को 'होल्ड' (Hold) की सलाह देते हैं, जिनके टारगेट प्राइस (target price) में मामूली बढ़ोतरी की उम्मीद है। कुछ आलोचक AI एफिशिएंसी को छंटनी का असली कारण मानने पर सवाल उठा रहे हैं। उनका मानना है कि यह लागत में कटौती और पेंडेमिक (pandemic) के दौरान हुई ओवर-हायरिंग (over-hiring) को ठीक करने का एक बहाना हो सकता है। AR Specs यूनिट में बड़ा निवेश, जिस पर $3.5 बिलियन से ज़्यादा खर्च हो चुका है और जो सालाना $500 मिलियन का घाटा दे रहा है, निवेशकों के लिए एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है। ऐसे में, यह सवाल उठता है कि कंपनी अपने संसाधनों का प्रबंधन कैसे कर रही है।
भविष्य की राह: मुनाफे वाली ग्रोथ और AI का इस्तेमाल
भविष्य को देखते हुए, Snap का कहना है कि उसकी रणनीति अब मुनाफे वाली ग्रोथ (profitable growth) पर केंद्रित है। कंपनी AI का इस्तेमाल एफिशिएंसी बढ़ाने और रेवेन्यू को बढ़ाने के लिए कर रही है। Snap अपने सब्सक्रिप्शन सर्विसेज (subscription services) और मार्जिन वाले ऐड्स (ads) पर ज़ोर दे रही है, साथ ही अपने AR प्लेटफॉर्म में निवेश जारी रखेगी। यह लागत नियंत्रण और इनोवेशन (innovation) को संतुलित करने का एक प्रयास है। हालांकि, यह देखना बाकी है कि यह रणनीति कितनी कारगर साबित होती है, खासकर एक्टिविस्ट निवेशकों की मांगों और नए टेक्नोलॉजीज को बिना साबित नतीजों के स्केल करने के जोखिमों को देखते हुए।