Silver Touch Technologies Limited ने हाल ही में हुए पोस्टल बैलट के बाद कई अहम कॉरपोरेट एक्शन (Corporate Action) का ऐलान किया है। कंपनी के शेयरधारकों ने 1:5 के रेशियो से स्टॉक स्प्लिट (Stock Split) को मंजूरी दे दी है। इसका सीधा मतलब है कि कंपनी के ₹10 फेस वैल्यू वाले हर एक शेयर को अब ₹2 फेस वैल्यू वाले पांच शेयरों में बदला जाएगा।
इस कदम से कंपनी के शेयर ज्यादा से ज्यादा निवेशकों के लिए आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे, जिससे स्टॉक की लिक्विडिटी (Liquidity) बढ़ने की उम्मीद है। इतना ही नहीं, शेयरधारकों ने बोनस शेयर जारी करने और कंपनी की अधिकृत पूंजी (Authorized Capital) को बढ़ाने के प्रस्तावों को भी हरी झंडी दिखा दी है। ये सभी निर्णय 18 फरवरी, 2026 से लागू होंगे।
आम तौर पर, स्टॉक स्प्लिट और बोनस शेयर जैसे कदम मैनेजमेंट के कंपनी की भविष्य की ग्रोथ और मजबूती के प्रति भरोसे को दर्शाते हैं। ये शेयर की ट्रेडिंग वॉल्यूम (Trading Volume) बढ़ा सकते हैं और रिटेल निवेशकों को आकर्षित कर सकते हैं। हालांकि, ये एक्शन कंपनी के असली वैल्यू (Intrinsic Value) को सीधे तौर पर नहीं बदलते, लेकिन ये शेयरधारकों को पुरस्कृत करने और बाजार में कंपनी की मौजूदगी को बढ़ाने के तरीके माने जाते हैं।
भविष्य में, शेयरधारकों को यह देखना होगा कि ये कॉर्पोरेट कदम कैसे बाजार में बेहतर भागीदारी और स्टॉक की री-रेटिंग (Re-rating) में तब्दील होते हैं। स्टॉक स्प्लिट और बोनस के बाद शेयरों की संख्या बढ़ने से, अर्निंग्स पर शेयर (EPS) की गणना एक बड़े आधार पर होगी, जिससे शुरुआती तौर पर EPS कम दिख सकता है, जब तक कि कंपनी का मुनाफा तेजी से न बढ़े।
कंपनी अपनी डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, क्लाउड और साइबर सिक्योरिटी सेवाओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जो आईटी सेक्टर (IT Sector) का एक बढ़ता हुआ सेगमेंट है। इससे पहले, TCS, Infosys जैसी बड़ी आईटी कंपनियों ने भी अपने शेयर की कीमतों को प्रबंधित करने और पहुंच बढ़ाने के लिए स्टॉक स्प्लिट जैसे कदम उठाए हैं।