AI-enabled सरकारी प्रोजेक्ट का ऐलान
AI के क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करते हुए, Silver Touch Technologies को एक बड़ा सरकारी ई-गवर्नेंस प्रोजेक्ट मिला है। इस प्रोजेक्ट के तहत, कंपनी एक अगली पीढ़ी का सिटीजन-सेंट्रिक पोर्टल (citizen-centric portal) और एक व्यापक पब्लिक ग्रीवेंस मैनेजमेंट इकोसिस्टम (public grievance management ecosystem) का निर्माण करेगी।
इसके अलावा, मुंबई कस्टम्स एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स (Mumbai Customs Air Cargo Complex) की आधिकारिक वेबसाइट भी तैयार की जाएगी, जिसमें AI-पावर्ड चैटबॉट (AI-powered chatbot) की सुविधा होगी। यह जीत कंपनी की AI और सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म में बढ़ती विशेषज्ञता को दर्शाती है।
प्रोजेक्ट का महत्व
यह प्रोजेक्ट सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता (transparency) और जवाबदेही (responsiveness) बढ़ाने के साथ-साथ सार्वजनिक सेवाओं तक पहुंच को और अधिक कुशल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह सरकारी डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन (digital transformation) और AI-संचालित सार्वजनिक सेवाओं (AI-driven public services) के क्षेत्र में Silver Touch की स्थिति को और मजबूत करता है।
कंपनी की पुरानी उपलब्धियां
1995 में स्थापित Silver Touch Technologies, सरकारी और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट्स में एक अनुभवी IT सॉल्यूशंस प्रोवाइडर (IT solutions provider) है। हाल ही में, जनवरी 2026 में, कंपनी ने भारत सरकार के पोर्टल्स के लिए एक राष्ट्रीय डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन प्लेटफॉर्म (national digital transformation platform) हेतु ₹250 करोड़ (लगभग $30 मिलियन) का एक बड़ा कॉन्ट्रैक्ट (contract) जीता था। इससे पहले भी कंपनी ने फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) के साथ एक रणनीतिक डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन कॉन्ट्रैक्ट अपने नाम किया है। कंपनी AI, क्लाउड (cloud), ऑटोमेशन (automation) और डेटा एनालिटिक्स (data analytics) में लगातार अपनी विशेषज्ञता बढ़ा रही है, ताकि वह उन्नत डिजिटल गवर्नेंस सॉल्यूशंस (advanced digital governance solutions) के लिए खुद को तैयार कर सके।
हालिया वित्तीय प्रदर्शन
हालिया वित्तीय नतीजों की बात करें तो, Silver Touch Technologies ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की तीसरी तिमाही (Q3 FY2025-26) में ₹96.34 करोड़ का रेवेन्यू (revenue) और ₹11.01 करोड़ का नेट प्रॉफिट (net profit) दर्ज किया था।
निवेशकों को क्या देखना है
निवेशकों को अब इस प्रोजेक्ट के सफल निष्पादन (execution) और समय पर डिलीवरी पर नजर रखनी चाहिए। साथ ही, इन नई नियुक्तियों से कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन और भविष्य में ऐसे ही बड़े AI और डिजिटल गवर्नेंस कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल करने की क्षमता पर भी ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा।