IPO का रास्ता साफ: 18 महीने में बाजार में दस्तक
ShareChat अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) की तैयारी कर रही है, जिसका लक्ष्य अगले 12 से 18 महीने में शेयर बाजार में लिस्ट होना है। कंपनी के सह-संस्थापक और CEO, अंकुश सचदेवा ने इस टाइमलाइन की पुष्टि की है। यह कदम कंपनी के नौ महीनों से लगातार कैश फ्लो पॉजिटिव रहने और EBITDA ब्रेकइवन (ब्रेकइवन प्वाइंट) हासिल करने जैसे महत्वपूर्ण परिचालन लक्ष्यों को पूरा करने के बाद उठाया जा रहा है।
फाइनेंशियल आउटलुक: रेवेन्यू लक्ष्य और वैल्यूएशन
ShareChat का अनुमान है कि फाइनेंशियल ईयर (FY) 2026 तक इसका रेवेन्यू लगभग ₹1,000 करोड़ तक पहुंच जाएगा, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 38% की जोरदार ईयर-ओवर-ईयर ग्रोथ दर्शाता है। साथ ही, FY25 में EBITDA लॉसेस घटकर ₹200 करोड़ से भी कम रहने की उम्मीद है। कंपनी ने अप्रैल 2026 को EBITDA, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) और कैश फ्लो तीनों के एक साथ पॉजिटिव होने का लक्ष्य रखा है। जहां 2022 में कंपनी का वैल्यूएशन $5 बिलियन के शिखर पर था, वहीं अब यह घटकर लगभग $1.5 बिलियन रह गया है। हालांकि, सचदेवा ने कहा कि वैल्यूएशन IPO के समय मार्केट कंडीशंस के आधार पर तय होगा।
स्ट्रैटजी में बदलाव: कॉस्ट कटिंग और नए रेवेन्यू स्रोत
ShareChat ने अपने बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव करते हुए हाई-कैश-बर्न मॉडल को छोड़कर अनुशासित कॉस्ट स्ट्रक्चर पर फोकस किया है। क्लाउड और सर्वर जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर खर्चों में कमी लाना इसका अहम हिस्सा रहा है। कंपनी विज्ञापन (Advertising) के अलावा, माइक्रो-ट्रांजैक्शन और सब्सक्रिप्शन जैसे नए रास्तों से रेवेन्यू बढ़ाने की कोशिश कर रही है। अपने शॉर्ट-वीडियो ऐप Moj के साथ, ShareChat के पास लगभग 200 मिलियन मंथली एक्टिव यूजर्स का बड़ा आधार है।
प्रॉफिट की ओर कदम: निवेशकों का समर्थन
प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) की राह पर आने के साथ, सचदेवा ने कंपनी के 'सर्वाइवल मोड' से 'बिल्ड मोड' में ट्रांजिशन (बदलाव) का जिक्र किया। Google, Temasek और Lightspeed Venture Partners जैसे प्रमुख निवेशकों का समर्थन हासिल है, जिन्होंने अब तक लगभग $1.2 बिलियन का फंड जुटाया है। वर्तमान पॉजिटिव कैश फ्लो कंपनी को IPO से पहले एक्सटर्नल फंडिंग की जरूरत को काफी कम कर देता है।
