Sasken Technologies ने 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हुई तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के लिए अपने वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 73.1% का शानदार इजाफा हुआ और यह ₹250.13 करोड़ पर जा पहुंचा। इसी तरह, EBIT में भी 542.3% की ज़बरदस्त उछाल देखी गई, जो ₹15.35 करोड़ रहा। EBIT मार्जिन सुधरकर 6.1% हो गया।
हालांकि, अगर पिछली तिमाही से तुलना करें तो रेवेन्यू में 2.1% की मामूली गिरावट आई है। सबसे बड़ा असर प्रॉफिट (PAT) पर देखने को मिला, जो एकमुश्त खर्चों के कारण तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) 13.0% घटकर ₹9.14 करोड़ रह गया। यह ₹8.31 करोड़ का एक बड़ा एकमुश्त खर्च नए लेबर कोड लागू करने के लिए किया गया था। अगर इन खास खर्चों को हटा दें, तो PAT में साल-दर-साल 70.1% की ग्रोथ देखी गई थी और यह ₹15.36 करोड़ पर था।
कंपनी के लिए अच्छी खबर यह है कि उसने नए महत्वपूर्ण ऑर्डर हासिल किए हैं, जिससे उसका ऑर्डर बुक $57 मिलियन तक पहुंच गया है। मैनेजमेंट का कहना है कि कंपनी के प्रोडक्ट बिजनेस में जो दिक्कतें दूसरी तिमाही में थीं, वे तीसरी तिमाही में काफी हद तक ठीक कर ली गई हैं। सर्विसेज बिजनेस को कंपनी का 'प्राइमरी ग्रोथ इंजन' बताया जा रहा है, जिसने ऑर्डर बुकिंग के लक्ष्य को पार कर लिया है।
आगे चलकर, Sasken के लिए नई बड़ी डील्स, खासकर अमेरिकी टेक्नोलॉजी हाइपरस्केलर के साथ हुई मल्टी-ईयर डील को सही तरीके से पूरा करना अहम होगा। प्रोडक्ट बिजनेस का स्थिरीकरण और ग्रोथ भी महत्वपूर्ण है। निवेशकों की नजर कंपनी की साल-दर-साल रेवेन्यू ग्रोथ को बनाए रखने और तिमाही गिरावट को पलटने की क्षमता पर रहेगी। इसके अलावा, ऑपरेटिंग खर्चों को कंट्रोल करना और ऑपरेटिंग मार्जिन को बनाए रखना भी बड़ी चुनौती होगी।