HBM4 की रेस में Samsung की आक्रामक चाल!
AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बेहद अहम हाई-बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) चिप्स के बाजार में Samsung Electronics ने अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने अपने HBM4 चिप्स का मास प्रोडक्शन (Mass Production) शुरू कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, Samsung की तुरंत Nvidia Corp. को इनके शुरुआती शिपमेंट भेजने की योजना है, जो कि फरवरी 2026 तक Nvidia के नए Vera Rubin AI एक्सेलेरेटर को पावर देने के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे। यह कदम Samsung की SK Hynix Inc. के HBM मार्केट में दबदबे को सीधे तौर पर चुनौती देने की मंशा को दर्शाता है। AI की जबरदस्त मांग के बीच, Samsung का मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalization) KRW 1,011.63 ट्रिलियन के पार जा चुका है, जो बाजार की इस तेजी को दिखाता है।
कॉम्पिटिशन का मैदान: SK Hynix का एज और Samsung की स्ट्रेटेजी
AI मेमोरी की रेस में मुकाबला बहुत कड़ा है। हालांकि Samsung तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन 2026 में HBM4 मार्केट का बड़ा हिस्सा SK Hynix के खाते में जाने का अनुमान है, जो लगभग 54% हो सकता है, जबकि Samsung का हिस्सा करीब 28% रहने की उम्मीद है। इतना ही नहीं, रिपोर्ट्स के मुताबिक, SK Hynix ने 2026-2027 के लिए Nvidia के शुरुआती HBM4 ऑर्डर्स का 70% से ज्यादा हिस्सा पहले ही सुरक्षित कर लिया है, जिससे वह Nvidia का मुख्य सप्लायर बना रहेगा। यह कॉम्पिटिशन दोनों कंपनियों की अलग-अलग स्ट्रेटेजी को भी दिखाता है। Samsung टेक्नोलॉजी-लेड स्ट्रेटेजी अपना रहा है, जिसमें वह अत्याधुनिक प्रोसेस पर जोर दे रहा है। वहीं, SK Hynix मास प्रोडक्शन की स्टेबिलिटी पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, और पिछली HBM जेनरेशन के अपने अनुभव का लाभ उठा रहा है। इस अंतर से यह तय होगा कि कौन पहले सप्लाई बढ़ा पाता है, जो मार्केट शेयर हासिल करने के लिए बेहद अहम है। Samsung का P/E रेशियो लगभग 24-29 के बीच है, जबकि SK Hynix का P/E रेशियो 11-13 पर ट्रेड कर रहा है, जो बाजार की अलग-अलग ग्रोथ और वैल्यू परसेप्शन को दिखाता है। Samsung का मार्केट कैप करीब KRW 1,011.63 ट्रिलियन है, जो SK Hynix के KRW 661 ट्रिलियन से काफी बड़ा है।
चिंताएं और मार्केट की चुनौतियां
Samsung के HBM4 प्रोडक्शन शुरू करने की घोषणा के बावजूद, कुछ बड़ी चुनौतियां अभी भी बाकी हैं। Nvidia का Vera Rubin प्लेटफॉर्म, जिसमें ये HBM4 चिप्स इस्तेमाल होंगे, ग्राहकों तक अगस्त 2026 तक नहीं पहुंचेगा। इसका मतलब है कि प्रोडक्शन में तुरंत बड़ा उछाल शायद उतना असरदार न हो जितना हेडलाइंस से लग रहा है। HBM4 में टेक्नोलॉजिकल लीडरशिप हासिल करने और SK Hynix की प्रोडक्शन स्टेबिलिटी को पार करने की Samsung की आक्रामक कोशिशों से यील्ड (Yield) रिस्क बढ़ सकता है। ओवरऑल मेमोरी मार्केट पहले से ही काफी तंग (Tight) चल रहा है, HBM3 और HBM3E नोड्स 2026 के आखिर तक लगभग सोल्ड आउट (Sold Out) बताए जा रहे हैं। यह कमी सिर्फ हाई-एंड AI कंपोनेंट्स तक सीमित नहीं है; यह स्मार्टफोन और लैपटॉप जैसे कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स के प्रोडक्शन में देरी और कीमतों में बढ़ोतरी का कारण बन रही है, जिससे Qualcomm जैसी कंपनियों पर भी असर पड़ रहा है। हालांकि Samsung का Q4 2025 में ऑपरेशनल प्रॉफिट मार्जिन 21.4% रहा, लेकिन कम एडवांस्ड प्रोडक्ट्स पर मेमोरी की कीमतों में बढ़ोतरी से मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है। इसके अलावा, एनालिस्ट्स के टारगेट प्राइस के हिसाब से Samsung में +22.11% का सीमित अपसाइड पोटेंशियल दिख रहा है, जबकि SK Hynix पहले से ही मजबूत स्थिति में है।
भविष्य का रास्ता और मार्केट पोजीशनिंग
AI इंफ्रास्ट्रक्चर की डिमांड एक मजबूत ट्रेंड बनी हुई है। Amazon और Alphabet जैसे हाइपरस्केलर्स डेटा सेंटर्स में भारी निवेश कर रहे हैं। यह लगातार डिमांड डेटा सेंटर चिप मार्केट के ग्रोथ को सपोर्ट कर रही है, जिसके 2034 तक USD 25.42 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। Samsung के लिए HBM4 रेस में सफल होना न सिर्फ मेमोरी मार्केट में, बल्कि AI इकोसिस्टम में अपनी पोजीशन मजबूत करने के लिए अहम है, जहां मेमोरी अब प्रोसेसिंग यूनिट्स जितनी ही क्रिटिकल हो गई है। एनालिस्ट्स का Samsung और SK Hynix दोनों के लिए 'Strong Buy' रेटिंग का कंसेंसस (Consensus) इस सेक्टर की ओवरऑल मजबूती को दिखाता है। हालांकि, कॉम्पिटिटिव लैंडस्केप, खासकर Nvidia का फेवर जीतने की SK Hynix के साथ चल रही दौड़ और ग्लोबल सप्लाई चेन की कैपेसिटी की कमी, कंपनी की लगातार सफलता के लिए अहम फैक्टर रहेंगे।
