Samsung के शेयर में आई तूफानी तेजी ने कंपनी को $1 ट्रिलियन के मार्केट कैप के पार पहुंचाया है। इस जबरदस्त उछाल का मुख्य श्रेय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर, खासकर हाई-बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) चिप्स की बढ़ती ग्लोबल डिमांड को जाता है, जो AI एक्सेलेरेटर के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
कंपनी के पहली तिमाही 2026 के नतीजे बेहद शानदार रहे। ऑपरेटिंग प्रॉफिट बढ़कर 57.2 ट्रिलियन वॉन पर पहुंच गया, जिसमें से 94% का बड़ा हिस्सा चिप डिवीजन से आया। यह साफ दिखाता है कि कंपनी अपने सेमीकंडक्टर बिजनेस पर कितनी ज्यादा निर्भर है। कुल रेवेन्यू 133.9 ट्रिलियन वॉन के रिकॉर्ड स्तर पर रहा, जो पिछली तिमाही से 43% ज्यादा है। Samsung का अनुमान है कि HBM की डिमांड आगे भी बनी रहेगी और कंपनी अपने पहले HBM4E सैंपल शेयर करने की तैयारी में है। वहीं, पूरी सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री 2026 तक सालाना $1 ट्रिलियन के रेवेन्यू तक पहुंचने की ओर अग्रसर है, जिसमें AI चिप्स की डिमांड सबसे बड़ी भूमिका निभा रही है।
फिलहाल Samsung का मार्केट वैल्यू करीब $1.2 ट्रिलियन है। इसका ट्रेलिंग ट्वेल्व मंथ्स (TTM) P/E रेश्यो लगभग 49.2 है, जबकि फ्यूचर P/E करीब 8.36 रहने का अनुमान है। इस वैल्यूएशन पर कंपनी कई दिग्गजों से मुकाबला कर रही है। TSMC, जिसका मार्केट कैप $2.17 ट्रिलियन है, का TTM P/E रेश्यो करीब 37.68 है। SK Hynix का P/E रेश्यो 0.98 से 28.1 के बीच है, वहीं Intel के P/E रेश्यो -172.68 से नीचे हैं, जो इसकी मौजूदा वित्तीय दिक्कतों को दर्शाते हैं। AI की मांग को हवा देने वाली Nvidia का मार्केट कैप करीब $5 ट्रिलियन और TTM P/E रेश्यो लगभग 40 है। एनालिस्ट्स आमतौर पर Samsung को लेकर पॉजिटिव हैं और इसकी 'स्ट्रॉन्ग बाय' रेटिंग के साथ 274,603 KRW का एवरेज 12-महीने का प्राइस टारगेट दे रहे हैं।
हालांकि, Samsung के सामने कई जोखिम भी खड़े हैं। सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री अपने साइक्लिकल नेचर (उतार-चढ़ाव) के लिए जानी जाती है। 'मेमफ्लेशन' (Memflation) यानी मेमोरी चिप्स की कीमतों में भारी बढ़ोतरी जारी रहने की उम्मीद है। Gartner की भविष्यवाणी के अनुसार, DRAM और NAND फ्लैश की कीमतें क्रमशः 125% और 234% तक बढ़ सकती हैं, और 2027 के अंत से पहले इनमें कोई खास राहत मिलने की संभावना कम है। यह मौजूदा प्रॉफिट को तो बढ़ाएगा, लेकिन AI के अलावा अन्य सेगमेंट्स (जैसे पीसी और स्मार्टफोन) में डिमांड कम कर सकता है। सैमसंग वर्कर्स की संभावित स्ट्राइक भी कंपनी की लागत बढ़ा सकती है और नतीजों को और अनिश्चित बना सकती है। Citygroup ने भी इन चिंताओं के चलते हाल ही में अपना प्राइस टारगेट कम किया है। TSMC, Nvidia जैसी कंपनियां एडवांस्ड चिप मैन्युफैक्चरिंग में कड़ी प्रतिस्पर्धा कर रही हैं। Samsung के मोबाइल और डिस्प्ले डिवीजनों पर वैसे भी मार्जिन का दबाव है, जो मेमोरी बिजनेस पर निर्भरता को और बढ़ा सकता है। 2027 तक चिप शॉर्टेज बढ़ने की चेतावनी भी सप्लाई चेन की भविष्य की समस्याओं का संकेत देती है।
इन चुनौतियों के बावजूद, Samsung की HBM4E जैसे नए प्रोडक्ट्स में स्ट्रैटेजिक निवेश AI एरा में लीडर बने रहने की उसकी मंशा दिखाते हैं। एनालिस्ट्स को 2029 तक एडवांस्ड मेमोरी की डिमांड जारी रहने की उम्मीद है, जो कंपनी के फाइनेंशियल्स को सपोर्ट करेगा। 2026 में AI सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री का मुख्य ग्रोथ इंजन बनने वाला है, जो कुल रेवेन्यू का लगभग आधा होगा। ऐसे में AI एडॉप्शन में कोई भी धीमी गति या बड़े टेक कंपनियों के निवेश में बदलाव कंपनी पर बड़ा असर डाल सकता है। हालांकि एनालिस्ट्स के प्राइस टारगेट और बढ़त का संकेत देते हैं, लेकिन इंडस्ट्री की निर्भरता और कॉम्पिटिशन पर ध्यान देना जरूरी है।
