Salesforce की चेतावनी: AI नहीं अपनाया तो कंपनियां होंगी पुरानी! 'डिजिटल डार्विनिज्म' का खतरा?

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AuthorNeha Patil|Published at:
Salesforce की चेतावनी: AI नहीं अपनाया तो कंपनियां होंगी पुरानी! 'डिजिटल डार्विनिज्म' का खतरा?
Overview

Salesforce के एक बड़े अधिकारी ने चेतावनी दी है कि AI असिस्टेंट अपनाने का मौका तेज़ी से कम हो रहा है। जो कंपनियां बदलाव नहीं करेंगी, वे पीछे छूट जाएंगी, जिसे वो 'डिजिटल डार्विनिज्म' कहते हैं। उन्होंने एक पांच-चरणीय योजना बताई: Redesign, Reskill, Redeploy, Restructure, और Reclaim। यह फ्रेमवर्क AI का इस्तेमाल रूटीन कामों को ऑटोमेट करने के लिए करता है, जिससे कर्मचारी ज़्यादा कीमती कामों पर ध्यान दे सकें। Salesforce का भारत में नया हिंदी सपोर्ट इसका एक उदाहरण है कि कैसे नई वैल्यू अनलॉक की जा सकती है।

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AI को अपनाने का समय तेज़ी से निकल रहा है!

"AI असिस्टेंट को अपनाने के बारे में अब सोचना काफी नहीं है, कंपनियों को तुरंत एक्शन लेना होगा, वरना वे पुरानी हो जाएंगी।" Salesforce के चीफ डिजिटल इवेंजेलिस्ट Vala Afshar का यह पैगाम बिल्कुल साफ है। उन्होंने मौजूदा तेज़ तकनीकी बदलाव को 'डिजिटल डार्विनिज्म' बताया, जहाँ सर्वाइवल (survival) पुरानी प्रणालियों के बजाय तेज़ी से अपनाने पर निर्भर करता है। इस ज़रूरत का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि Salesforce, SAP और ServiceNow जैसी बड़ी एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर कंपनियों के स्टॉक में इस साल काफी गिरावट देखी गई है।

ट्रांसफॉर्मेशन के '5 Rs'

Afshar ने AI-संचालित बदलाव के लिए एक स्ट्रैटेजिक प्लान पेश किया। इसकी शुरुआत Redesign से होती है: कंपनियों को अपने कामों का विश्लेषण करके ऐसे दोहराए जाने वाले, कम वैल्यू वाले कामों को खोजना होगा जिन्हें AI ऑटोमेट कर सके। उदाहरण के लिए, उन्होंने बताया कि सेल्स लीडर (Sales Leader) अपना सिर्फ़ 28% समय बेचने में लगाते हैं, जबकि 72% प्लानिंग और तैयारी में चला जाता है। AI असिस्टेंट अब इन कामों को कुशलता से संभाल सकते हैं।

अगला कदम है Reskill, जिसमें जिन कर्मचारियों की नौकरी बदल रही है, उन्हें नए स्किल सिखाए जाते हैं। इसके बाद उन्हें ज़्यादा कॉम्प्लेक्स, क्रिएटिव और स्ट्रेटेजिक रोल में Redeploy (रीडिप्लॉय) किया जाता है, अक्सर बेहतर सैलरी के साथ। Restructure का मतलब है इस नए काम करने के तरीके के अनुसार बजट, टीमों और मैनेजमेंट स्ट्रक्चर को एडजस्ट करना। आखिरी कदम, Reclaim Latent Value (छिपी हुई वैल्यू को फिर से हासिल करना), नई ऑपर्च्युनिटीज़ खोजना है। Salesforce का भारत में Agentforce Voice सपोर्ट हिंदी भाषा में लॉन्च करना इसका एक बेहतरीन उदाहरण है, जिसने 25 साल बाद बहुसंख्यक भाषा बोलने वाली आबादी की ज़रूरत को पूरा किया।

काम की परिभाषा बदलना

Salesforce का अपना सफर इस बदलाव को एक्शन में दिखाता है। Agentforce ने सिर्फ़ 16 महीनों में 3.5 मिलियन से ज़्यादा कस्टमर सर्विस केस सॉल्व किए। इस काम को मैनेज करने वाले 3,000 कर्मचारियों को निकाला नहीं गया; उन्हें री-ट्रेनिंग के बाद फॉरवर्ड डिप्लॉयमेंट इंजीनियर्स और सॉल्यूशंस इंजीनियर्स जैसे रोल में ले जाया गया। अब Salesforce के 85,000 कर्मचारियों में से 60,000 रोज़ाना Slack बॉट्स का इस्तेमाल करते हैं। यह एक नए 'हाइब्रिड वर्क' (Hybrid Work) का संकेत है जहाँ इंसान और AI मिलकर वैल्यू बनाते हैं, सिर्फ़ इस बात पर ध्यान केंद्रित करते हुए कि काम किसके साथ या किस चीज़ के साथ किया जाता है, न कि सिर्फ़ कहाँ। इससे हर कर्मचारी एक एकजुट टीम का हिस्सा बन जाता है।

कॉम्पिटिटिव एज (Competitive Edge)

Afshar का मानना है कि Salesforce का मुख्य कॉम्पिटिटिव एडवांटेज (competitive advantage) उसकी टेक्नोलॉजी नहीं, बल्कि उसके कर्मचारी हैं। Anthropic और OpenAI जैसे AI डेवलपर्स से कॉम्पिटिशन को स्वीकार करते हुए, वह तर्क देते हैं कि Salesforce की ताकत उसके 'डिटरमिनिज्म' (determinism) में निहित है—एक मज़बूत डेटा फाउंडेशन (data foundation) जो इसे सामान्य AI लैंग्वेज मॉडल्स की तुलना में ज़्यादा भरोसेमंद बनाता है। एक मज़बूत सिस्टम जो कॉन्टेक्स्ट (context), काम, AI असिस्टेंट और Slack जैसे कम्युनिकेशन टूल्स को इंटीग्रेट करता है, वह महत्वपूर्ण है। Salesforce अपने प्लेटफॉर्म को भी बदल रहा है, जिसमें नई पहलें AI एजेंट्स को मुख्य यूज़र्स (users) के रूप में आगे बढ़ा रही हैं, जो APIs के ज़रिए एक्सेसिबल होंगे। यह अप्रोच, ऑटोनोमस कार (autonomous cars) की तरह जो ड्राइवरों की ज़रूरत को कम करती है, एक्सेस को सरल बनाने का लक्ष्य रखती है। अंततः, अनुकूलन क्षमता (adaptability) और निरंतर सीखना भविष्य के वर्कफ़ोर्स के लिए सबसे महत्वपूर्ण स्किल हैं।

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