Sagility Share Price: निवेशकों की मौज! तिमाही नतीजों से कंपनी का रेवेन्यू 35% से ज़्यादा उछला

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Sagility Share Price: निवेशकों की मौज! तिमाही नतीजों से कंपनी का रेवेन्यू 35% से ज़्यादा उछला
Overview

Sagility Limited ने Q3 FY2026 में दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (consolidated revenue) साल-दर-साल (YoY) **35.7%** बढ़कर **₹19,712 मिलियन** (लगभग **$222 मिलियन**) हो गया है। इस शानदार प्रदर्शन के दम पर कंपनी ने FY2026 के लिए अपना रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस (revenue growth guidance) भी बढ़ाया है।

नतीजों का लेखा-जोखा: कंपनी ने क्या कमाल किया?

Sagility Limited ने Q3 FY2026 में अपने प्रदर्शन से सबको चौंका दिया। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 35.7% (INR में) बढ़कर ₹19,712 मिलियन पर जा पहुंचा। अगर कांस्टेंट करेंसी (Constant Currency - CC) में देखें तो यह ग्रोथ 29.1% रही, जबकि ऑर्गेनिक ग्रोथ (organic growth) 19.9% दर्ज की गई।

कंपनी के दो मुख्य सेगमेंट की बात करें तो, पेयर सेगमेंट (Payer segment), जो कुल रेवेन्यू का 90.4% है, में 37.3% की ज़बरदस्त ग्रोथ देखी गई। वहीं, प्रोवाइडर सेगमेंट (Provider segment) में भी 21.6% की वृद्धि हुई।

एडजस्टेड EBITDA (Adjusted EBITDA) में 24.2% का उछाल आया और यह ₹5,125 मिलियन (लगभग $57.7 मिलियन) पर पहुंच गया। इस तिमाही में एडजस्टेड EBITDA मार्जिन 26% रहा, जो कंपनी की उम्मीदों के अनुरूप है। एडजस्टेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (Adjusted PAT) में 23% की बढ़त के साथ यह ₹3,229 मिलियन दर्ज किया गया।

फाइनेंशियल ईयर 2026 के पहले नौ महीनों में, कंपनी का कुल रेवेन्यू 29.2% बढ़कर ₹51,686 मिलियन हो गया। इसी अवधि में, एडजस्टेड EBITDA और PAT में क्रमशः 25.3% और 44.3% का इजाफा हुआ।

आगे की राह: गाइडेंस और भविष्य की योजनाएं

कंपनी के मैनेजमेंट ने FY2026 के लिए कांस्टेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान 21% से बढ़ाकर 22.5% से ज़्यादा कर दिया है। इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह 'ओपन एनरोलमेंट' (Open Enrollment - OE) का बेहतरीन सीजन रहा, जिससे कंपनी को 5.5% रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही, BroadPath के इंटीग्रेशन का भी इसमें योगदान है। कंपनी का एडजस्टेड EBITDA मार्जिन गाइडेंस 25% पर बरकरार है।

भविष्य में ग्रोथ को और गति देने के लिए Sagility Synchrony जैसे नए सॉल्यूशंस लॉन्च किए जा रहे हैं और 32 तरह के AI-संचालित (AI-driven) यूज़ केसेस पर काम चल रहा है। इनका मकसद मौजूदा ग्राहकों में नए मौके तलाशना और बड़े ट्रांसफॉर्मेशन-आधारित सर्विसेज देना है।

एक अहम बात यह है कि कंपनी का लक्ष्य FY2027 तक अपना पूरा कर्ज चुका देना है। कंपनी ने यह भी बताया कि भारत के नए लेबर कोड के कारण ₹328 मिलियन का एक बार का खर्च आया है। तिमाही के अंत में, कंपनी का DSO (Days Sales Outstanding) 86 दिन था, जो पिछली तिमाही से थोड़ा ज़्यादा है, लेकिन उम्मीद है कि यह अगली तिमाही में सामान्य हो जाएगा।

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