IT सेक्टर में जहां बाकी कंपनियां मंदी की मार झेल रही हैं, वहीं Sagility Limited ने संस्थागत निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी 4.7 प्रतिशत अंक बढ़ाकर 10.3% कर ली है, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 6.5 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी के साथ अपनी हिस्सेदारी 21.4% तक पहुंचा दी है। सिर्फ एक तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में 11 प्रतिशत अंक से ज्यादा की यह बढ़ोतरी, बाजार की चाल के विपरीत Sagility की मजबूत फंडामेंटल्स पर निवेशकों के भरोसे को दर्शाती है।
नतीजों ने भरी उड़ान
इस संस्थागत विश्वास का आधार कंपनी के दमदार फाइनेंशियल नतीजे हैं। Sagility ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3FY26) में 36% की सालाना ग्रोथ के साथ ₹1,971 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹1,453 करोड़ था। टॉप-लाइन में इस बढ़ोतरी का सीधा असर बॉटम-लाइन पर दिखा, जहाँ नेट प्रॉफिट 35% बढ़कर ₹268 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹217 करोड़ था। यह परफॉर्मेंस मुख्य रूप से अमेरिका में हेल्थकेयर आउटसोर्सिंग सेवाओं की बढ़ती मांग से प्रेरित है। कंपनी ने इस तिमाही में 3 नए क्लाइंट्स भी जोड़े, जिससे FY26 में अब तक कुल 12 नए क्लाइंट्स हो गए हैं।
अमेरिका के हेल्थकेयर सेक्टर में मजबूत पकड़
Sagility अमेरिका के हेल्थकेयर सेक्टर में काम करती है, जहाँ यह इंश्योरर (पेयर्स) और प्रोवाइडर्स को खास बिजनेस प्रोसेस मैनेजमेंट (BPM) और टेक्नोलॉजी-बेस्ड सर्विसेज मुहैया कराती है। अमेरिका में हेल्थकेयर खर्चों में 7.2% की बढ़ोतरी और इंश्योरेंस कंपनियों द्वारा मार्जिन सुधार व ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर जोर देने से Sagility को सीधा फायदा हो रहा है। कंपनी अपने ऑपरेशन्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को तेजी से इंटीग्रेट कर रही है, 32 AI-ड्रिवेन यूज केस 10 क्लाइंट्स के लिए लागू किए जा चुके हैं। हाल ही में हुए BroadPath एक्विजिशन से भी कंपनी को खास पेयर सर्विसेज में नए मौके खुलने की उम्मीद है, और मैनेजमेंट अगले 2-3 साल में लगातार ग्रोथ की उम्मीद कर रहा है।
वैल्यूएशन और एफिशिएंसी का गणित
वैल्यूएशन के मोर्चे पर, Sagility का P/E रेशियो 26.3x है, जो इंडस्ट्री के औसत के करीब है। हालांकि, इसका PEG रेशियो 0.09 है, जो इंडस्ट्री के औसत 0.59 से काफी कम है। यह बताता है कि ग्रोथ के मुकाबले स्टॉक को अभी अंडरवैल्यूड माना जा सकता है। वहीं, कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 7.38% और रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) 9.58% है, जो इंडस्ट्री के औसत 12.68% और 16.12% से पीछे हैं। यह दिखाता है कि कंपनी के पास ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार की गुंजाइश है।
प्रतिस्पर्धियों से तुलना और बाजार का नजरिया
वैश्विक प्रतिद्वंद्वियों जैसे EXL Service और WNS Global Services की तुलना में Sagility का P/E रेशियो कंपेटिटिव है, जबकि PEG रेशियो बेहतर ग्रोथ-एडजस्टेड वैल्यू का संकेत देता है। US हेल्थकेयर आउटसोर्सिंग मार्केट में टेक्नोलॉजी एडॉप्शन, रेगुलेटरी डिमांड और एफिशिएंसी की तलाश के चलते 10-12% की CAGR से ग्रोथ का अनुमान है। पिछले एक साल में Sagility का शेयर करीब 30% बढ़ा है, जो Nifty IT इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन है।
भविष्य की राह में चुनौतियां
हालांकि, कंपनी के रिटर्न रेशियो इंडस्ट्री के औसत से कम होना एक चिंता का विषय है। मैनेजमेंट का मानना है कि बिजनेस के परिपक्व होने और एक्विजिशन से सिनर्जी मिलने के बाद इसमें सुधार होगा, लेकिन यह भी एक जोखिम है कि एफिशिएंसी में सुधार ग्रोथ के मुकाबले धीमा रह सकता है। US हेल्थकेयर सेक्टर पर निर्भरता भी एक रिस्क है, जहाँ रेगुलेटरी बदलाव या खर्च पैटर्न में बदलाव का असर पड़ सकता है।
एनालिस्ट्स की राय
एनालिस्ट Sagility को लेकर सावधानी से आशावादी हैं। 2025 के अंत की रिपोर्ट्स 'Buy' या 'Hold' रेटिंग और 10-15% के संभावित अपसाइड के साथ दिखती हैं। कंपनी की नजर BroadPath एक्विजिशन के सफल इंटीग्रेशन और US हेल्थकेयर इंडस्ट्री के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन व आउटसोर्सिंग की ओर बढ़ते रुझान का फायदा उठाने पर है। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि AI यूज केसेस का विस्तार और फेवरेबल OEP सीजन (जो FY26 रेवेन्यू में महत्वपूर्ण रहा) से ग्रोथ जारी रहेगी।