SETL का शानदार प्रदर्शन, पर निवेशकों की चिंताएं बरकरार
Standard Engineering Technology Ltd (SETL) के शेयर शुक्रवार, 15 मई 2026 को 3.23% बढ़कर ₹138.64 पर बंद हुए। कंपनी ने FY26 के लिए रिकॉर्ड नतीजे पेश किए, जिसमें पूरे साल के लिए कुल इनकम 26.7% बढ़कर ₹793 करोड़ रही। इसी दौरान, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 20.61% की उछाल के साथ ₹83 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी का PAT मार्जिन पूरे साल के लिए 10.4% दर्ज किया गया।
वहीं, मार्च तिमाही (Q4FY26) के नतीजे भी काफी दमदार रहे। इस तिमाही में कुल इनकम 34.97% बढ़कर ₹231 करोड़ रही और PAT में 26.33% की तेजी आकर यह ₹21 करोड़ पर पहुंच गया।
विस्तार की योजनाएं और मार्जिन पर दबाव
SETL अपनी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए सक्रिय है। कंपनी ने अपनी 75% सब्सिडियरी, Standard Projects Private Ltd, के जरिए सिविल कंस्ट्रक्शन के क्षेत्र में विस्तार किया है। इसके अलावा, मध्य पूर्व में अपनी उपस्थिति मजबूत करने के लिए कंपनी ने UAE की API Pharma Pharmaceutical Trading L.L.C. के साथ एक डिस्ट्रीब्यूशन एग्रीमेंट भी साइन किया है। मैनेजमेंट में भी बदलाव हुए हैं, Yasuyuki Ikeda को एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बनाया गया है और Kancherla Uma Maheswara Rao को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त किया गया है।
FY22 से FY26 के बीच कंपनी की सालाना इनकम ग्रोथ 35% CAGR रही है, लेकिन इस दौरान कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन में नरमी आई है। FY26 में कंपनी का EBITDA मार्जिन घटकर 17.4% रह गया, जो FY25 में 19.1% था। Q4FY26 में यह मार्जिन 15.5% रहा, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 16.6% था। कंपनी ने इन मार्जिन गिरावट के पीछे ऑपरेटिंग खर्चों में बढ़ोतरी, खासकर कर्मचारी लाभ, और Q3 FY26 में एक्सपोर्ट में देरी को जिम्मेदार ठहराया है।
ऊंची वैल्यूएशन की चिंता
SETL के मौजूदा वैल्यूएशन मेट्रिक्स निवेशकों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। कंपनी का P/E रेश्यो लगभग 33-34 के आसपास है, जबकि कुछ विश्लेषणों में यह 37.99 तक जाता है। वहीं, P/BV रेश्यो 3.83 है, जो इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के औसत से काफी ऊपर है। हालांकि, ISGEC Heavy Industries जैसे प्रतिस्पर्धी 24.33 के P/E पर ट्रेड कर रहे हैं, SETL के मल्टीपल्स BEML Ltd (P/E 66.86) या KRN Heat Exchanger (P/E 121.62) से कम हैं। कंपनी का EV टू EBITDA मल्टीपल 26.83 भी कमाई के मुकाबले एंटरप्राइज वैल्यू के ऊंचा होने का संकेत देता है।
शेयर के प्रदर्शन ने भी निवेशकों की सावधानी को और बढ़ा दिया है। यह स्टॉक सितंबर 2025 में अपने उच्चतम स्तर ₹203.95 से काफी गिर चुका है और साल-दर-साल 14% से अधिक की गिरावट दर्ज कर चुका है। करीब 10-14% का मामूली रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) और रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) भी इन वैल्यूएशन स्तरों पर कैपिटल डिप्लॉयमेंट की कुशलता पर सवाल खड़े करता है, खासकर मार्जिन में हो रही कमी को देखते हुए।
आगे की राह: ग्रोथ और जोखिम का संतुलन
SETL मैनेजमेंट का लक्ष्य कंपनी को एक इंटीग्रेटेड इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म के रूप में बदलना है, जिसमें हाई-प्रिसिजन इंजीनियरिंग और ऑटोमेशन जैसे क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा। नई सब्सिडियरी और डिस्ट्रीब्यूशन डील इस रणनीति का अहम हिस्सा हैं। हालांकि कंपनी ने कोई विशेष फॉरवर्ड-लुकिंग गाइडेंस नहीं दिया है, लेकिन ऐतिहासिक ग्रोथ के आंकड़े आगे भी इनकम में विस्तार का संकेत देते हैं।
फिर भी, निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि SETL बढ़ते खर्चों के बावजूद ग्रोथ की रफ्तार कैसे बनाए रखती है, ऑपरेटिंग मार्जिन में कैसे सुधार करती है, और नई पहलों के सफल कार्यान्वयन व एकीकरण के जरिए अपनी प्रीमियम वैल्यूएशन को कैसे सही ठहराती है। विश्लेषकों की सर्वसम्मति के अभाव में, ऊंची वैल्यूएशन मेट्रिक्स यह संकेत देते हैं कि यदि कंपनी अपने परिचालन में लड़खड़ाती है तो इसमें काफी गिरावट का जोखिम हो सकता है।