कंसोलिडेटेड नतीजों पर क्यों पड़ी भारी मार?
Route Mobile Limited के कंसोलिडेटेड नतीजों में बड़ी गिरावट का मुख्य कारण ₹135.87 करोड़ के एक्सेप्शनल राइट-ऑफ्स रहे। इनमें से ₹107.96 करोड़ एक आर्बिट्रेशन अवार्ड (Arbitration Award) से संबंधित थे, जो एक वेंडर के पक्ष में गया था। साथ ही, ₹27.91 करोड़ का राइट-ऑफ एक ऐसे वेंडर को दिए गए एडवांस (Advance) के लिए किया गया, जिसने अब ऑपरेशंस बंद कर दिए हैं। इन बड़े राइट-ऑफ्स के चलते, कंपनी पिछले साल के ₹85.47 करोड़ के नेट प्रॉफिट की तुलना में इस तिमाही में ₹18.83 करोड़ का शुद्ध घाटा झेल रही है।
कंपनी के कंसोलिडेटेड रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस (Consolidated Revenue from Operations) में भी साल-दर-साल 6.47% की गिरावट देखी गई, जो ₹1,107.06 करोड़ पर आ गया। नौ महीनों (Nine-month period) के लिए, जो 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुए, कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 47.94% घटकर ₹142.51 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल यह ₹273.65 करोड़ था। इसी तरह, नौ महीनों का रेवेन्यू 3.63% गिरकर ₹3,277.31 करोड़ हो गया। नतीजतन, प्रति शेयर आय (Diluted EPS) भी इस तिमाही में ₹3.37 के लॉस में बदल गई, जो पिछले साल ₹13.10 के प्रॉफिट में थी।
स्टैंडअलोन परफॉरमेंस में दिखी चमक
जहां कंसोलिडेटेड नतीजे कमजोर रहे, वहीं Route Mobile का स्टैंडअलोन परफॉरमेंस (Standalone Performance) काफी मजबूत रहा। स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट में 81.54% की जोरदार बढ़ोतरी हुई और यह ₹30.39 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹16.74 करोड़ था। यह उछाल आंशिक रूप से पिछले साल के स्टैंडअलोन नतीजों को प्रभावित करने वाले एक्सेप्शनल आइटम्स की अनुपस्थिति के कारण भी था। हालांकि, स्टैंडअलोन रेवेन्यू में 9.87% की गिरावट आई और यह ₹185.94 करोड़ रहा। नौ महीनों के लिए, स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 40.43% बढ़कर ₹93.72 करोड़ हो गया, लेकिन रेवेन्यू 18.42% घटकर ₹518.93 करोड़ रहा।
डिविडेंड की घोषणा और बड़े फेरबदल
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹3 प्रति इक्विटी शेयर का तीसरा अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) घोषित किया है। रिकॉर्ड डेट 13 फरवरी, 2026 तय की गई है।
कॉर्पोरेट गवर्नेंस के मोर्चे पर, कंपनी ने 1,500 स्टॉक ऑप्शंस (Stock Options) के लैप्स (Lapse) होने की जानकारी दी। इसके अलावा, मैनेजमेंट में अहम बदलावों को मंजूरी दी गई। मिस्टर राजदीपकमार गुप्ता को 9 फरवरी, 2026 से चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) के पद से री-डेजिग्नेट (Re-designate) करके मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) बनाया गया है। वहीं, मिस्टर तुषार अग्निहोत्री को 9 फरवरी, 2026 से नए चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) के रूप में नियुक्त किया गया है, जिनकी जिम्मेदारी ग्रोथ इनिशिएटिव्स को आगे बढ़ाना होगी।
निवेशकों पर असर:
बड़े राइट-ऑफ्स के कारण आए कंसोलिडेटेड नेट लॉस ने स्टैंडअलोन परफॉरमेंस की अच्छी खबरों को फीका कर दिया है। राइट-ऑफ्स से वेंडर रिस्क मैनेजमेंट और भविष्य की प्रॉफिटेबिलिटी पर सवाल उठते हैं। डिविडेंड से शेयरधारकों को कुछ राहत मिली है, लेकिन कंसोलिडेटेड नतीजों का गिरता ग्राफ निवेशकों के लिए सतर्क रहने का संकेत दे रहा है। नए सीईओ के नेतृत्व में कंपनी अपने ऑपरेशंस को कैसे स्थिर करती है, इस पर नजर रहेगी।