Ripple GTreasury का बड़ा दांव! अब XRP, RLUSD और Fiat को एक ही जगह मैनेज करें, कंपनियों को मिलेगी बड़ी सुविधा

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Ripple GTreasury का बड़ा दांव! अब XRP, RLUSD और Fiat को एक ही जगह मैनेज करें, कंपनियों को मिलेगी बड़ी सुविधा
Overview

Ripple ने अपने GTreasury प्लेटफॉर्म में बड़ा बदलाव किया है। अब कंपनियां XRP, RLUSD और Fiat जैसी डिजिटल एसेट्स को एक ही सिस्टम में मैनेज कर सकेंगी। **$1 बिलियन** की डील के बाद आए इस अपग्रेड का मकसद कॉर्पोरेट ट्रेजरी को आसान बनाना और इंडस्ट्री में नया स्टैंडर्ड सेट करना है।

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डिजिटल एसेट मैनेजमेंट को मिलेगी नई रफ्तार

Ripple ने अपने एंटरप्राइज ट्रेजरी मैनेजमेंट सिस्टम (TMS) को अब डिजिटल एसेट्स के लिए खोल दिया है। GTreasury प्लेटफॉर्म, जिसे $1 बिलियन में एक्वायर किया गया था, अब कॉर्पोरेट फाइनेंस टीमों को XRP, RLUSD (Ripple का स्टेबलकॉइन) और अन्य डिजिटल एसेट्स को सीधे अपने Fiat बैलेंस के साथ रखने, देखने और मैनेज करने की सुविधा देता है। यह नया इंटीग्रेशन मौजूदा ट्रेजरी वर्कफ्लो में डिजिटल एसेट फंक्शन्स को पूरी तरह से जोड़ता है, जिससे अब अलग सिस्टम या मैनुअल रिकॉन्सिलिएशन की जरूरत नहीं पड़ेगी।

बड़ी स्केल पर रियल-टाइम डेटा और सुविधा

GTreasury सिस्टम, जिसने 2025 में छोटे बिज़नेस से लेकर Fortune 500 कंपनियों तक के ग्राहकों के लिए $13 ट्रिलियन का पेमेंट संभाला था, अब डिजिटल एसेट्स के लिए रियल-टाइम Fiat वैल्यूएशन और ऑन-चेन एक्यूरेसी के साथ ऑटोमेटेड ट्रांज़ैक्शन रिकॉर्डिंग भी प्रदान करता है। यह विभिन्न एक्सटर्नल कस्टोडियन से APIs के ज़रिए जुड़ता है, जिससे ऑडिट और रिकॉन्सिलिएशन को आसान बनाने में मदद मिलती है और कॉर्पोरेट एडॉप्शन में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।

प्रतिस्पर्धी बाज़ार में Ripple की बढ़त

Ripple का यह कदम JPMorgan के Onyx जैसे पारंपरिक TMS प्रोवाइडर्स और फाइनेंशियल इंफ्रास्ट्रक्चर फर्म्स को सीधी टक्कर देता है। कंपनी का लक्ष्य एक नया इंडस्ट्री बेंचमार्क सेट करना है। Ripple के एक सर्वे के अनुसार, 72% ग्लोबल फाइनेंस लीडर्स का मानना है कि प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए कंपनियों को डिजिटल एसेट सॉल्यूशंस पेश करने ही होंगे। उम्मीद है कि 2026 तक, डिजिटल एसेट्स कई संस्थानों के लिए आम पोर्टफोलियो होल्डिंग्स बन जाएंगे।

RLUSD और रेगुलेटरी फ्रेमवर्क

इस रणनीति का अहम हिस्सा Ripple का रेगुलेटेड स्टेबलकॉइन RLUSD है, जो 2024 के अंत में लॉन्च हुआ था। यह 1:1 के अनुपात में US डॉलर से जुड़ा है, और रेगुलेटेड होने के कारण कॉर्पोरेट विश्वास बढ़ाने में मदद करता है। हालांकि, XRP अभी भी रेगुलेटरी जांच के दायरे में है, जो कुछ कॉर्पोरेट ट्रेज़री के लिए चिंता का विषय हो सकता है।

चुनौतियां और भविष्य की योजनाएं

तकनीकी प्रगति के बावजूद, XRP की रेगुलेटरी स्थिति और इंटीग्रेशन की व्यावहारिक मुश्किलें अभी भी बड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं। मार्च 2026 में XRP Exchange Traded Funds (ETFs) में नेट आउटफ्लोज़ ने यह संकेत दिया कि निकट भविष्य में संस्थागत विश्वास अभी भी सीमित हो सकता है। Stocktwits डेटा के अनुसार, XRP और RLUSD दोनों के लिए रिटेल सेंटीमेंट हाल ही में बेरिश (bearish) रहा है। Ripple का प्लान भविष्य में क्रॉस-बॉर्डर सेटलमेंट, इंटरकंपनी पेमेंट्स और स्टेबलकॉइन्स का उपयोग करके ओवरनाइट कैश पर यील्ड (yield) जनरेट करने जैसी सुविधाओं का विस्तार करने का है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.