कंजम्पशन की रिकवरी से वैल्यू रिटेल को बूस्ट
सिद्धार्थ खेमका वैल्यू रिटेल सेक्टर में नई जान देख रहे हैं, और उनकी नज़र में Vishal Mega Mart और V2 Retail जैसे नाम आगे रहेंगे। इस उम्मीद की वजह सरकारी नीतियों में हुए बदलाव और खासकर छोटे शहरों में कंज्यूमर खर्च का फिर से बढ़ना है, जिसे फिजिकल स्टोर्स के विस्तार से भी सहारा मिल रहा है। Vishal Mega Mart ने Q3 FY26 में पिछले साल के मुकाबले 17% ज़्यादा रेवेन्यू दर्ज किया, जबकि उनके स्टोर सेल्स में 9.6% की ग्रोथ देखी गई। वहीं, V2 Retail ने पिछले तीन सालों में रेवेन्यू और प्रॉफ़िट में दमदार ग्रोथ दिखाई है।
मगर, बाज़ार का उत्साह इन कंपनियों के वैल्यूएशन में भी दिख रहा है। Vishal Mega Mart का प्राइस-टू-अर्निंग (PE) रेश्यो करीब 56.2x है, और V2 Retail का 46.23x के आसपास है। ये मल्टीपल्स कई वैल्यू रिटेलर्स के ऐतिहासिक औसत से काफी ऊपर हैं, जिससे लगता है कि भविष्य की ग्रोथ का एक बड़ा हिस्सा पहले से ही शेयर की कीमतों में जुड़ चुका है। पिछले एक साल में, दोनों शेयरों में अच्छी बढ़ोतरी हुई है, जिसमें Vishal Mega Mart लगभग 23.76% और V2 Retail करीब 16.25% चढ़ा है।
AI इंफ्रास्ट्रक्चर: MTAR Technologies का हाई-वैल्यू प्ले
MTAR Technologies डेटा सेंटर और AI इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ते ग्लोबल निवेश का सीधा फ़ायदा उठाने के लिए तैयार दिख रही है। कंपनी अपनी प्रेसिजन इंजीनियरिंग (Precision Engineering) क्षमताओं का इस्तेमाल डिफेंस, एयरोस्पेस और क्लीन एनर्जी जैसे सेक्टर में कर रही है। कंपनी ने Q3 FY26 में पिछले साल के मुकाबले 59% की मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ बताई है और उसके पास ₹2,394.9 करोड़ का ऑर्डर बुक है। अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही के ऑर्डर्स में पांच गुना तक की छलांग देखी गई थी। अनुमान है कि कंपनी का रेवेन्यू 40% सीएजीआर (CAGR) और नेट प्रॉफ़िट 80% सीएजीआर से बढ़ सकता है।
हालांकि, MTAR Technologies का वैल्यूएशन इसकी प्रॉफ़िटेबिलिटी के मुकाबले काफी ज़्यादा है। इसका पीई रेश्यो लगभग 173.82x है, जबकि रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) करीब 7.65% है। यह दिखाता है कि बाज़ार AI ग्रोथ की क्षमता के लिए काफी प्रीमियम दे रहा है, जो इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च की साइक्लिकल नेचर (Cyclical Nature) या स्पेशलाइज्ड इंजीनियरिंग डोमेन में कॉम्पिटिशन के कारण अस्थिर हो सकता है। पिछले एक साल में स्टॉक लगभग 163.56% उछला है, जो इस हाई-ग्रोथ नैरेटिव को दर्शाता है।
इंडियन IT, AI की दोधारी तलवार का सामना कर रहा
इंडियन IT सर्विसेज सेक्टर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की वजह से एक बड़े बदलाव के दौर से गुज़र रहा है। खेमका Infosys और HCL Technologies जैसी कंपनियों को पसंद कर रहे हैं, क्योंकि वे AI क्षमताओं में निवेश कर रही हैं। प्रमुख IT कंपनियों द्वारा साइन किए गए कॉन्ट्रैक्ट्स में से करीब 74% अब AI से जुड़े हैं, जो AI-केंद्रित एंगेजमेंट्स की ओर बड़ा बदलाव दर्शाता है। 2030 तक ग्लोबल डेटा सेंटर क्षमता दोगुनी होने की उम्मीद है, और AI से इस सेक्टर में 14% सीएजीआर ग्रोथ की संभावना है, जिसके लिए $3 ट्रिलियन तक का निवेश चाहिए होगा।
जहां इससे नए अवसर पैदा हो रहे हैं, वहीं खेमका IT सर्विसेज के 15-18% बिज़नेस के लिए AI-संचालित डिसरप्शन (Disruption) के जोखिम की भी चेतावनी देते हैं। Infosys, जिसका पीई रेश्यो लगभग 18.8x और आरओई 28.8% है, पिछले एक साल में 27.07% गिरा है, जो शायद इसके लेगेसी बिजनेस एक्सपोजर (Legacy Business Exposure) पर बाज़ार की सावधानी को दर्शाता है। HCL Technologies, जिसका पीई रेश्यो लगभग 22.6x और आरओई 33.38% है, का एनालिस्ट टारगेट प्राइस ₹1,749.92 है, जो मौजूदा स्तरों से संभावित अपसाइड का संकेत देता है। सेक्टर की लॉन्ग-टर्म ग्रोथ इस बात पर निर्भर करेगी कि वे AI को कितनी फुर्ती से इंटीग्रेट (Integrate) करते हैं और ट्रेडिशनल सर्विसेज से हटकर ज़्यादा एडवांस्ड AI-संचालित समाधान पेश करते हैं।
भविष्य का आउटलुक
विश्लेषकों को उम्मीद है कि भारत का IT सेक्टर AI सर्विसेज की बदौलत मज़बूती से बढ़ेगा, कुछ का अनुमान है कि FY26 तक रेवेन्यू $300 बिलियन से अधिक हो जाएगा। पूरी भारतीय अर्थव्यवस्था के FY26 में लगभग 7.4% बढ़ने की उम्मीद है। MTAR Technologies के लिए, 40% रेवेन्यू सीएजीआर और लगभग 80% नेट प्रॉफ़िट सीएजीआर इसके प्रीमियम वैल्यूएशन के मुख्य चालक बने रहेंगे। रिटेल सेगमेंट का आउटलुक कंजम्पशन ग्रोथ जारी रहने और Vishal Mega Mart व V2 Retail जैसी कंपनियों की स्टोर विस्तार रणनीतियों से जुड़ा रहेगा।