रिलायंस जियो और गूगल का पार्टनरशिप, लाखों यूजर्स को मिलेंगे फ्री प्रीमियम AI टूल्स

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AuthorWhalesbook News Team|Published at:
रिलायंस जियो और गूगल का पार्टनरशिप, लाखों यूजर्स को मिलेंगे फ्री प्रीमियम AI टूल्स
Overview

रिलायंस इंडस्ट्रीज और गूगल ने भारत में लाखों जियो यूजर्स को फ्री प्रीमियम AI टूल्स उपलब्ध कराने के लिए एक बड़ी पहल शुरू की है। पात्र यूजर्स को Google AI Pro का 18 महीने का सब्सक्रिप्शन मिलेगा, जिसकी कीमत ₹35,100 है। इसमें Gemini 2.5 Pro जैसे एडवांस्ड AI मॉडल, AI जेनरेटर और काफी क्लाउड स्टोरेज शामिल हैं। यह रोलआउट 5G प्लान पर युवा यूजर्स के साथ शुरू हो रहा है, जिसका उद्देश्य AI को सुलभ बनाना और पूरे देश में व्यक्तियों और व्यवसायों को सशक्त बनाना है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और गूगल ने भारत में लाखों जियो सब्सक्राइबर्स के लिए प्रीमियम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स तक फ्री पहुंच प्रदान करने के लिए एक महत्वपूर्ण साझेदारी की घोषणा की है। यह सहयोग देश में सबसे बड़े उपभोक्ता-केंद्रित AI रोलआउट में से एक है।\n\nपात्र जियो यूजर्स जल्द ही Google AI Pro का 18 महीने का फ्री सब्सक्रिप्शन एक्टिवेट कर पाएंगे, जो प्रति यूजर ₹35,100 का पैकेज है। इस सब्सक्रिप्शन में गूगल के एडवांस्ड AI मॉडल, Gemini 2.5 Pro, AI इमेज और वीडियो जनरेशन टूल्स जिनका नाम नैनो बनाना (Nano Banana) और वियो 3.1 (Veo 3.1) है, नोटबुक एलएम (Notebook LM), और 2 टेराबाइट (TB) क्लाउड स्टोरेज तक की पहुंच शामिल है।\n\nयह पहल 18 से 25 वर्ष की आयु के जियो यूजर्स के लिए शुरू होगी जो अनलिमिटेड 5G प्लान पर हैं, और आने वाले महीनों में देश भर में चरणबद्ध विस्तार की योजना है।\n\nरिलायंस इंडस्ट्रीज ने कहा है कि इस सहयोग का उद्देश्य हर भारतीय घर तक AI टूल्स की पहुंच बनाना और देश को AI क्षमताओं से सशक्त बनाना है। उपभोक्ता पहुंच से परे, रिलायंस भारत के भीतर AI हार्डवेयर एक्सेलेरेटर, जिन्हें TPUs कहा जाता है, तक पहुंच का विस्तार करने के लिए गूगल क्लाउड के साथ भी काम करेगा, जिससे संगठन स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर AI मॉडल को प्रशिक्षित कर सकेंगे। रिलायंस जियो, गूगल क्लाउड के जेमिनी एंटरप्राइज (Gemini Enterprise) के लिए एक गो-टू-मार्केट पार्टनर के रूप में भी काम करेगा, जो व्यवसायों के लिए डिज़ाइन किया गया AI प्लेटफॉर्म है।\n\nरिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश डी. अंबानी ने सभी भारतीयों के लिए इंटेलिजेंस सेवाओं को सुलभ बनाने और उन्हें निर्माण, नवाचार और विकास के लिए AI टूल्स से सशक्त बनाने के लक्ष्य पर जोर दिया। गूगल और अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई ने भारत के डिजिटल भविष्य को आगे बढ़ाने में रिलायंस की दीर्घकालिक साझेदारी को उजागर किया, जो अब AI युग में विस्तारित हो गई है।\n\nप्रभाव:\nइस साझेदारी से भारतीय उपभोक्ताओं और व्यवसायों के बीच AI अपनाने में महत्वपूर्ण वृद्धि होने की उम्मीद है। प्रीमियम टूल्स को मुफ्त में पेश करके, यह प्रवेश बाधा को कम करता है, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार और उत्पादकता में वृद्धि हो सकती है। यह भारत को AI विकास और परिनियोजन के लिए एक प्रमुख बाजार के रूप में भी स्थापित करता है।\n\nप्रभाव रेटिंग: 8/10\n\nकठिन शब्द:\nAI (Artificial Intelligence): ऐसी तकनीक जो कंप्यूटर को ऐसे कार्य करने में सक्षम बनाती है जिनमें आमतौर पर मानव बुद्धि की आवश्यकता होती है, जैसे सीखना, समस्या-समाधान और निर्णय लेना।\nGemini 2.5 Pro: गूगल द्वारा विकसित एक मल्टीमॉडल AI मॉडल, जो टेक्स्ट, इमेज, ऑडियो और वीडियो सहित विभिन्न प्रकार की जानकारी को समझने और प्रोसेस करने में सक्षम है।\nNano Banana और Veo 3.1: गूगल द्वारा क्रमशः इमेज और वीडियो जेनरेट करने के लिए विकसित AI टूल्स के विशिष्ट नाम।\nNotebook LM: गूगल का एक रिसर्च असिस्टेंट टूल जो उपयोगकर्ताओं को जानकारी व्यवस्थित करने और दस्तावेजों से अंतर्दृष्टि उत्पन्न करने में मदद करता है।\nTPUs (Tensor Processing Units): गूगल द्वारा कस्टम-डिज़ाइन किए गए हार्डवेयर एक्सेलेरेटर, जो मशीन लर्निंग और AI वर्कलोड के लिए अनुकूलित हैं, और AI मॉडल को प्रशिक्षित और चलाने के लिए उपयोग किए जाते हैं।\nGemini Enterprise: व्यवसायों के लिए गूगल द्वारा डिज़ाइन किया गया एक AI प्लेटफॉर्म जो उन्हें दैनिक संचालन और व्यावसायिक प्रक्रियाओं के लिए AI-संचालित एजेंट बनाने और तैनात करने में मदद करता है।

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