Apple की खबर से Redington में आई तूफानी तेजी
शुक्रवार, 27 फरवरी 2026 को Redington के शेयर रॉकेट की तरह चढ़ गए। स्टॉक में लगभग 17% की जोरदार तेजी देखी गई। इस उछाल की मुख्य वजह Apple के CEO Tim Cook का सोशल मीडिया पर किया गया एक पोस्ट था, जिसमें उन्होंने "बड़े हफ्ते" का इशारा किया था। साथ ही, इस खबर ने भी जोर पकड़ा कि Apple भारत में अपने iPhone की मैन्युफैक्चरिंग (Manufacturing) को और बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।
Redington भारत और विदेश में Apple प्रोडक्ट्स का एक अहम डिस्ट्रीब्यूटर (Distributor) है। Apple से जुड़ी ऐसी खबरें कंपनी के लिए काफी फायदेमंद साबित होती हैं, क्योंकि Q3 FY26 में कंपनी के कुल रेवेन्यू (Revenue) का करीब 32% हिस्सा Apple से आता है। इस खबर के दम पर शेयर दिन के कारोबार में ₹285.80 के उच्च स्तर तक पहुंचा, जबकि बाजार में गिरावट का माहौल था। ट्रेडिंग वॉल्यूम (Trading Volume) भी सामान्य से काफी ऊपर रहा, करीब 85.1 लाख शेयर ट्रेड हुए।
नतीजों का सच: रेवेन्यू बढ़ा, मगर मुनाफे में दिखी नरमी
जहां एक तरफ Apple की खबरों से शेयर उछला, वहीं Redington के Q3 FY26 के नतीजे थोड़ी मिली-जुली तस्वीर पेश करते हैं। कंपनी ने Singapore, India, और South Asia (SISA) रीजन में 24% की शानदार ईयर-ऑन-ईयर (Year-on-Year) रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की, जो ₹16,600 करोड़ तक पहुंच गई। लेकिन, इस अहम क्षेत्र में मुनाफा उतना नहीं बढ़ा, जितना रेवेन्यू बढ़ा था। EBITDA में सिर्फ 1% और नेट प्रॉफिट (Net Profit) में केवल 3% की बढ़ोतरी हुई।
इसके विपरीत, दुनिया के बाकी हिस्सों (Rest of the World - ROW) में स्थिति काफी बेहतर रही। ROW में रेवेन्यू 18% बढ़ा, जबकि EBITDA में 21% और नेट प्रॉफिट में 30% की ग्रोथ देखी गई। अगर पूरे ग्रुप की बात करें, तो कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 16% बढ़कर ₹30,959 करोड़ रहा, और नेट प्रॉफिट 9% बढ़कर ₹436 करोड़ हो गया। कंपनी का PAT मार्जिन (Profit After Tax Margin) 1.41% रहा। हालांकि, यह भी सामने आया कि ग्रॉस मार्जिन (Gross Margin) में 47 बेसिस पॉइंट की गिरावट आई है, जिसका एक कारण टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस ग्रुप (TSG) में मार्जिन का कम होना और सहायक कंपनी Arena का प्रदर्शन रहा।
'Unlock Next' की जरूरत और भविष्य की रणनीति
SISA रीजन में मुनाफे की धीमी रफ्तार इस बात को साफ करती है कि Redington की 'Unlock Next' स्ट्रैटेजी (Strategy) कितनी महत्वपूर्ण है। कंपनी पारंपरिक 'बॉक्स-मूवर' (Box-mover) मॉडल से हटकर अब हाई-मार्जिन (High-margin) वाले क्लाउड सर्विसेज (Cloud Services), एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस (Enterprise Software Solutions) और एडवांस्ड मोबिलिटी सर्विसेज (Advanced Mobility Services) की ओर बढ़ रही है। यह स्ट्रैटेजी कंपनी को Apple जैसे बड़े क्लाइंट्स पर अपनी निर्भरता कम करने और मार्जिन पर पड़ने वाले दबाव से बचाने में मदद करेगी।
Apple पर निर्भरता और बाजार की चुनौतियां
Redington का भविष्य काफी हद तक Apple के प्रदर्शन से जुड़ा हुआ है। हालांकि Apple का भारत में प्रोडक्शन बढ़ाना कंपनी के लिए अच्छा संकेत है, लेकिन Apple के प्रोडक्ट्स की डिमांड में किसी भी तरह की कमी या बाजार में कोई अप्रत्याशित बदलाव Redington के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, Apple 2026-27 तक अपने iPhone प्रोडक्शन का 32% भारत में असेंबल करने का लक्ष्य रख रहा है।
विश्लेषकों (Analysts) की राय बंटी हुई है। जहां ज्यादातर एनालिस्ट्स 'Buy' रेटिंग दे रहे हैं और स्टॉक का टारगेट प्राइस लगभग ₹313.75 बता रहे हैं, वहीं BNP Paribas Securities ने 'UNDERPERFORM' रेटिंग देते हुए टारगेट ₹158 रखा है। भारतीय IT हार्डवेयर मार्केट में HP, Dell, Lenovo जैसी बड़ी कंपनियां हावी हैं, लेकिन Redington एक प्रमुख डिस्ट्रीब्यूटर बनी हुई है। कंपनी का P/E रेश्यो (Price-to-Earnings Ratio) लगभग 10.8x है, जो इंडियन इलेक्ट्रॉनिक इंडस्ट्री के औसत 26.7x और पीयर एवरेज 38.6x से काफी कम है।
आगे का रास्ता और एनालिस्ट्स का भरोसा
कुछ क्षेत्रों में मार्जिन की चिंता के बावजूद, Redington की 'Unlock Next' स्ट्रैटेजी और भारत के IT हार्डवेयर मार्केट की मजबूत ग्रोथ उम्मीदें जगाती है। यह मार्केट 2030 तक USD 29.84 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। एनालिस्ट्स का मानना है कि कंपनी का 12 महीने का टारगेट प्राइस ₹313.75 से ₹318.75 तक हो सकता है, जो मौजूदा स्तर से 12% से ज्यादा का रिटर्न दे सकता है। कंपनी AI क्षमताओं में निवेश कर रही है और अपनी सर्विस पोर्टफोलियो को बढ़ा रही है, ताकि लंबी अवधि में ग्लोबल स्तर पर ग्रोथ सुनिश्चित की जा सके।