Redington Ltd ने वित्तीय वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं। इस अवधि में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट साल-दर-साल 41.3% घटकर ₹391 करोड़ रहा। यह तब हुआ जब कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 25.6% बढ़कर ₹33,213 करोड़ तक पहुँच गया।
इस बड़ी गिरावट का मुख्य कारण मार्जिन पर पड़ा दबाव है। कंपनी का नेट प्रॉफिट मार्जिन पिछले साल की इसी तिमाही में लगभग 2.53% से घटकर इस बार सिर्फ 1.18% रह गया।
हालांकि, कंपनी के कुछ सेगमेंट में अच्छी ग्रोथ दिखी। भारत में कंपनी का रेवेन्यू 50% बढ़ा और नेट प्रॉफिट में 41% की तेजी आई। सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस (SSG) सेगमेंट में 31% और एंड पॉइंट सॉल्यूशंस (ESG) में 28% की ग्रोथ दर्ज की गई, जिसका मुख्य कारण PCs और AI डिवाइसेज की मांग है। टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस ग्रुप (TSG) ने भी बड़े एंटरप्राइज डील्स की वजह से 34% की बढ़त हासिल की।
लेकिन, इन शानदार प्रदर्शनों के बावजूद, अन्य क्षेत्रों में दबाव या बढ़ते ऑपरेटिंग कॉस्ट (Operating Costs) ने कुल लाभप्रदता (Profitability) को प्रभावित किया।
कंपनी ने शेयरधारकों को खुश करते हुए ₹6 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड (Dividend) प्रस्तावित किया है।
विश्लेषकों का नजरिया अभी भी पॉजिटिव है। उनका मानना है कि रेवेन्यू ग्रोथ और क्लाउड, AI तथा डिजिटल सर्विसेज पर कंपनी का फोकस भविष्य के लिए अच्छा है। कंसेंसस 'Buy' रेटिंग के साथ, एवरेज 12-महीने का टारगेट प्राइस लगभग ₹313.75 से ₹317.9 के बीच है।
13 मई 2026 को, कंपनी का शेयर ₹211.15 पर बंद हुआ था। रेडिंगटन का पी/ई रेश्यो (P/E Ratio) 9.10x से 14.14x के बीच है, जो BSE IT इंडेक्स के 20.8 पी/ई रेश्यो से कम है।
