Rashi Peripherals Share Price: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! Q3 में Revenue **43%** उछला, PAT **132%** चढ़ा

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Rashi Peripherals Share Price: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! Q3 में Revenue **43%** उछला, PAT **132%** चढ़ा
Overview

Rashi Peripherals ने Q3 FY26 में अपने निवेशकों को शानदार तोहफा दिया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू साल-दर-साल (YoY) **43%** बढ़कर **₹4,030 करोड़** पर पहुंच गया, वहीं नेट प्रॉफिट (PAT) में **132%** की जबरदस्त उछाल आई और यह **₹75 करोड़** रहा। कंपनी का मानना है कि पीसी मार्केट में रिकवरी, स्ट्रैटेजिक प्राइसिंग और टेक्नोलॉजी अपग्रेड साइकिल से यह ग्रोथ आई है। मैनेजमेंट आगे भी ग्रोथ को लेकर उत्साहित है, हालांकि माइक्रोन के 'Crucial' ब्रांड के बिजनेस से बाहर निकलने का असर भी रहेगा। कंपनी ने अपने वर्किंग कैपिटल को **60 दिन** पर बनाए रखा है और डेट-टू-इक्विटी रेशियो **0.5** है।

कंपनी के नतीजे: क्या है खास?

Rashi Peripherals Limited ने Q3 FY26 में दमदार परफॉर्मेंस दिखाई है। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल की इसी तिमाही की तुलना में 43% बढ़कर ₹4,030 करोड़ रहा। वहीं, नेट प्रॉफिट (PAT) में तो 132% का शानदार उछाल दर्ज किया गया, जो ₹75 करोड़ तक पहुंच गया। इस तिमाही में कंपनी के मार्जिन्स सुधरकर 1.85% हो गए।

अगर पिछले नौ महीनों (9MFY26) की बात करें, तो कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 5% बढ़कर ₹11,338 करोड़ हुआ, और PAT 25% बढ़कर ₹196 करोड़ रहा, जिसका मार्जिन 1.72% था। स्टैंडअलोन नतीजों में भी यही तेजी दिखी, जहां Q3 FY26 में रेवेन्यू 47% बढ़कर ₹3,895 करोड़ हुआ और PAT 128% बढ़कर ₹70 करोड़ रहा।

इस तिमाही में लेबर कोड ऑब्लिगेशन्स के चलते करीब ₹4 करोड़ का अतिरिक्त खर्चा भी आया।

ग्रोथ की वजहें और आगे का प्लान

यह जबरदस्त PAT ग्रोथ दिखाती है कि रेवेन्यू सिर्फ वॉल्यूम से नहीं, बल्कि बेहतर प्राइसिंग और प्रोडक्ट मिक्स से भी बढ़ा है। अब पर्सनल कंप्यूटिंग और एंटरप्राइज सॉल्यूशंस (PES) सेगमेंट रेवेन्यू का 56% हिस्सा हो गया है। मैनेजमेंट का कहना है कि एंटरप्राइज फ्रेशेस और AI अडॉप्शन की वजह से टेक्नोलॉजी अपग्रेड साइकिल मल्टी-ईयर ग्रोथ दे सकती है, जिससे कंपनी काफी उत्साहित है। हालांकि, डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस के कम मार्जिन नेचर के कारण PAT मार्जिन अभी भी मॉडरेट हैं। कंपनी अपने ROCE (कैपिटल एम्प्लॉयड पर रिटर्न) को सुधारने पर काम कर रही है, जिसे अगले दो से तीन साल में IPO से पहले के लेवल पर लाने का लक्ष्य है।

चिंताएं और रिस्क

एक बड़ी चिंता यह है कि माइक्रोन का 'Crucial' कंज्यूमर ब्रांड बिजनेस धीरे-धीरे बंद हो रहा है। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि वे इस नुकसान की भरपाई कर लेंगे, लेकिन यह एक बड़े पार्टनरशिप में महत्वपूर्ण बदलाव है। इसके अलावा, पिछले नौ महीनों में बड़े प्रोजेक्ट ऑर्डर्स की बुकिंग न होना (जिसे कलेक्शन एफर्ट्स के लिए 'बाय डिजाइन' बताया गया) भी निवेशकों के लिए जांच का विषय हो सकता है, भले ही FY27 के लिए पाइपलाइन अच्छी हो।

फ्यूचर आउटलुक

आगे के लिए, कंपनी का मानना है कि कंपोनेंट प्राइस में बढ़ोतरी और डॉलर की मजबूती के कारण एवरेज सेलिंग प्राइस (ASPs) बढ़ेंगे, जिससे रेवेन्यू ग्रोथ जारी रहेगी। यूनिट वॉल्यूम ग्रोथ अगले कुछ क्वार्टर्स में स्टेबल या फ्लैट रहने की उम्मीद है। कंपनी यूएई (UAE) में एक नई सब्सिडियरी खोलकर अपने ऑपरेशनल फुटप्रिंट का विस्तार भी कर रही है। Q4 FY26 से डेल (Dell) बिजनेस से भी बड़े ग्रोथ की उम्मीद है।

फाइनेंशियल हेल्थ

कंपनी ने अपना वर्किंग कैपिटल डेज 60 दिन पर बनाए रखा है, जिसमें इन्वेंटरी 56 दिन की है ताकि डिमांड को पूरा किया जा सके। डेटर्स डेज सुधरकर 47 दिन हो गए हैं। साल-दर-तारीख (Year-to-date) ऑपरेटिंग कैश फ्लो ₹34 करोड़ पॉजिटिव रहा है। डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.5 के स्वस्थ स्तर पर है, जिसे AA क्रेडिट रेटिंग का सपोर्ट है। कंपनी अपने बॉरोइंग की कॉस्ट (जो अभी 7.5%-8% है) को और कम करने के लिए प्रयास कर रही है।

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