बाज़ार में आया भूचाल: RMG बैन का गहरा असर
August 2025 में Real Money Gaming (RMG) प्लेटफॉर्म्स जैसे फैंटेसी स्पोर्ट्स, रमी और पोकर पर पाबंदी लगने के बाद, भारतीय गेमिंग इंडस्ट्री पूरी तरह से बदल गई है। अब इंडस्ट्री का मुख्य ध्यान eSports, फ्री-टू-play गेम्स, इन-ऐप परचेजेज (IAP) और एडवरटाइजिंग (Advertising) जैसे रेवेन्यू स्ट्रीम्स पर केंद्रित हो गया है, जिसने बाज़ार की संरचना को पूरी तरह से नया रूप दे दिया है।
PUBG, Free Fire का दबदबा: कुछ के हाथ बाज़ार का 70-80% हिस्सा
इस पाबंदी के चलते बाज़ार अब कुछ गिने-चुने बड़े प्लेयर्स के कब्ज़े में आ गया है, जो कि $1 बिलियन के अनुमानित सेक्टर का 70-80% हिस्सा नियंत्रित करते हैं। Krafton का PUBG/BGMI और Garena का Free Fire इस रेस में सबसे आगे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, PUBG/BGMI अकेले लाखों रोज़ाना और मासिक यूज़र्स के ज़रिए सालाना ₹2,000 करोड़ से ₹2,500 करोड़ तक की कमाई कर रहा है, जिसमें 80% आय इन-ऐप परचेजेज (IAP) से आती है। वहीं, Free Fire ज़्यादा यूज़र्स को आकर्षित करता है, लेकिन रेवेन्यू के मामले में थोड़ा पीछे है।
eSports की रफ्तार और रेवेन्यू की चुनौती
eSports अब सबसे तेज़ी से बढ़ता हुआ 'कंप्लायंट' सेगमेंट बनकर उभरा है, जो सालाना लगभग 20% की दर से आगे बढ़ रहा है। NODWIN Gaming इस क्षेत्र में एक बड़ा नाम है, जो टूर्नामेंट्स और स्पॉन्सरशिप्स से सालाना ₹500-600 करोड़ कमा रहा है। हालांकि, Ludo King जैसे कैज़ुअल गेम्स के लिए चुनौतियां बनी हुई हैं, जो अच्छी-खासी एंगेजमेंट के बावजूद सालाना ₹250 करोड़ का रेवेन्यू जनरेट कर पाता है। मौजूदा रेवेन्यू मॉडल ज़्यादातर 80% इन-ऐप परचेजेज (IAP) और 20% एडवरटाइजिंग पर निर्भर है, जहाँ IAP अक्सर कॉम्पिटिटिव एडवांटेज या सोशल स्टेटस से जुड़ा होता है।
विदेशी रुख, टैक्स का नुकसान और भविष्य की उम्मीदें
इस बैन का एक बड़ा अनपेक्षित असर यह हुआ है कि पहले RMG खेलने वाले यूज़र्स का एक बड़ा वर्ग अब क्रिप्टो चैनल्स के ज़रिए विदेशी प्लेटफॉर्म्स की ओर चला गया है। अनुमान है कि सरकार को सालाना लगभग ₹25,000 करोड़ के टैक्स रेवेन्यू का नुकसान हुआ है। भविष्य में इस सेक्टर की ग्रोथ रेगुलेटरी क्लैरिटी पर निर्भर करेगी, खासकर eSports के टूर्नामेंट्स और मोनेटाइजेशन (Monetization) को लेकर। इंडस्ट्री अब स्किल-बेस्ड RMG की वापसी की उम्मीद कर रही है, लेकिन सख्त नियमों के तहत, जिससे यह सेक्टर एक बार फिर बदल सकता है।
