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Quantum Computing का बड़ा खतरा: Bitcoin और Ethereum की एनक्रिप्शन चंद दिनों में टूट सकती है!

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Quantum Computing का बड़ा खतरा: Bitcoin और Ethereum की एनक्रिप्शन चंद दिनों में टूट सकती है!
Overview

नई रिसर्च के मुताबिक, क्वांटम कंप्यूटर अब केवल **10,000 फिजिकल क्यूबिट्स** का इस्तेमाल करके Bitcoin और Ethereum जैसे क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट्स की एनक्रिप्शन को तोड़ सकते हैं। यह पहले के अनुमानों से कहीं कम है, जिससे क्रिप्टो इंडस्ट्री को तुरंत क्वांटम-रेसिस्टेंट प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट होने की ज़रूरत आन पड़ी है।

क्वांटम कंप्यूटिंग का बदलता खतरा

यह रिसर्च, जो हाल ही में arXiv प्रीप्रिंट सर्वर पर पब्लिश हुई है, सीधे तौर पर Elliptic Curve Cryptography (ECC-256) को निशाना बनाती है, जो Bitcoin और Ethereum जैसे क्रिप्टोकरेंसी के लिए स्टैंडर्ड सिक्योरिटी है। रिसर्चर्स का मानना है कि लगभग 10,000 फिजिकल क्यूबिट्स वाले क्वांटम सिस्टम से इस एनक्रिप्शन को तोड़ा जा सकता है। यह पहले के अनुमानों से काफी कम है, जिनमें लाखों क्यूबिट्स की ज़रूरत पड़ती थी। इस कमी का मतलब है कि हैकर्स बहुत कम समय में ही प्राइवेट कीज़ (private keys) निकालकर आपके डिजिटल एसेट्स (digital assets) पर कब्ज़ा कर सकते हैं।

एनक्रिप्शन स्टैंडर्ड्स पर बड़ा अटैक

इस पेपर के अनुसार, करीब 26,000 क्यूबिट्स वाला एक क्वांटम सिस्टम लगभग 10 दिनों में ECC-256 को क्रैक कर सकता है। वहीं, कई फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले RSA-2048 स्टैंडर्ड को तोड़ने के लिए ज़्यादा क्यूबिट्स (102,000) की ज़रूरत पड़ेगी, जिसमें करीब तीन महीने लग सकते हैं। लेकिन, ECC-256 अपनी छोटी की साइज़ के कारण क्वांटम मशीनों के लिए ज़्यादा आसान टारगेट बन जाता है।

इंडस्ट्री का रिएक्शन और कुछ चेतावनियां

यह डेवलपमेंट क्वांटम थ्रेट के संभावित टाइमलाइन में सबसे बड़ी कटौती दिखाता है। पब्लिक-की एनक्रिप्शन को तोड़ने वाले Shor's Algorithm के लिए ज़रूरी क्यूबिट्स की संख्या पिछले दो दशकों में तेजी से गिरी है। हालांकि, इस रिसर्च के सभी नौ लेखक Oratomic कंपनी के शेयरहोल्डर हैं, और छह लोग वहां काम भी करते हैं। यह इशारा करता है कि यह रिसर्च उनके हार्डवेयर अप्रोच के लिए एक रोडमैप भी हो सकती है। अब बड़ा सवाल यह नहीं है कि क्वांटम सिस्टम क्रिप्टो को तोड़ पाएंगे या नहीं, बल्कि यह है कि इंडस्ट्री कितनी जल्दी क्वांटम-रेसिस्टेंट प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट हो पाती है, इससे पहले कि एसेट्स को सिक्योर करने की लागत गिर जाए।

बड़े पैमाने पर असर

भले ही इन विशिष्ट अनुमानों के तहत कुछ मिनटों में कीज़ को क्रैक करने वाला 'ऑन-स्पेंड' अटैक शायद तुरंत संभव न हो, लेकिन पुराने और री-यूज़्ड एड्रेस पर मौजूद लाखों Bitcoin और अन्य एसेट्स के लिए लॉन्ग-टर्म खतरा काफी बड़ा है। इसलिए, अब सारा फोकस क्वांटम-रेसिस्टेंट क्रिप्टोग्राफिक सॉल्यूशंस पर माइग्रेट करने पर है।

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